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लेखक दामोदर माऊजो ने कहा: गौरी लंकेश के बाद हिटलिस्ट में था, लेकिन मेरे विचारों को खत्म नहीं कर सकती कोई गोली

Mon, 03 Oct 2022 07:57 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ठाणे
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ठाणे Published by: निर्मल कांत Updated Mon, 03 Oct 2022 07:57 PM IST
सार

प्रख्यात लेखक माऊजो कोंकणी में अपने प्रगतिशील  लेखन और खासतौर पर कर्मेलिन उपन्याय के लिए जाने जाते हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय और लंकेश की मौत की जांच कर रहे विशेष जांच दल के खुफिया इनपुट पर गोवा पुलिस ने जुलाई 2018 में उन्हें सुरक्षा कवर दिया था। 

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No bullet can end my thoughts says writer Damodar Mauzo security cover post Gauri Lankesh killing
लेखक दामोदर माऊजो - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

साहित्य अकादमी और ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता दामोदर माऊजो ने सोमवार को कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता और पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के बाद उन्हें भी जान का खतरा था। हालांकि, उन्होंने कहा कि कोई भी गोली मेरे विचारों को खत्म नहीं कर सकती। 

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गौरी लंकेश की हत्या के बाद मिला सुरक्षा कवर
प्रख्यात लेखक माऊजो कोंकणी में अपने प्रगतिशील  लेखन और खासतौर पर 'कर्मेलिन' उपन्याय के लिए जाने जाते हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय और लंकेश की मौत की जांच कर रहे विशेष जांच दल के खुफिया इनपुट पर गोवा पुलिस ने जुलाई 2018 में उन्हें सुरक्षा कवर दिया था। 
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'लेखक के रूप में सुरक्षा की आवश्यकता नहीं'
यहां एक बुक आउटलेट के समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, गौरी लंकेश की मौत के बाद मुझे पता चला था कि मैं भी कुछ लोगों की हिटलिस्ट में था। लेकिन एक लेखक के रूप में मुझे सुरक्षा की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि यह मेरी व्यक्तिगत आजादी पर प्रतिबंध लगाता है।
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साहित्यकारों को राजनीति में आना चाहिए, दलगत राजनीति में नहीं
माऊजो ने आगे कहा, चार साल हो गए हैं और मुझे अभी भी गोली नहीं लगी है। कोई भी गोली मेरे विचारों को खत्म नहीं कर सकती। मैं निडर होकर बोलता हूं। उन्होंने आगे कहा, यह कहना गलत है कि साहित्यकारों को राजनीति में शामिल नहीं होना चाहिए। हालांकि, उन्हें दलगत राजनीति में शामिल नहीं होना चाहिए। 

 
2017 में हुई गौरी लंकेश की हत्या
प्रख्यात लेखक को 1983 में साहित्य अकादमी और 2021 में ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। पत्रकार गौरी लंकेश की 5 सितंबर 2017 को उनके बेंगलुरु स्थित आवास के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना की देश-दुनिया में जमकर निंदा हुई थी। 

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