Mahua Moitra: आचार समिति में निजी सवाल और अशोभनीय आचरण पर बयानबाजी, निशिकांत का सवाल- बचाव में कांग्रेस क्यों?
संसद में सवाल के बदले पैसा लेने जैसे गंभीर आरोपों का सामना कर रहीं तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा से निजी सवाल पूछने के आरोप लगे हैं। लोक सभा की आचार समिति के इस प्रकरण के बाद विवाद और बयानबाजी का दौर जारी है। जानिए किसने क्या कहा?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इस घटना के बाद मामले में बयानबाजी का दौर जारी है। समिति में शामिल भाजपा सांसदों का कहना है कि महुआ का बर्ताव आपत्तिजनक है, जबकि एनसीपी सांसद का कहना है कि आए दिन हो रहा संसद का अपमान दुखी करने वाला है। इस मामले में स्पीकर ओम बिरला को तत्काल कार्रवाई की जरूरत है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की महिला सांसद सुप्रिया सुले ने कहा, यह बहुत दुखद है... हम एक सांसद के रूप में संसद में जाते हैं, इसलिए हमारे ऊपर एक बड़ी जिम्मेदारी है। जिस तरह से संसद की बदनामी हो रही है, इससे मुझे दुख होता है...मुझे लगता है कि हमारे संरक्षक हमारे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला हैं। उन्हें हस्तक्षेप करना चाहिए और सच्चाई के साथ खड़ा होना चाहिए।
#WATCH | Mumbai: On Ethics Committee of Parliament probing bribery charges against TMC MP Mahua Moitra, NCP Sharad Pawar faction leader Supriya Sule says, "It's very saddening...We go to the parliament as an MP, so we hold a huge responsibility. The way parliament is getting… pic.twitter.com/1TQGPPTLmT
— ANI (@ANI) November 3, 2023
लोक सभा की आचार समिति में शामिल भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी ने कहा, "उन्होंने बहुत अहंकारी, असभ्य व्यवहार किया। वह बहुत कड़वी भाषा का इस्तेमाल कर रही थीं। महुआ बहुत गुस्से में थीं, उन्हें नहीं पता था कि खुद का गुस्सा कैसे व्यक्त करें। इसीलिए उन्होंने असंसदीय भाषा का सहारा लिया। उन्होंने जिन शब्दों का इस्तेमाल समिति के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों के लिए किया, उन्हें सार्वजनिक रूप से दोहराया भी नहीं जा सकता।
सारंगी के अनुसार, सभी विपक्षी सदस्य जो एथिक्स पैनल के सदस्य थे, वे भी हार गए। वे शांत रहे, लेकिन महुआ ने कुर्सी को पटकने के बाद मेज को भी पटक डाला। भाजपा सांसद सारंगी के मुताबिक महुआ ने हम सभी को अपमानित किया जो समिति का हिस्सा थे। माननीय सांसदों के आचरण पर सारंगी ने कहा कि विशेषकर महुआ मोइत्रा से यह उम्मीद नहीं थी। उन्हें शालीनता से व्यवहार करना चाहिए था। बहुत अधिक आक्रामकता, अहंकार और अशिष्टता दिखाई जो उनकी सेहत के लिए अच्छी बात नहीं है।
#WATCH | On TMC MP Mahua Moitra, Aparajita Sarangi, BJP MP and member of the Parliament Ethics Committee says, "She behaved in a very arrogant, rude manner. She was very bitter. She was very angry. And she didn't know how to express her anger. And that is why she resorted to… pic.twitter.com/3uJxtvQM8Z
— ANI (@ANI) November 3, 2023
सारंगी के मुताबिक महुआ मोइत्रा ने शालीनता की सारी सीमाएं लांघ दी। उन्होंने कहा, समिति ने महुआ मोइत्रा को आमंत्रित किया था। उन्हें हमारे सवालों का जवाब देना था। आचार समिति के सभापति विनोद सोनकर ने कुछ सवाल पूछे और उनके सवाल कारोबारी दर्शन हीरानंदानी की तरफ से सौंपे गए हलफनामे तक ही सीमित थे। इसलिए हलफनामे में कही गई बातों से परे जाने का कोई सवाल ही नहीं था। उन्होंने कहा कि महुआ मोइत्रा ने समिति के समक्ष एक घंटे से अधिक समय तक बात की।
