महिलाओं को 'निर्भीक' बनाने के लिए बनी थी यह रिवॉल्वर, पर ऐसा हो न सका
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कुछ मामलों में देश नहीं बदल सका है। आज भी देश में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। बात चाहे निर्भया कांड की हो, हैदराबाद में हुई हैवानियत की हो या फिर इसके पहले और बाद में हुई ऐसी ही वारदातों की हो। बेटियां असुरक्षित ही हैं।
निर्भया कांड के बाद सख्त कानून की बात उठी, कहने के लिए कुछ कानून सख्त भी हुए, लेकिन नतीजा सिफर रहा। बेटियों की सुरक्षा को लेकर सरकारें कितनी गंभीर हैं, इसका पता इस बात से भी चलता है कि निर्भया कांड के बाद महिलाओं के लिए खास रिवॉल्वर बनाने में दो साल से ज्यादा लग गए। हालांकि बनने के बाद भी महंगी होने के चलते इसके ज्यादा खरीददार नहीं मिले।
इस हैंडगन का नाम निर्भीक इसलिए रखा गया क्योंकि यह निर्भया कांड के बाद महिलाओं के लिए बनाई गई थी। 18 मार्च 2014 को कानपुर में इसका उद्घाटन किया गया था।
जुलाई तक बिके 2,500 पीस
उद्घाटन के बाद से जुलाई 2019 तक 2,500 निर्भीक दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में बिकी थीं। आर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड का मानना है कि निर्भीक को मजबूत और आसान आत्मरक्षा हथियार के रूप में लॉन्च किया गया था, जिसे महिलाएं पर्स में रख सकती हैं।
कीमत में थोड़ी ज्यादा लेकिन बेहद हल्की है निर्भीक
इस रिवॉल्वर का वजन 500 ग्राम है जबकि सामान्य तौर पर रिवॉल्वर का वजन 700 ग्राम होता है। अधिकारियों ने इसके हल्के वजन और कम रखरखाव इसकी सफलता का श्रेय दिया है। इस हथियार की कीमत थोड़ी महंगी है लेकिन इसके बावजूद काफी मात्रा में इसकी बिक्री हो गई है। जहां एक सामान्य रिवॉल्वर की कीमत एक लाख रुपये होती है वहीं निर्भीक के लिए महिलाओं को 1.20 लाख रुपये देने पड़ते थे।
रख-रखाव में काफी आसान है निर्भीक रिवॉल्वर
वहीं जीएसटी लागू होने के बाद इसकी कीमत बढ़कर 1.40 लाख रुपये हो गई है। निर्भीक आसानी से 10 मीटर के दायरे में निशाना लगा सकता है लेकिन ऑर्डिनेंस फैक्ट्री का दावा है कि यह 15 मीटर की रेंज और 0.32 (7.65 मिमी) बोर कैलिबर के साथ आती है। निर्भीक को टाइटेनियम एलॉय मेटल से बनाया गया है जोकि जंगरोधक है। इसी वजह से इसका रख-रखाव करना काफी आसान है। इस रिवॉल्वर को तैयार करने में 3 साल का समय लगा था।आसान नहीं है यूपी में निर्भीक खरीदना
- सबसे पहले तो आपको हथियार रखने का लाइसेंस चाहिए।
- आवेदक की उम्र 21 वर्ष होनी चाहिए।
- उसे यह साबित करना होगा कि उसके जीवन को खतरा है और इसलिए उसे बंदूक का लाइसेंस दिया जाए।
- राजस्व विभाग आवेदक की पृष्ठभूमि की विस्तृत जांच करता है।
- इसके बाद आवेदक का मेडिकल परीक्षण होता है। इसमें यह जांचा जाता है कि आवेदक मानसिक रूप से स्वस्थ्य और स्थिर है या नहीं। वो हथियार को संभाल पाएगा या नहीं।
- यदि आवेदक की आपराधिक पृष्ठभूमि हो तो उसका आवेदन रद हो जाता है।
- आम नागरिक केवल हैंडगन यानी रिवॉल्वर या पिस्टल ही रख सकते हैं। उन्हें आटोमैटिक हथियार रखने की अनुमति नहीं है।
- एक व्यक्ति अधिकतम तीन हथियार रख सकता है। इसका लाइसेंस प्रति तीन वर्ष में रिन्यू कराना आवश्यक है।
यह हैं निर्भीक की विशेषताएं
| कैलिबर | 7.65 मिलीमीटर |
| वजन | 0.525 किलोग्राम |
| कुल आकार | 177.8 मिलीमीटर |
| बैरल की लंबाई | 120.63 मिलीमीटर |
| मारक क्षमता | 15 मीटर |
| साइट | साइड ब्लेड |
| फीड | रिवाल्विंग चेंबर (सिक्स राउंड) |
इस रिवॉल्वर को आयुध निर्माणी बोर्ड की वेबसाइट से खरीदा जा सकता है। इस वेबसाइट पर इसकी कीमत और इसका संपूर्ण विवरण दिया गया है।