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जमीन अधिग्रहण में मुकदमेबाजी कम हो, भू स्वामित्व मॉडल कानून का मसौदा जारी
Sat, 31 Oct 2020 02:00 AM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 31 Oct 2020 02:00 AM IST
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नीति आयोग
- फोटो : फाइल फोटो
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देश में आधारभूत परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आसान बनाने और भूमि के स्वामित्व में मुकदमेबाजी कम से कम करने के मकसद से नीति आयोग ने राज्यों के लिए मॉडल अधिनियम का एक मसौदा जारी कर दिया है।
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इस मसौदा मॉडल अधिनियम और इसके नियमों से राज्य सरकारों को अचल संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन की प्रणाली की स्थापना, प्रशासन और प्रबंधन की शक्ति हासिल होगी। इस मसौदे का मकसद जमीन से संबंधित बड़ी संख्या में मुकदमों में कमी लाना और आधारभूत परियोजनाओं के लिए भू अधिग्रहण में सुधार लाना है।
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मसौदा मॉडल अधिनियम के मुताबिक, जमीन विवाद समाधान अधिकारी और भू स्वामित्व अपीलीय अधिकरण ऐसे संस्थान होंगे जो इस काम को अंजाम देंगे। नोटिफिकेशन जारी होने के तीन साल बाद बिना किसी बाहरी कार्रवाई के संपत्तियाें के स्वामित्व की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। जमीन के स्वामित्व की गारंटी राज्य को देनी होगी। किसी भी विवाद की स्थिति में राज्य को मुआवजा देना होगा।
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नोटिफिकेशन के तीन साल में दर्ज करानी होगी आपत्ति
मसौदा अधिनियम के मुताबिक, नोटिफिकेशन जारी होने के तीन साल के भीतर कोई व्यक्ति जमीन पर स्वामित्व से संबंधित अपनी आपत्ति रजिस्ट्रेशन ऑफिसर के समक्ष दर्ज करा सकेगा।
इसके बाद यह अफसर इस मामले को भूमि विवाद समाधान अधिकारी के पास भेजेगा। समाधान अधिकारी के आदेश से असंतुष्ट होने पर इसके खिलाफ भूस्वामित्व अपीलीय अधिकरण के समक्ष 30 दिन के भीतर अपील की जा सकेगी। अधिकरण के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया जा सकेगा, जहां हाईकोर्ट की विशेष पीठ इन मामलों को सुनेगी।