{"_id":"6196765971df81657e6a05c7","slug":"no-certificate-needed-from-country-setting-records-in-atrocities-against-minorities-naqvi-slams-pak","type":"story","status":"publish","title_hn":"नकवी की खरी-खरी: कहा- अल्पसंख्यकों पर अत्याचार करने वाला पाकिस्तान हमें न दे नसीहत","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
नकवी की खरी-खरी: कहा- अल्पसंख्यकों पर अत्याचार करने वाला पाकिस्तान हमें न दे नसीहत
Thu, 18 Nov 2021 09:20 PM IST
Amit Mandal
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Thu, 18 Nov 2021 09:20 PM IST
सार
मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि विभाजन के समय पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की आबादी 24 प्रतिशत से अधिक थी और अब यह दो प्रतिशत से भी कम है।
विज्ञापन
केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी
- फोटो : एएनआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने गुरुवार को गुड़गांव में मुसलमानों की जुमे की नमाज पर पाकिस्तान द्वारा कथित आरोपों को नापाक अभियान बताया। नकवी ने कहा कि ऐसे देश से किसी प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं है जो अल्पसंख्यकों के खिलाफ अत्याचार में रिकॉर्ड बना रहा है।
विज्ञापन
पाकिस्तान के आरोप नापाक और फर्जी
नकवी ने जोर देकर कहा कि भारतीय मुसलमानों के लिए भारत दुनिया में सबसे अच्छी और सबसे सुरक्षित जगह है। उन्होंने भारत के खिलाफ पाकिस्तान द्वारा आरोपों को नापाक, भ्रामक और आपराधिक अभियान के रूप में खारिज कर दिया। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री ने कहा कि यह भारत को कोसने वाली ब्रिगेड का फर्जी एजेंडा है।
विज्ञापन
पाकिस्तान में अभी 30 मंदिर भी नहीं
पाकिस्तान की आलोचना करते हुए नकवी ने कहा कि आज भारत में तीन लाख सक्रिय मस्जिदें हैं जो वक्फ बोर्डों और प्रशासन के साथ पंजीकृत हैं। और भी कई जगह हैं जहां मुसलमान नमाज अदा करते हैं। नकवी ने कहा कि भारत में सक्रिय मस्जिदों और प्रार्थना स्थलों की संख्या दुनिया के किसी भी अन्य देश की तुलना में अधिक है, जिसमें इस्लामिक राष्ट्र भी शामिल हैं। जहां तक पाकिस्तान का सवाल है, विभाजन के समय लगभग 5,000 मंदिर थे और आज वहां 30 सक्रिय मंदिर भी नहीं हैं, चर्चों और गुरुद्वारों के संबंध में भी यही स्थिति है।
विज्ञापन
अल्पसंख्यकों की 24 फीसदी आबादी 2 फीसदी में सिमटी
नकवी ने कहा कि जहां तक जनसंख्या का सवाल है, विभाजन के समय पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की आबादी 24 प्रतिशत से अधिक थी और अब यह दो प्रतिशत से भी कम है। उन्होंने कहा कि भारत में विभाजन के समय अल्पसंख्यकों की आबादी लगभग आठ प्रतिशत थी और अब यह 20 प्रतिशत से अधिक है। नकवी ने जोर देकर कहा कि भारत में अल्पसंख्यकों की देश के विकास और सशक्तिकरण में समान हिस्सेदारी है।