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वित्तीय मदद: देश के विदेशी मुद्रा भंडार से सड़क निर्माण करना चाहते हैं नितिन गडकरी
Thu, 12 Aug 2021 03:03 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Thu, 12 Aug 2021 03:03 AM IST
सार
- अत्याधुनिक सड़कों व पुलों के निर्माण के लिए नीति निर्माण पर आरबीआई से बात करेंगे केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी
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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी
- फोटो : PTI
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विस्तार
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी चाहते हैं कि देश के बढ़ते विदेशी मुद्रा भंडार का इस्तेमाल अत्याधुनिक सड़कों व पुलों के निर्माण में वित्तीय मदद के लिए किया जाए। उन्होंने बुधवार को इसके लिए एक नीति तैयार करने पर जोर देते हुए कहा कि देश को ऐसी ढांचागत परियोजनाओं के लिए कम ब्याज वाले कर्ज की आवश्यकता है, जो विदेशी मुद्रा भंडार से मिल सकता है। साथ ही उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की मदद के लिए एक सहयोगी वित्तीय संस्था के गठन की आवश्यकता भी जताई।
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केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री ने यहां भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के एक कार्यक्रम में कहा, 'हमारे पास देश में डॉलर रिजर्व सरप्लस है। मैं भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर से एक नीति तैयार करने को लेकर बात करूंगा, जिसके जरिये हम इस विदेशी मुद्रा रिजर्व का उपयोग देश में ढांचागत निर्माण के विकास में कर सकते हैं।'
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बता दें कि हाल ही में एक संसदीय समिति ने भी देश के विदेशी मुद्रा भंडार में हालिया समय में हुई उल्लेखनीय बढ़ोतरी का जिक्र करते हुए इससे सड़क परियोजनाओं को लंबी अवधि का कर्ज दिए जाने की सिफारिश की थी।
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गडकरी ने कहा कि उन्होंने विश्व बैंक, एशियाई विकास बैंक और न्यू डवलपमेंट बैंक (एनडीबी) से देश में ढांचागत परियोजनाओं के लिए वित्तीय मदद करने को लेकर बात की थी। लेकिन वह इन बैंकों के जवाब से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा, इसलिए हमें कुछ ऐसे वित्तीय संस्थानों की जरूरत है, जो ढांचागत परियोजनाओं के लिए ब्याज दर को कम रख सके।
उन्होंने कहा, भारतीय रेलवे के पास भी इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन (आईआरएफसी) है, जबकि ऊर्जा मंत्रालय के पास पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (पीएफसी) है। लेकिन एनएचएआई का कोई वित्तीय सहयोगी नहीं है। उन्होंने कहा, हमें भी एक ऐसे संस्थान की आवश्यकता है, जहां एनएचएआई और वित्तीय संस्थानों की संयुक्त हिस्सेदारी हो। ऐसे संयुक्त उपक्रम के जरिये हम एक नीति तय कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राजमार्ग परियोजनाओं के मुद्रीकरण के जरिये सड़क मंत्रालय की योजना करीब एक लाख करोड़ रुपये का वित्त जुटाने की है।
आरबीआई के आंकड़े के अनुसार देश में विदेशी मुद्रा की स्थिति
- देश के पास 620.576 अरब डॉलर का विदेश मुद्रा भंडार जुलाई अंत में था
- 30 जुलाई को खत्म हुए सप्ताह के दौरान 9.427 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई
- एक नंबर पर है अब तक का देश के आर्थिक इतिहास में यह विदेशी मुद्रा भंडार