तृणमूल सांसद महुआ के निजी सवालों वाले आरोप पर भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी ने कहा, महुआ ने अपने निजी जीवन के बारे में खुद बातें कीं। भाजपा सांसद के अनुसार, "मुझे नहीं लगता कि किसी को महुआ के निजी जीवन में दिलचस्पी थी। महुआ के बयान के बाद अचानक अध्यक्ष ने हलफनामे की सामग्री से संबंधित कुछ प्रश्न पूछे। जहां वह वास्तव में अपना आपा खो बैठीं और अध्यक्ष समेत समिति के अन्य सदस्यों के खिलाफ बेहद गंदी भाषा का इस्तेमाल किया। असभ्य होने के बावजूद महुआ फर्जी कहानी बनाने की कोशिश कर रही हैं। विक्टिम कार्ड खेलकर देश के लोगों को गुमराह कर रही हैं।
#WATCH | On TMC MP Mahua Moitra, Aparajita Sarangi, BJP MP and member of the Parliament Ethics Committee says, "...She went beyond all limits of decency. We had invited Mahua Moitra and she was supposed to answer our questions. Chairman asked few questions and the Chairman… pic.twitter.com/xpB3s9RQp3
— ANI (@ANI) November 3, 2023
एक अन्य भाजपा सांसद और संसद की आचार समिति के सदस्य डॉ. राजदीप रॉय ने कहा, "महुआ मोइत्रा को बोलने का मौका दिया गया था। उन्होंने बिना किसी रुकावट के काफी देर तक अपनी बातें समिति के समक्ष रखी। वास्तव में, हम महुआ की व्यक्तिगत कहानियों को सुनना ही नहीं चाहते थे।" इसके बावजूद उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बात नहीं सुनी गई। समिति के दोपहर के भोजन के बाद के सत्र में उन्होंने कुछ सवालों के जवाब देने के बाद हंगामा करना शुरू कर दिया।
डॉ राजदीप ने बताया, महुआ ने आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा, समिति को व्यक्तिगत प्रकृति के सवाल पूछने का कोई अधिकार नहीं है। भाजपा सांसद के अनुसार, एक सांसद होने के नाते आप यह नहीं कह सकते कि आरोप व्यक्तिगत प्रकृति के हैं, इसलिए आप जवाब नहीं दे सकते। राजदीप के अनुसार महुआ मोइत्रा को अपना पक्ष रखने के लिए लगभग दो से ढाई घंटे का समय दिया गया था।
#WATCH | Dr Rajdeep Roy, BJP MP & Member of the Ethics Committee of Parliament probing bribery charges against TMC MP Mahua Moitra says, "Mahua Moitra was given a chance to speak. She spoke at length uninterrupted. In fact, we didn't want to listen to her personal stories.… pic.twitter.com/B24IyRFadF
— ANI (@ANI) November 3, 2023
सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ रिश्वतखोरी के आरोपों की जांच की मांग को लेकर सबसे पहले शिकायत दर्ज कराने वाले भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने भी बयान दिया है। उन्होंने सवाल किया है कि कांग्रेस पार्टी- तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ के बचाव में क्यों खड़ी हो रही है। निशिकांत ने पूछा, कांग्रेस सांसद एन उत्तम कुमार रेड्डी इस संवेदनशील मामले में महुआ के साथ क्यों खड़े हैं। बता दें कि लोकसभा में सवाल पूछने को लेकर निशिकांत ने आरोप लगाए हैं कि महुआ ने सवाल पूछने के लिए व्यवसायी दर्शन हीरानंदानी से रिश्वत ली। उनके कहने पर संसद में अदाणी से जुड़े सवाल पूछे गए।
निशिकांत ने कहा, महुआ मोइत्रा आईटी मामलों की स्थायी संसदीय समिति की सदस्या हैं। यह एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें कारोबारी हीरानंदानी की भी रुचि है। उन्होंने कहा कि डेटा सुरक्षा उपायों से जुड़े दस्तावेजों के अलावा स्वास्थ्य पर समिति के काम से संबंधित वर्गीकृत कागजात भी संसद के पोर्टल पर मौजूद हैं। निशिकांत ने सवाल किया कि क्या व्यवसायी को भी इन संवेदनशील दस्तावेजों तक पहुंच मिली हुई थी? उन्होंने कहा, "यह पूरा मामला संदिग्ध है और भ्रष्टाचार के लिए राष्ट्रीय हित से समझौता किया गया है।"