Report: मुफ्त अनाज योजना, पोषण अभियान जैसी पहल गरीबी घटाने में सबसे कारगर, नीति आयोग की रिपोर्ट हुआ साफ
रिपोर्ट के मुताबिक पोषण अभियान और एनीमिया मुक्त भारत जैसी उल्लेखनीय पहलों ने स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच में उल्लेखनीय वृद्धि की है, जिससे वंचित रहने में काफी कमी आई है। इसके अलावा दुनिया के सबसे बड़े खाद्य सुरक्षा कार्यक्रमों में से एक राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली 81.35 करोड़ लाभार्थियों को कवर करती है।
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नीति आयोग ने देश में करीब 25 करोड़ लोगों के गरीबी से बाहर आने के बारे में जो रिपोर्ट जारी की है उसके अनुसार सरकार की कई पहलों के कारण यह सफलता हासिल हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक पोषण अभियान और एनीमिया मुक्त भारत जैसी उल्लेखनीय पहलों ने स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच में उल्लेखनीय वृद्धि की है, जिससे वंचित रहने में काफी कमी आई है। इसके अलावा दुनिया के सबसे बड़े खाद्य सुरक्षा कार्यक्रमों में से एक राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली 81.35 करोड़ लाभार्थियों को कवर करती है। इसके तहत ग्रामीण और शहरी आबादी को अन्न दिया जाता है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मुफ्त खाद्यान्न वितरण को अगले पांच वर्षों के लिए बढ़ाना, सरकार की प्रतिबद्धता का उदाहरण है।
रिपोर्ट के अनुसार मातृ स्वास्थ्य का समाधान करने वाले विभिन्न कार्यक्रम, उज्ज्वला योजना के माध्यम से स्वच्छ खाना पकाने के ईंधन वितरण, सौभाग्य के माध्यम से बिजली कवरेज में सुधार, और स्वच्छ भारत मिशन और जल जीवन मिशन जैसे परिवर्तनकारी अभियानों ने सामूहिक रूप से लोगों की रहने की स्थिति और समग्र कल्याण की स्थिति में सुधार किया है। इसके अलावा प्रधानमंत्री जन धन योजना और पीएम आवास योजना जैसे प्रमुख कार्यक्रमों ने वित्तीय समावेशन और वंचितों के लिए सुरक्षित आवास प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
अलग-अलग रहा राज्यों का प्रदर्शन
रिपोर्ट के मुताबिक राज्यों का प्रदर्शन अलग-अलग रहा। कुछ राज्यों में जहां परंपरागत रूप से अत्यधिक गरीबी थी, उन्होंने लोगों को गरीबी से बाहर निकलने में मदद करने में उल्लेखनीय प्रगति की है। इससे दो राज्यों के बीच बहुआयामी गरीबी में असमानता कम हुई है। इससे बुनियादी सेवाओं तक पहुंच में आने वाली मूलभूत समस्याओं का तेजी से समाधान हो रहा है।