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मैसूर कोर्ट धमाका : अलकायदा से जुड़े तीन आतंकी पाये गए दोषी, 11 अक्तूबर को सुनाई जाएगी सजा

Sat, 09 Oct 2021 06:35 AM IST
Kuldeep Singh एजेंसी, बंगलूरू
एजेंसी, बंगलूरू Published by: Kuldeep Singh Updated Sat, 09 Oct 2021 06:35 AM IST
सार

मैसूर जिले में चामराजपुरम कोर्ट परिसर के एक शौचालय में एक अगस्त 2016 को ये धमाका हुआ था। तीनों दोषियों को 11 अक्तूबर को सजा सुनाई जाएगी। इस मामले में 1 अगस्त 2016 को लक्ष्मीपुरम पुलिस थाने पर अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।

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NIA special court found three terrorists linked to Al Qaeda guilty in Mysore Court Blast, will be sentenced on October 11
अलकायदा - सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के विशेष कोर्ट ने 2016 के मैसूर कोर्ट ब्लास्ट मामले में अलकायदा से जुड़े समूह बेस मूवमेंट के तीन आतंकियों को दोषी करार दिया है। दोषी ठहराए गए तीनों आरोपी नयनार अब्बास अली उर्फ लाइब्रेरी अब्बास, एम सुलेमान करीम राजा उर्फ अब्दुल करीम और दाउद सुलेमान तमिलनाडु में मदुरै के रहने वाले हैं।

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दोषियों को 11 अक्तूबर को सजा सुनाई जाएगी
मैसूर जिले में चामराजपुरम कोर्ट परिसर के एक शौचालय में एक अगस्त 2016 को ये धमाका हुआ था। तीनों दोषियों को 11 अक्तूबर को सजा सुनाई जाएगी। इस मामले में 1 अगस्त 2016 को लक्ष्मीपुरम पुलिस थाने पर अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। बाद में केंद्रीय गृहमंत्रालय के आदेश पर एनआईए ने दोबारा मामला दर्ज किया था।
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एनआईए के अनुसार जांच में ये पता चला कि मैसूर का ये धमाका बेस मूवमेंट के सदस्यों द्वारा किए गए पांच बम धमाकों की शृंखला का हिस्सा था। इन सदस्यों ने उसी साल 4 अप्रैल को आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले में चिट्टोर कोर्ट, केरल के कोल्लम कोर्ट में 15 मई और फिर से नेल्लोर कोर्ट में 12 सितंबर और केरल के मल्लपुरम कोर्ट में एक नवंबर को धमाके किए थे।
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नयनार अब्बास और दाउद सुलेमान ने अलकायदा और ओसामा बिन लादेन से प्रेरित होकर जनवरी 2015 में तमिलनाडु में बेस मूवमेंट की स्थापना की थी। इसके बाद इन्होंने अन्य सदस्यों को जोड़ा और सरकारी विभागों खासकर अदालतों को निशाना बनाना शुरू किया क्योंकि ये मानते थे कि अदालतें एक खास समुदाय के उत्पीड़न के लिए जिम्मेदार हैं।


इस साजिश के तहत इन लोगों ने अलग अलग राज्यों के जेल अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों, भारत स्थित फ्रांसिसी दूतावास आदि को धमकी भरे संदेश भी भेजे थे। जांच के बाद एनआईए ने तीन आरोपियों नयनार अब्बास अली, एम सुलेमान करीम राजा और दाउद सुलेमान के खिलाफ 24 मई 2017 को आरोपपत्र दायर किया था।

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