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चेतावनी: नीति आयोग के सदस्य डॉ. पाल ने कहा- वायरस हुआ चालाक, म्यूटेशन रोकने का हमारे पास हथियार नहीं
Wed, 16 Jun 2021 06:45 AM IST
देव कश्यप
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Wed, 16 Jun 2021 06:45 AM IST
सार
- नीति आयोग के सदस्य ने दी चेतावनी, वायरस ने नहीं छोड़ी अपनी प्रवृत्ति, लोगों को रहना होगा सावधान
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कोरोना वायरस (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
एक तरफ दूसरी लहर से बाहर आ रहे हैं। वहीं राज्यों में स्थिति सामान्य हो रही है लेकिन ऐसे में लोगों की लापरवाही काफी नुकसान दे सकती है। वायरस बहुत चालाक हो चुका है। इसके म्यूटेशन को रोकने का हमारे पास कोई हथियार नहीं है। यह स्वत: ही आक्रामक हो रहा है लेकिन इससे बचने के उपाय हर किसी के पास हैं। यह कहना है नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल का। मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉ. पॉल ने कहा कि वायरस ने अपनी प्रवृत्ति को नहीं छोड़ा है लेकिन लोग अगर सावधान नहीं हुए तो भविष्य काफी नुकसानदायक हो सकता है।
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अभी रहना होगा सतर्क, वायरस के नए वैरिएंट आ रहे सामने
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि डेल्टा वैरिएंट ने दूसरी लहर में सबसे ज्यादा तबाही मचाई थी। ऑक्सीजन के लिए मारामारी, अस्पतालों में बिस्तरों का संकट, दवाओं की कालाबाजारी उन दृश्यों को कभी भूलना नहीं चाहिए। वायरस के नए-नए वैरिएंट और म्यूटेशन सामने आ रहे हैं। विज्ञान की नजर इन पर बनी हुई है, लेकिन जनता को भी नियमों पर विश्वास करना होगा। चेहरे पर मास्क लगाना होगा। बाजार में भीड़ से दूर रहना पहली जिम्मेदारी है। किसी दुकान पर अगर खड़े भी हैं तो वहां अपना नंबर आने तक इंतजार करिए। अगर ये सब नहीं किया तो काफी नुकसान हो सकता है।
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उन्होंने कहा कि डेल्टा प्लस वैरिएंट के बारे में जानकारी मिली है। सरकार की राष्ट्रय टीम की निगरानी इस बदलाव पर है लेकिन फिलहाल यह कितना गंभीर और तेज है उसकी जानकारी नहीं है। वहीं स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव कुमार अग्रवाल ने कहा कि वायरस बदल रहा है और शायद आगे भी बदलेगा लेकिन इससे बचने के उपाय गिने-चुने हैं। बार-बार सरकार लोगों से इन उपायों को अपनाने की अपील कर रही है। टीकाकरण भी इसमें शामिल है और इसे जल्द से जल्द पूरा करने के लिए सरकार प्रयास कर रही है लेकिन तब तक लोगों को धैर्य रखना ही होगा। अपनी और पूरे परिवार की सुरक्षा करनी होगी।
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महामारी के कारण भारत में नवाचार का परिवेश बना: मजूमदार-शॉ
बायोकॉन की प्रमुख किरण मजूमदार-शॉ ने कहा कि कोरोना वायरस के कारण पैदा हुए मौजूदा सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट के कारण भारत में नवाचार का एक परिवेश बन गया है।
मजूमदार-शॉ 22 जून को अमेरिका भारत चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा आयोजित वार्षिक आभासी शिखर सम्मेलन के 15वें संस्करण में प्रमुख वक्ता हैं।
अगले सप्ताह बोस्टन में होने वाले भारत-अमेरिका बायो-फार्मा शिखर सम्मेलन से पहले उन्होंने कहा, बायो फार्मा शिखर सम्मेलन का मकसद भारत में नवाचार के परिवेश को बढ़ावा देना है। मुझे लगता है कि कोविड ने वास्तव में ऐसा परिवेश तैयार किया है। उन्होंने कहा कि कोरोना की चुनौतियों के चलते वास्तव में नवाचारी टीकों का उत्पादन हुआ है, जैसे कोवाक्सिन, जेनेवा एमआरएनए कार्यक्रम और कई अन्य कार्यक्रम, जिन्हें भारतीय टीका विनिर्माताओं ने देश में विकसित किया है।