भारत में विदेशी आतंकी संगठनों के पांव नहीं जमाने देगी एनआईए, 12 राज्यों में छिपे अलकायदा-आईएस के गुर्गों पर होगा बड़ा वार

जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 19 Sep 2020 01:34 PM IST
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एनआईए - फोटो : PTI (फाइल फोटो)

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सार

राष्ट्रीय जांच एजेंसी के एक बड़े अधिकारी के मुताबिक, भारत में लादेन या आईएस, किसी भी आतंकी संगठन के पांव नहीं जमने दिए जाएंगे। वे सभी 12 राज्य, जांच एजेंसी के रडार पर हैं, जहां ये संगठन भर्ती और हमले, जैसी गतिविधियों को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं...

विस्तार

भारत में लादेन का आतंकी संगठन अल-कायदा' (एक्यूआईएस) लगातार सक्रिय होता जा रहा है। इस समूह के साथ दूसरे आतंकी संगठन जैसे इस्लामिक स्टेट, इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड लेवांत, इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया, दाएश, इस्लामिक स्टेट इन खोरासन, आईएसआईएस विलायत खोरासन, इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड द शाम खोरासन, भी अपनी गतिविधियां बढ़ा रहे हैं। केंद्र सरकार इन सभी संगठनों और इनके विभिन्न स्वरूपों को आतंकवादी संगठन के रूप में अधिसूचित कर चुकी है।
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी के एक बड़े अधिकारी के मुताबिक, भारत में लादेन या आईएस, किसी भी आतंकी संगठन के पांव नहीं जमने दिए जाएंगे। वे सभी 12 राज्य, जांच एजेंसी के रडार पर हैं, जहां ये संगठन भर्ती और हमले, जैसी गतिविधियों को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। इन ठिकानों की अहम जानकारी एनआईए के पास है। भारत में इन संगठनों को जड़ से खत्म करने के लिए जांच एजेंसी एक बड़े प्लान के तहत काम कर रही है।
एनआईए ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद और केरल के एर्नाकुल में छापेमारी कर अलकायदा संगठन के जिन 9 गुर्गों को पकड़ा है, वे एक बड़ी वारदात की कड़ी के तौर पर काम कर रहे थे। इसमें मुर्शिदाबाद से 6 और एर्नाकुल से 3 आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है। इस संगठन ने कई राज्यों में इंटरनेट के जरिए भर्ती प्रक्रिया भी शुरू कर रखी थी।

मुस्लिम युवकों को गुमराह कर उन्हें अल-कायदा और इस्लामिक स्टेट, इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड लेवांत, इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया, दाएश, इस्लामिक स्टेट इन खोरासन प्रोविंस, आईएसआईएस विलायत खोरासन व इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड द शाम खोरासन जैसे आतंकी संगठनों का सदस्य बनाया जा रहा था। इस मॉड्यूल के जरिए देश के विभिन्न हिस्सों, खासतौर से कश्मीर में हमलों को अंजाम देने की योजना बनाई गई थी।

बड़ी बात ये है कि अल-कायदा कश्मीर और दूसरे हिस्से में आतंकियों के नए समूहों के साथ काम करना चाहता है। घाटी में पहले से मौजूद आतंकी तंजीमें जैसे 'लश्कर-ए-तैयबा, हिजबुल मुजाहिदीन और जैश-ए-मोहम्मद' से अलग रह कर अल-कायदा अपने पांव जमाने की फिराक में है। कश्मीर पुलिस के एक पुलिस अधिकारी भी यह बात मानते हैं कि नए समूह, घाटी में पहले से मौजूदा आतंकी तंजीमों के साथ नहीं मिलना चाह रहे हैं।

एनआईए के रडार पर हैं ये 12 प्रदेश

गृह मंत्रालय में राज्यमंत्री जी. किशन रेड्डी का कहना है कि दक्षिण भारत के अलावा कई दूसरे प्रदेशों में भी आईएस अपनी गतिविधियां बढ़ा रहा है। एनआईए द्वारा तेलंगाना, केरल, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु में आईएस की मौजूदगी से संबंधित 17 मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में 122 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। केंद्र सरकार ने ऐसे कई संगठनों की गतिविधियों को आतंकी संगठनों के रूप में अधिसूचित कर दिया है। इन्हें विधिविरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1967 की प्रथम अनुसूची में शामिल किया गया है।

आईएस अपनी विचारधारा का प्रचार प्रसार करने के लिए इंटरनेट आधारित विभिन्न सोशल मीडिया के मंचों का उपयोग कर रहा है। संबंधित एजेंसियां साइबर स्पेस की गहन निगरानी कर रही हैं। एनआईए की जांच में सामने आया है कि आईएस केरल, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, बिहार, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश और जम्मू-कश्मीर में सक्रिय तौर पर अपनी गतिविधियां बढ़ा रहा है। एजेंसी ने काफी हद तक इन नेटवर्क को तोड़ दिया है। उम्मीद है कि बहुत जल्द इसकी अंतिम कड़ी को तोड़ कर एनआईए, आईएस व इसके सहयोगी संगठनों को खत्म कर देगा।

आतंकवाद पर जारी यूएन रिपोर्ट में दी गई थी ये चेतावनी

पिछले दिनों संयुक्त राष्ट्र संघ में पेश की गई एक रिपोर्ट में भी ये खुलासा हुआ था कि अल कायदा भारतीय उपमहाद्वीप 'एक्यूआईएस' (अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट) में हमले की बड़ी घटना को अंजाम दे सकता है। केरल और कर्नाटक, इस्लामिक स्टेट (आईएस) के आतंकवादियों की सूची में सबसे ऊपर हैं। आईएस, अल-कायदा और संबद्ध व्यक्तियों एवं संस्थाओं के बारे में विश्लेषणात्मक सहायता और प्रतिबंधों की निगरानी टीम की 26वीं रिपोर्ट में कहा गया है कि ये समूह अफगानिस्तान के निमरुज, हेलमंद और कंधार प्रांतों से तालिबान की छतरी के नीचे संचालित होते हैं।

कथित तौर पर इन समूहों की संख्या के बारे में कहा गया है कि ये करीब दो सौ हैं। ये केवल एक देश में नहीं हैं, बल्कि बांग्लादेश, भारत, म्यांमार और पाकिस्तान भी इसमें शामिल है। 'एक्यूआईएस' का वर्तमान नेता ओसामा महमूद है, जिसे असीम उमर के बाद 'एक्यूआईएस' की कमान सौंपी गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 'एक्यूआईएस' कथित तौर पर अपने पूर्व नेता की मौत का बदला लेने के लिए कई जगहों पर हमलों की योजना बना रहा है।
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