राष्ट्रपति चुनाव के बहाने विपक्ष को गोलबंद करने में जुटे नीतीश कुमार
लंबे समय तक चुप्पी साधने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नए सिरे से विपक्ष को गोलबंद करने की मुहिम शुरू कर दी है। इस क्रम में मंगलवार को ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से मुलाकात के बाद उनकी योजना विपक्ष के अन्य नेताओं से मुलाकात कर राष्ट्रपति चुनाव में एकजुटता दिखाने की है। इसी महीने नीतीश दक्षिण के राज्यों का भी दौरा कर सकते हैं।
गौरतलब है कि पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद केंद्र की सियासी गर्मी बढ़ेगी। नीतीश से जुड़े रणनीतिकारों का मानना है कि अगर इन चुनावों में विपक्ष ने बेहतर प्रदर्शन नहीं किया तो निश्चित रूप से भाजपा के खिलाफ विपक्षी एकजुटता की मुहिम का सिलसिला शुरू होगा। हालांकि अगर चुनावों में विपक्ष को आशातीत सफलता मिली तो पीएम मोदी के खिलाफ विपक्ष का चेहरा बनने के लिए विभिन्न नेताओं के बीच नए सिरे से जोर आजमाइश शुरू होने के भी आसार हैं।
राजग के सहयोगी शिअद को भी साधने की कोशिश
एक करीबी नेता के मुताबिक नीतीश मार्च और अप्रैल के महीने में राष्ट्रपति चुनाव को लेकर विपक्ष को एकजुट करने के लिए लगातार प्रयास करेंगे। अगर यह प्रयास सफल रहा और विपक्ष एकजुट उम्मीदवार उतारने में कामयाब रहा तो नीतीश इसके बाद अपने सूबे में की गई शराबबंदी योजना को पूरे देश में प्रचारित करेंगे। उक्त करीबी नेता ने माना कि अगर पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजे विपक्ष के लिए सकारात्मक नहीं रहे तो इससे नीतीश के अभियान को ताकत मिलेगी। हार के बाद कई विपक्षी दल भाजपा की काट ढूंढने के नाम पर एकजुट हो सकते हैं। अगर ऐसा नहीं भी हुआ तो नीतीश अपने दांव से पीछे नहीं हटेंगे।
इस क्रम में नीतीश राजग के सहयोगी शिरोमणि अकाली दल को भी साधने की कोशिश में हैं। अगले रविवार को शिअद की बहुमत वाली शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी दिल्ली में नीतीश का सम्मान कर रही है। कोशिश यह भी हो रही है कि इसमें शिअद के अध्यक्ष प्रकाश सिंह बादल भी उपस्थित रहें। गौरतलब है कि नीतीश की पार्टी जदयू ने इस बार दिल्ली नगर निगम चुनाव लड़ने का एलान किया है।