जम्मू-कश्मीर की चिनैनी नाशरी सुरंग श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर रखने का एलान
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केंद्र सरकार ने एशिया की सबसे बड़ी सुरंगों में शामिल चिनैनी नाशरी का नाम जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर रखने का एलान किया है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर बनी इस सुरंग को अब श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम से जाना जाएगा, जिन्होंने देश को एक निशान, एक विधान और एक प्रधान का मंत्र दिया था।
Union Minister Nitin Gadkari: Chenani-Nashri Tunnel on NH 44, in J&K to be named after Dr. Shyama Prasad Mukherjee. This is our humble homage to Shyama Prasad Ji whose battle for Kashmir, 'One Nation One Flag' has immensely contributed in national integration. (file pic) pic.twitter.com/EVJabzCH7Y
— ANI (@ANI) October 16, 2019विज्ञापन
सुरंग का नामकरण करने के एलान के बाद गडकरी ने कहा कि इसे श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर समर्पित करना हमारी ओर से उन्हें श्रद्धांजलि है। इस सुरंग को एशिया की सबसे हाईटेक सुरंगों में से एक माना जाता है और इससे हर दिन हजारों वाहन जम्मू से श्रीनगर के बीच यात्रा करते हैं।
9.2 किमी की यह सुरंग एशिया की सबसे लंबी सुरंगों में से एक है। यह उधमपुर जिले के चिनैनी को रामबन जिले के नशरी से जोड़ती है। यह सुरंग जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग का हिस्सा है और शिवालिक पहाड़ियों के बीच बनी हुई है। इसकी वजह से श्रीनगर और जम्मू का रास्ता दो घंटे में पूरा हो जाता है। इस सुरंग के निर्माण से जम्मू और श्रीनगर के बीच की दूरी 30 किलोमीटर तक काम हो गई है। सुरंग के निर्माण में लगभग 2500 करोड़ रुपये की लागत आई थी।