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भले राजनीतिक नुकसान हो, तब भी देशहित में लेते रहेंगे कड़े फैसले: गडकरी

Thu, 13 Dec 2018 09:38 PM IST
एजेंसी, मुंबई
एजेंसी, मुंबई Updated Thu, 13 Dec 2018 09:38 PM IST
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nitin gadkari says Will continue to make tough decisions in the countryside
nitin gadkari
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने साफ कर दिया है कि राष्ट्रहित और विकास के लिए सरकार नोटबंदी और जीएसटी जैसे कड़े फैसले लेने से नहीं हिचकेगी, भले ही इसके लिए उन्हें राजनीतिक नुकसान क्यों न उठाना पड़े। हालांकि उन्होंने देश में कृषि संकट और ग्रामीण क्षेत्रों में असंतोष की बात को भी स्वीकारा। 
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गडकरी ने कहा कि कृषि क्षेत्र में सुधार मोदी सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने कहा कि यह एक जटिल समस्याओं में से एक है जिसका कोई त्वरित समाधान नहीं है। इसे ठीक होने में थोड़ा समय लगेगा। सरकार इस क्षेत्र के विकास के लिए काम कर रही है।
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एक कार्यक्रम में गडकरी ने उम्मीद जताई है कि आगामी लोकसभा चुनाव में पार्टी बेहतर प्रदर्शन करेगी और उसके नतीजे हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों के उलट होंगे। मालूम हो कि हाल में हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा को तीन राज्यों में सत्ता से बेदखल होना पड़ा है। 
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उन्होंने कहा कि क्रिकेट और राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं है और मौजूदा नतीजों से आगामी लोकसभा चुनावों का आंकलन नहीं किया जा सकता। राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर राजनीति के मुद्दे अलग-अलग स्तर पर होते हैं और किस मुद्दे पर राजनीतिक दल जीतेगा इसका पूर्वानुमान लगा पाना बहुत ही कठिन है। 

जहां तक हमारे एजेंडे की बात है तो वह विकास ही होगा। इसके लिए हमने डीमोनेटाजेशन और जीएसटी जैसे कड़े फैसले लिए हैं। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि इन मुद्दों का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए क्योंकि इसका फायदा कालेधन में कमी और अर्थव्यवस्था में सुधार दिखने लगा है। 

राजनीति में आज भी तीन ‘सी’ का दबदबा

तीन राज्यों में मिली हार पर गड़करी ने कहा कि यह शोध का विषय है कि मतदाता किन मानकों पर प्रत्याशियों को चुनता है... क्या यह स्थिरता, अर्थव्यवस्था है या फिर फिर रोजगार है? लेकिन मुझे लगता है कि आज भी देश की राजनीति में तीन सी यानी कैश, कास्ट (जाति)और क्रिमिनल (अपराधी) का दबदबा है। हालांकि उन्होंने माना कि पहले के मुकाबले राजनीति में इसमें कमी आई है।।

  
कोई नहीं कहता हम अगड़ी जाति के

वहीं महाराष्ट्र में मराठाओं को शिक्षा और रोजगार में 16 फीसदी आरक्षण देने के मामले मे गडकरी ने कहा कि कोई भी अपने आप को अगड़ी जाति का नहीं बता रहा हर कोई अपने आप को पिछड़ी जाति का साबित करने में लगा हुआ है। यह केवल वोटबैंक की  राजनीति है।
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