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देश इतिहास के सबसे बड़े जल संकट से जूझ रहा है, साफ पानी न मिलने से हर साल 2 लाख लोगों की मौत

Fri, 15 Jun 2018 10:05 AM IST
डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली Updated Fri, 15 Jun 2018 10:05 AM IST
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Niti Aayog released Water Management Index report, 2 lakh people die without safe drinking water
देश इतिहास के सबसे बड़े जल संकट से जूझ रहा है

उत्तर प्रदेश, हरियाणा, झारखंड और बिहार एक बार फिर नीति आयोग की रिपोर्ट में फिसड्डी साबित हुए हैं। नीति आयोग के जल प्रबंधन सूचकांक सूची में ये सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले राज्य हैं। वहीं जल प्रबंधन के मामले में गुजरात सूची में लगातार अच्छी जगह बनाए है। 

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सरकार के थिंक टैंक नीति आयोग की गुरुवार को जारी जल प्रबंधन इंडेक्स रिपोर्ट के मुताबिक देश इतिहास के सबसे बड़े जल संकट से जूझ रहा है। लाखों जिंदगियां और उनकी आजीविका खतरे में है। केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी और नीति आयोग के चेयरमैन राजीव कुमार द्वारा संयुक्त रूप से जारी इस रिपोर्ट के मुताबिक तकरीबन 75 फीसदी घरों में पीने का पानी मुहैया नहीं है । 84 फीसदी ग्रामीण घरों में पाइप से पानी नहीं पहुंचता और देश में 70 फीसदी पानी पीने लायक नहीं है। 
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जल संकट की गंभीरता को देखते हुए नीति आयोग की रिपोर्ट पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का कहना है कि देश के तकरीबन 60 करोड़ लोग पानी की भयंकर कमी से जूझ रहे हैं और साफ पानी न मिलने से हर साल 2 लाख लोगों की मौत हो रही है। रिपोर्ट के मुताबिक आगे यह समस्या और विकराल रूप लेने वाली है और पानी की वर्तमान आपूर्ति के मुकाबले 2030 तक आबादी को दोगुनी पानी की आपूर्ति की जरूरत होगी। जिसके चलते करोड़ों लोगों को पानी की गंभीर कमी का सामना करना पड़ेगा और इससे जीडीपी में 6 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। 
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जल प्रबंधन रिपोर्ट में गुजरात को पहला स्थान मिला है, जिसके बाद मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र का स्थान है। जबकि उत्तर पूर्वी राज्यों में त्रिपुरा टॉप पर रहा है, वहीं पिछले दो वर्षों में राजस्थान ने जल प्रबंधन में अच्छी प्रगति की है। 

गडकरी के मुताबिक यह सूचकांक उन राज्यों पर दबाव बनाने में मदद करेगा, जिन्होंने अपनी जल प्रबंधन तकनीकों को बेहतर बनाने के लिए अच्छा प्रदर्शन नहीं किया है, क्योंकि यह सीधे राज्यों में कृषि की समृद्धि से जुड़ा हुआ है। 


वैश्विक जल गुणवत्ता सूचकांक में 122 देशों में भारत 120वें स्थान पर है। 

केपटाउन बनने से बचाएं शहरों को 

नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा कि देश में पानी की स्थिति अच्छी नहीं है। पिछले 70 साल में इस पर ध्यान नहीं दिया गया। हर साल इतनी बारिश होती है, बाढ़ आती है लेकिन हमने कभी सोचा ही नहीं कि कभी पानी की समस्या भी हो सकती है। अब स्थिति ऐसी हो गई है कि इस विषय को गंभीरता से लेना होगा। यदि हम अपने शहरों को केपटाउन नहीं बनाना चाहते तो अभी से जल प्रबंधन शुरू करना होगा। 

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