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देश में अब तक कोरोना का पीक नहीं, इसमें थोड़ा और समय लगेगा
Sun, 26 Jul 2020 05:51 AM IST
अवधेश कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, हैदराबाद
अमर उजाला नेटवर्क, हैदराबाद
Published by: अवधेश कुमार
Updated Sun, 26 Jul 2020 05:51 AM IST
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कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : iStock
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देश में दो दिन के भीतर एक लाख नए मरीज मिले हैं, लेकिन अभी ये पीक नहीं है। हर राज्य में संक्रमण का फैलाव अलग तरह से होगा, जिससे मरीजों की संख्या बेहिसाब बढ़ेगी। पीक आने में समय लगेगा और इसके लिए तैयार रहना होगा। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक हेल्थ हैदराबाद के निदेशक प्रो. जीवीएस मूर्ति का कहना है कि दिल्ली जुलाई के अंत या अगस्त की शुरुआत में पीक का साक्षी बन सकता है। महाराष्ट्र, तमिलनाडु और कर्नाटक समेत अन्य राज्यों में सितंबर के अक्तूबर के बीच वायरस पीक पर हो सकता है। झारखंड में पीक पर पहुंचने में समय लगेगा क्योंकि यहां प्रवासी मजदूरों की वापसी के साथ वायरस का दखल बढ़ा है।
प्रवासी मजदूरी की वापसी अपना असर दिखाएगी...
प्रो. मूर्ति के अनुसार बिहार, झारखंड और यूपी में मजदूरों या राज्य के दूसरे लोगों की वापसी अभी भी जारी है। ऐसे में प्रवासी लोगों की वापसी और असर दिखाएगी क्योंकि संक्रमण को फैलने में 10 से 14 दिन का समय लगता है और दूसरे को इसका पता लगने में भी कुछ दिन लग जाते हैं। कुछ राज्यों में कोरोना का पीक सितंबर और अक्तूबर में आ सकता है खासतौर पर वहां जहां पहले कम मरीज मिल रहे थे।
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प्रवासी मजदूरी की वापसी अपना असर दिखाएगी...
प्रो. मूर्ति के अनुसार बिहार, झारखंड और यूपी में मजदूरों या राज्य के दूसरे लोगों की वापसी अभी भी जारी है। ऐसे में प्रवासी लोगों की वापसी और असर दिखाएगी क्योंकि संक्रमण को फैलने में 10 से 14 दिन का समय लगता है और दूसरे को इसका पता लगने में भी कुछ दिन लग जाते हैं। कुछ राज्यों में कोरोना का पीक सितंबर और अक्तूबर में आ सकता है खासतौर पर वहां जहां पहले कम मरीज मिल रहे थे।
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स्वास्थ्य सुविधाएं बेपटरी हो जाएंगी...
प्रो. मूर्ति का कहना है कि सरकारों को पूरी तैयारी रखनी होगी। अचानक मरीजों के बढ़ने से स्वास्थ्य सुविधाएं बेपटरी हो सकती हैं। इस तरह की चीजें मुंबई और दूसरे राज्यों में देखने को मिली भी हैं। केरल में लगा, कोरोना खत्म हो गया लेकिन पिछले दस दिनों से आंकड़े तेजी के साथ बढ़े हैं जो पहले की तुलना में अधिक हैं। घनी बस्तियों में सख्त निगरानी की जरूरत है।
थ्री ‘टी‘ के फॉर्मूले पर करना होगा काम...
तीन ‘टी’ के फॉर्मूले पर काम करना होगा। पहला टेस्ट (जांच), दूसरा ट्रैक (पहचान), और तीसरा ट्रीटमेंट (इलाज) इसी से वायरस के प्रभाव को कम किया जा सकता है। लोगों को भी नियमित मास्क पहनना होगा, हाथों को धोना होगा और सोशल डिस्टेंसिंग रखनी होगी। शक होने पर बिना देर किए स्वास्थ्य विभाग को सूचित करें।
प्रो. मूर्ति का कहना है कि सरकारों को पूरी तैयारी रखनी होगी। अचानक मरीजों के बढ़ने से स्वास्थ्य सुविधाएं बेपटरी हो सकती हैं। इस तरह की चीजें मुंबई और दूसरे राज्यों में देखने को मिली भी हैं। केरल में लगा, कोरोना खत्म हो गया लेकिन पिछले दस दिनों से आंकड़े तेजी के साथ बढ़े हैं जो पहले की तुलना में अधिक हैं। घनी बस्तियों में सख्त निगरानी की जरूरत है।
थ्री ‘टी‘ के फॉर्मूले पर करना होगा काम...
तीन ‘टी’ के फॉर्मूले पर काम करना होगा। पहला टेस्ट (जांच), दूसरा ट्रैक (पहचान), और तीसरा ट्रीटमेंट (इलाज) इसी से वायरस के प्रभाव को कम किया जा सकता है। लोगों को भी नियमित मास्क पहनना होगा, हाथों को धोना होगा और सोशल डिस्टेंसिंग रखनी होगी। शक होने पर बिना देर किए स्वास्थ्य विभाग को सूचित करें।