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NMC Task Force: 'डॉक्टरों का वेतन AIIMS दिल्ली जैसा हो'; चिकित्सक कल्याण पर रिपोर्ट में UGC की मिसाल भी शामिल

Thu, 15 Aug 2024 08:51 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ज्योति भास्कर Updated Thu, 15 Aug 2024 08:51 PM IST
सार

अखिल भारतीय आर्युविज्ञान संस्थान (AIIMS) दिल्ली में सेवारत डॉक्टरों को जो वेतनमान मिल रहा है, वही देश के सभी चिकित्सकों को मिलना चाहिए। यह कहना है कि नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) का। एनएमसी के टास्क फोर्स ने अपनी रिपोर्ट में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद् (AICTE) के वेतनमानों का हवाला भी दिया है।

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NMC Task Force Report AIIMS Delhi Pay scale retirement policy etc should be adopted for all medicos
एम्स - फोटो : ANI

विस्तार

राष्ट्रीय चिकित्सा परिषद (एनएमसी) के एक टास्क फोर्स ने डॉक्टरों के वेतन से जुड़ा अहम प्रस्ताव दिया है। परिषद का कहना है कि एम्स दिल्ली में लागू वेतनमान को अपनाने से चिकित्सकों को नौकरी में समानता और संतुष्टि का एहसास कराया जा सकेगा। एनएमसी टास्क फोर्स ने यह भी कहा है कि AIIMS दिल्ली के वेतन के अलावा सेवानिवृत्ति के ढांचे को भी अपनाया जाना चाहिए। मेडिकल छात्रों के कल्याण और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों की समीक्षा के लिए गठित टास्क फोर्स ने अपनी रिपोर्ट में यूजीसी और एआईसीटीई के वेतनमानों का जिक्र करते हुए नीतियों को मानक बनाने की अपील भी की है।
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डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर प्रतिबंध लगाने की बात
टास्क फोर्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा, देश के सभी मेडिकल कॉलेजों में इंटर्न, पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों, सीनियर रेजीडेंट, सुपर-स्पेशियलिटी छात्रों और मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को एम्स दिल्ली के वेतनमान के मुताबिक भुगतान किया जाना चाहिए। रिपोर्ट में साफ किया गया है कि निजी, सार्वजनिक, राज्य, केंद्रीय, डीम्ड विश्वविद्यालय या किसी अन्य श्रेणी की संस्था होने के आधार पर वेतन में अंतर नहीं होना चाहिए। टास्क फोर्स ने चिकित्सा शिक्षा की उच्चतम गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों की निजी प्रैक्टिस पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश भी की है।
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अच्छी शिक्षा के लिए जरूरी है एम्स दिल्ली जैसा वेतनमान
मेडिकल संस्थानों में वेतनमान, रिटारमेंट की नीति, विभागों के प्रमुख को नियमित अंतराल पर बदलने के लिए रोटेशनल हेडशिप नीति अपनाने की सिफारिश करते हुए टास्क फोर्स ने कहा कि ऐसा करने से डॉक्टरों के पेशे में समानता सुनिश्चित होगी। इससे अच्छी गुणवत्ता के शिक्षकों को आकर्षित किया जा सकेगा। निजी प्रैक्टिस पर बैन की सिफारिश करते हुए NMC टास्क फोर्स ने कहा, जो डॉक्टर संस्था से इतर प्रैक्टिस नहीं करते उन्हें गैर-प्रैक्टिस भत्ता मिलना चाहिए। एम्स जैसा वेतनमान मिलने पर शिक्षकों को अपने कर्तव्यों से समझौते करने से कतराने लगेंगे, नतीजतन अच्छी शिक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। शिक्षा और अनुसंधान पर उनका ध्यान बढ़ सकेगा। उनकी प्रतिबद्धता को पर्याप्त पुरस्कार भी दिया जाएगा।
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डॉक्टरों की रिटायरमेंट नीति पर भी विचार जरूरी
मौजूदा सेवानिवृत्ति नीति को असंगत बताते हुए NMC ने कहा है कि पूरे देश में एम्स दिल्ली जैसी नीति अपनाकर इसका मानकीकरण होना चाहिए। रिपोर्ट के मुताबिक देशभर के मेडिकल कॉलेजों में नई पेंशन योजना लागू किया जाना जरूरी है। भुगतान को नियमित बनाने का आह्वान करते हुए NMC ने कहा, पारदर्शिता के लिए प्रत्यक्ष भुगतान प्रणाली के माध्यम से समय पर और नियमित भुगतान सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
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