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नीति आयोग की पहल: अगले खरीफ मौसम से गरीबों को मिलेगा पोषक तत्वों से भरपूर चावल

Sun, 30 Jun 2019 05:27 AM IST
Nilesh Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Nilesh Kumar Updated Sun, 30 Jun 2019 05:27 AM IST
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Niti Aayog: Poor people will get Nutrient rich rice from next kharif season
नीति आयोग (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

गरीबी और कुपोषण से जूझ रहे लोगों को सरकार आगामी खरीफ मौसम की कटाई के बाद कुछ विटामिन और खनीज पदार्थों से युक्त चावल -फोर्टिफाइड राइस- उपलब्ध कराएगी। इस तरह के चावल की उपलब्धता जन वितरण प्रणाली या राशन की दूकानों के मार्फत से होगी। शुरू में इसके तहत देश के 15 राज्यों के एक-एक जिले में इस तरह के चावलों की आपूति होगी। यदि इसका परिणाम सुखद रहा तो इसका विस्तार देश के अन्य इलाकों में भी किया जाएगा।

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केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री राम विलास पासवान ने यहां शनिवार को बताया कि पोषक तत्वों से भरपूरचावलों की आपूर्ति आगामी खरीफ फसल के धान की कटाई के बाद से होगी। इस तरह के चावल में कौन से विटामिन होंगे, इस सवाल पर उन्होंने बताया कि अंत्योदय योजना के तहत वितरित होने वाले चावलों में लोहा, फोलिक एसिड, विटामिन ए और विटामिन बी 12 का मिश्रण होगा। इन विटामिनों एवं खजिनों का मिश्रण धान से चावल निकालने के दौरान ही कर दिया जाएगा।

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नीति आयोग ने बनायी है योजना

उन्होंने बताया कि नीति आयोग ने देश से कुपोषण दूर करने की योजना के तहत इसका खाका खींचा है। इस योजना को बीते 14 फरवरी को ही सरकार ने मंजूरी दे दी थी। अब इसे लागू करने के लिए कार्य योजना बना ली गई है।

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147 करोड़ रुपये स्वीकृत

मंत्री के मुताबिक गरीबों को विटामिन और खनिज युक्त चावल केवितरण के लिए 147.61 करोड़ रुपये स्वीकृत किये गए हैं। इसे तीन वर्षों तक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चलाने की योजना है। उसके बाद इसकी समीक्षा की जाएगी। पायलट योजना में जो खर्च आएगा उसका सामान्य राज्यों में 75 फीसदी हिस्सेदारी केंद्र की जबकि 25 फीसदी हिस्सेदारी राज्य की होगी।


पूर्वोत्तर के राज्यों में केंद्र की हिस्सेदारी 90 फीसदी की जबकि राज्यों की हिस्सेदारी 10 फीसदी की होगी। इस समय आंध्र प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक्, केरल, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु एवं असम ने इस तरह केचावल केवितरण की सहमति दी है।

कुछ जगह पहले से भी चल रही है योजना

उल्लेखनीय है कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय तथा मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा आंगनवाड़ी केंद्र और मध्यान्ह भोजन योजना में कुछ स्थानों पर पहले से ही इस तरह के चावलों की आपूर्ति की जा रही है। अब एससी, एसटी छात्रावासों और कामकाजी महिलाओं के आवास में भी इस तरह केचावल की आपूर्ति होगी।

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