{"_id":"6805ee540a1896e0a80c2a6b","slug":"nishikant-dubey-remarks-on-judiciary-supreme-court-said-do-not-need-our-nod-to-file-contempt-plea-2025-04-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"SC: निशिकांत दुबे के खिलाफ अवमानना याचिका दायर करने की तैयारी, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- हमारी मंजूरी जरूरी नहीं","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
SC: निशिकांत दुबे के खिलाफ अवमानना याचिका दायर करने की तैयारी, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- हमारी मंजूरी जरूरी नहीं
Mon, 21 Apr 2025 12:38 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Mon, 21 Apr 2025 12:38 PM IST
सार
वकील अनस तनवीर भी वक्फ कानून के खिलाफ दायर याचिकाओं में से एक का पक्ष सुप्रीम कोर्ट में रख रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद अनस तनवीर ने अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमाणी को पत्र लिखकर उनकी मंजूरी मांगी है। पत्र में कहा गया है कि दुबे ने सर्वोच्च अदालत की गरिमा को कम किया है।
विज्ञापन
Supreme Court
- फोटो : ANI
विस्तार
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा न्यायापालिका पर की गई टिप्पणी पर विवाद हो गया है और अब उनके खिलाफ अवमानना याचिका दायर करने की तैयारी हो रही है। सोमवार को जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ के सामने एक याचिका आई, जिसमें भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की हालिया टिप्पणी के लिए उनके खिलाफ अवमानना याचिका दायर करने के लिए सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी मांगी गई। इस पर पीठ ने कहा कि आप इसे दायर करें, याचिका दायर करने के लिए आपको हमारी मंजूरी की जरूरत नहीं है।
अटॉर्नी जनरल को लिखा पत्र
पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता को इस मामले में अटॉर्नी जनरल से मंजूरी लेने की जरूरत है। यह याचिका सुप्रीम कोर्ट के वकील अनस तनवीर ने दायर की है। अनस तनवीर भी वक्फ कानून के खिलाफ दायर याचिकाओं में से एक का पक्ष सुप्रीम कोर्ट में रख रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद अनस तनवीर ने अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमाणी को पत्र लिखकर उनकी मंजूरी मांगी है। पत्र में कहा गया है कि दुबे ने सर्वोच्च अदालत की गरिमा को कम किया है। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने शनिवार को अपने एक बयान में सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ टिप्पणी की थी। इसमें दुबे ने कहा था कि अगर सुप्रीम कोर्ट कानून बनाएगा तो फिर संसद और विधानसभाओं को बंद कर देना चाहिए। भाजपा सांसद ने मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना पर तंज कसते हुए कहा कि देश में गृह युद्ध के लिए सीजेआई जिम्मेदार होंगे।
ये भी पढ़ें- Supreme Court: पूजा खेडकर को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस, 2 मई को दिल्ली पुलिस के सामने हाजिरी के दिया आदेश
विज्ञापन
वक्फ संशोधन कानून को लेकर की टिप्पणी
निशिकांत दुबे की यह टिप्पणी वक्फ संशोधन कानून को लेकर आई। वक्फ संशोधन कानून के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ कानून के कुछ प्रावधानों को लेकर सवाल उठाए हैं, जिसके बाद केंद्र सरकार ने अगली सुनवाई तक कानून के कुछ प्रावधानों को लागू करने पर रोक लगा दी है। भाजपा ने भी शनिवार को खुद को निशिकांत दुबे के बयान से अलग कर लिया और दुबे के बयान को उनके निजी विचार बताया। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पार्टी नेताओं से अपील की है कि वे ऐसी टिप्पणियां न करें।
ये भी पढ़ें- Supreme Court: बंगाल में हिंसा के बीच राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग, सुप्रीम कोर्ट में दायर हुई याचिका
विज्ञापन
अटॉर्नी जनरल को लिखा पत्र
पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता को इस मामले में अटॉर्नी जनरल से मंजूरी लेने की जरूरत है। यह याचिका सुप्रीम कोर्ट के वकील अनस तनवीर ने दायर की है। अनस तनवीर भी वक्फ कानून के खिलाफ दायर याचिकाओं में से एक का पक्ष सुप्रीम कोर्ट में रख रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद अनस तनवीर ने अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमाणी को पत्र लिखकर उनकी मंजूरी मांगी है। पत्र में कहा गया है कि दुबे ने सर्वोच्च अदालत की गरिमा को कम किया है। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने शनिवार को अपने एक बयान में सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ टिप्पणी की थी। इसमें दुबे ने कहा था कि अगर सुप्रीम कोर्ट कानून बनाएगा तो फिर संसद और विधानसभाओं को बंद कर देना चाहिए। भाजपा सांसद ने मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना पर तंज कसते हुए कहा कि देश में गृह युद्ध के लिए सीजेआई जिम्मेदार होंगे।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- Supreme Court: पूजा खेडकर को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस, 2 मई को दिल्ली पुलिस के सामने हाजिरी के दिया आदेश
विज्ञापन
वक्फ संशोधन कानून को लेकर की टिप्पणी
निशिकांत दुबे की यह टिप्पणी वक्फ संशोधन कानून को लेकर आई। वक्फ संशोधन कानून के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ कानून के कुछ प्रावधानों को लेकर सवाल उठाए हैं, जिसके बाद केंद्र सरकार ने अगली सुनवाई तक कानून के कुछ प्रावधानों को लागू करने पर रोक लगा दी है। भाजपा ने भी शनिवार को खुद को निशिकांत दुबे के बयान से अलग कर लिया और दुबे के बयान को उनके निजी विचार बताया। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पार्टी नेताओं से अपील की है कि वे ऐसी टिप्पणियां न करें।
ये भी पढ़ें- Supreme Court: बंगाल में हिंसा के बीच राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग, सुप्रीम कोर्ट में दायर हुई याचिका
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन