फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Nine million registered companies in the country not giving annual details

देश में 9 लाख रजिस्टर्ड कंपनियां नहीं दे रहीं वार्षिक ब्यौरा :अढिया

Sun, 30 Apr 2017 05:16 AM IST
एजेंसी/ नई दिल्ली
एजेंसी/ नई दिल्ली Updated Sun, 30 Apr 2017 05:16 AM IST
विज्ञापन
Nine million registered companies in the country not giving annual details
सांकेतिक चित्र

सरकार का कहना है कि देश में लगभग आठ-नौ लाख पंजीकृत कंपनियां अपना वार्षिक ब्यौरा कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय में दाखिल नहीं करती हैं जो मनी लॉन्ड्रिंग का संभावित स्रोत हैं। राजस्व सचिव हसमुख अढिया ने शनिवार को यहां प्रवर्तन दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से गठित टास्क फोर्स हर 15 दिन में इन कंपनियों की मॉनिटरिंग कर रही है। राजस्व सचिव ने कहा, ‘देश में 15 लाख पंजीकृत कंपनियां हैं। इनमें से करीब आठ-नौ लाख कंपनियां कॉरपोरेट मंत्रालय के पास अपना वार्षिक ब्यौरा नहीं दे रही हैं।’

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय ने लगभग तीन लाख गैर-सूचीबद्ध कंपनियों को नोटिस जारी कर उन्हें कहा है कि वे अपना पंजीकरण रद करवाएं। बाकी कंपनियों को भी नोटिस जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 15 लाख कंपनियों में से केवल छह लाख ही अपना रिटर्न, सालाना ऑडिट रिपोर्ट सहित कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय में दाखिल करवाती हैं। अढिया ने कहा, ‘हमारे देश में लगभग आठ-नौ लाख कंपनियां कोई रिटर्न दाखिल नहीं करतीं जो कि संभावित जोखिम, मनी लॉन्ड्रिंग का संभावित स्रोत बन गई हैं। इसलिए टास्क फोर्स ने इस दिशा में काम किया है।’ 
विज्ञापन


उल्लेखनीय है कि सरकार ने फरवरी में घरेलू मुखौटा कंपनियों पर एक बड़ी कार्रवाई कि दौरान धन शोधन अथवा कर चोरी करने वाली ऐसी कंपनियों के बैंक खाते जब्त करने समेत ‘कठोर दंडात्मक कार्रवाई’ करने का निर्णय किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि मंत्रालय में यहां रिटर्न दाखिल नहीं करने वाली सभी नौ लाख कंपनियां शायद मुखौटा कंपनियां नहीं हो और हो सकता है कि कारोबार नहीं होने के कारण निष्क्रिय हों। आयकर विभाग के रिकार्ड के अनुसार भारत में पंजीकृत 15 लाख कंपनियों में से केवल छह लाख ही रिटर्न फाइल करती हैं। इन छह लाख में से भी लगभग तीन लाख ने शून्य आय दिखाई है।     

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed