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US Tariff: 'अमेरिकी टैरिफ पर कूटनीतिक स्तर पर बातचीत जारी', वित्त मंत्री बोलीं- भारत की ओर से सभी दरवाजे खुले
Tue, 09 Sep 2025 10:57 PM IST
हिमांशु चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Tue, 09 Sep 2025 10:57 PM IST
सार
अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर 50% आयात शुल्क लगाने के बाद भारत ने कूटनीतिक स्तर पर बातचीत तेज कर दी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत सभी दरवाजे खुले रखकर अमेरिका से व्यापार वार्ता जारी रखेगा।
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि भारत ने अमेरिका के साथ जारी व्यापार विवाद को सुलझाने के लिए कूटनीतिक स्तर पर बातचीत तेज कर दी है। अमेरिका ने 27 अगस्त से भारतीय उत्पादों पर 50% आयात शुल्क लगा दिया है। इसका असर झींगा, वस्त्र, चमड़ा और जूता-चप्पल जैसे श्रम-आधारित उद्योगों पर पड़ रहा है।
सीतारमण ने कहा कि भारत की ओर से सभी दरवाजे खुले रखे गए हैं और अमेरिका से बातचीत जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत बातचीत को किसी भी तरह मुश्किल नहीं बनाना चाहता। यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत और अमेरिका मार्च से द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। अब तक पांच दौर की वार्ता पूरी हो चुकी है।
छठा दौर टला, रिश्तों पर असर
छठे दौर की बातचीत के लिए अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल पिछले महीने भारत आने वाला था, लेकिन उसने अपनी यात्रा स्थगित कर दिया। इससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्तों में तनातनी और गहरी हो गई है। उच्च टैरिफ से भारत के कई उद्योगों के निर्यात पर बुरा असर पड़ा है।
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ये भी पढ़ें- फर्जी बैंक गारंटी पर लिया 974 करोड़ का प्रोजेक्ट और 85 करोड़ रुपये, सीबीआई ने दो आरोपियों पर कसा शिकंजा
भारत-अमेरिका व्यापारिक रिश्ते मजबूत
अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। दोनों देशों के बीच वस्तु और सेवा क्षेत्र में 191 अरब अमेरिकी डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार होता है। हालांकि, मौजूदा विवाद ने इस रिश्ते पर दबाव बढ़ा दिया है।
भारत में अमेरिकी निवेश की बड़ी हिस्सेदारी
अमेरिका भारत में तीसरा सबसे बड़ा निवेशक है। अप्रैल 2000 से जून 2025 तक अमेरिका से भारत में 76.26 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आया है। यह भारत को मिले कुल एफडीआई का करीब 10% है। इसलिए यह विवाद दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को गहराई से प्रभावित कर सकता है।
ये भी पढ़ें- उपराष्ट्रपति चुनाव: जगदीप धनखड़ ने सीपी राधाकृष्णन की जीत पर दी बधाई, कहा- आपके अनुभव से पद को नई ऊंचाई मिलेगी
भारत की रणनीति- संवाद और समाधान
भारत सरकार का रुख साफ है कि बातचीत से ही समाधान निकलेगा। सीतारमण ने कहा कि सरकार उद्योगों की चिंताओं को समझती है और हर स्तर पर उन्हें दूर करने की कोशिश की जा रही है। आने वाले महीनों में उम्मीद है कि दोनों देश किसी समझौते पर पहुंच सकेंगे।
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सीतारमण ने कहा कि भारत की ओर से सभी दरवाजे खुले रखे गए हैं और अमेरिका से बातचीत जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत बातचीत को किसी भी तरह मुश्किल नहीं बनाना चाहता। यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत और अमेरिका मार्च से द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। अब तक पांच दौर की वार्ता पूरी हो चुकी है।
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छठा दौर टला, रिश्तों पर असर
छठे दौर की बातचीत के लिए अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल पिछले महीने भारत आने वाला था, लेकिन उसने अपनी यात्रा स्थगित कर दिया। इससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्तों में तनातनी और गहरी हो गई है। उच्च टैरिफ से भारत के कई उद्योगों के निर्यात पर बुरा असर पड़ा है।
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भारत-अमेरिका व्यापारिक रिश्ते मजबूत
अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। दोनों देशों के बीच वस्तु और सेवा क्षेत्र में 191 अरब अमेरिकी डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार होता है। हालांकि, मौजूदा विवाद ने इस रिश्ते पर दबाव बढ़ा दिया है।
भारत में अमेरिकी निवेश की बड़ी हिस्सेदारी
अमेरिका भारत में तीसरा सबसे बड़ा निवेशक है। अप्रैल 2000 से जून 2025 तक अमेरिका से भारत में 76.26 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आया है। यह भारत को मिले कुल एफडीआई का करीब 10% है। इसलिए यह विवाद दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को गहराई से प्रभावित कर सकता है।
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भारत की रणनीति- संवाद और समाधान
भारत सरकार का रुख साफ है कि बातचीत से ही समाधान निकलेगा। सीतारमण ने कहा कि सरकार उद्योगों की चिंताओं को समझती है और हर स्तर पर उन्हें दूर करने की कोशिश की जा रही है। आने वाले महीनों में उम्मीद है कि दोनों देश किसी समझौते पर पहुंच सकेंगे।
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