फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Nitin Gadkari writes to finance commerce ministers urging them to remove roadblocks to goods at ports

बंदरगाहों पर खेती के उपकरण रोकना चीन को नहीं भारत को करेगा प्रभावित: गडकरी

Mon, 29 Jun 2020 09:05 AM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sneha Baluni Updated Mon, 29 Jun 2020 09:05 AM IST
विज्ञापन
Nitin Gadkari writes to finance commerce ministers urging them to remove roadblocks to goods at ports
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (फाइल फोटो) - फोटो : ANI

चीन से आयात के लिए सीमा शुल्क निकासी में देरी पर चिंता जाहिर करते हुए परिवहन और एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी ने वित्त और वाणिज्य मंत्रियों को पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने बंदरगाहों पर माल की त्वरित निकासी में आ रही बाधाओं को दूर करने का आग्रह किया। उन्होंने तर्क देते हुए कहा कि ये शिपमेंट उद्योगपतियों द्वारा किए गए भुगतान के आधार पर भारतीय तटों तक पहुंच गए हैं।

विज्ञापन

उन्होंने एक वेब-प्लेटफॉर्म को बताया कि इन आयातित सामानों की निकासी में होने वाली देरी से भारतीय उद्योगपति आहत होंगे, न कि चीन। गडकरी ने कहा, ‘हमारा ध्यान आयात को कम करने पर है और ऐसा करने के लिए हम आयात शुल्क बढ़ा सकते हैं। लेकिन पहले से ही आयातित वस्तुओं को रोककर रखने से हमारे उद्यमियों को बहुत बड़ा नुकसान होगा।’
विज्ञापन



केंद्रीय मंत्री ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखा। दरअसल, उनसे मिलने के लिए किसान संगठन का प्रतिनिधिमंडल आया था जिन्होंने बताया कि कैसे सीमा शुल्क निकासी में देरी हुई। संगठन ने गडकरी को बताया कि कैसे यांत्रिक स्प्रे और उनके स्पेयर पार्ट्स की खेप के लिए सीमा शुल्क निकासी में देरी हो रही है। इन्हें कीटनाशक नियंत्रण के लिए उपयोग किया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ें-दुनिया की चीन के साथ व्यापार में अब कोई दिलचस्पी नहीं, भारत 5 साल में बन सकता है ईवी मैन्युफैक्चरिंग हब: गडकरी


कोविड-19 महामारी के कारण छिड़काव करने वाले उपकरणों को शहरी क्षेत्रों में भेज दिया गया, जिसके परिणामस्वरूप खेतों में इन उपकरणों की कमी हो गई। नतीजतन, कंपनियों ने उपकरण आयात करने का फैसला किया जो बंदरगाहों पर रुके हुए हैं क्योंकि सीमा शुल्क अधिकारियों ने चीन से भेजी गई खेपों की 100 प्रतिशत जांच करने का फैसला किया है।

सीतारमण और गोयल को लिखे अपने पत्र में परिवहन और एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी ने आयातित कृषि उपकरणों को मंजूरी देने में प्राथमिकता की मांग की है। हालांकि उन्होंने किसी भी देश का नाम नहीं लिया है जहां से ऐसी वस्तुओं का आयात किया जा रहा है, लेकिन इस तरह के अधिकांश छिड़काव उपकरण चीन से आते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed