NIA Raids: पीएफआई के खिलाफ एनआईए की बड़ी कार्रवाई, तेलंगाना व आंध्र प्रदेश के कई ठिकानों पर छापेमारी
एनआईए की हैदराबाद शाखा ने 26 अगस्त को पीएफआई से जुड़े एक मामले में एफआईआर दर्ज की थी। निजामाबाद के ऑटोनगर निवासी 52 वर्षीय अब्दुल खादर समेत 26 लोग एनआईए की ओर से दर्ज की गई रिपोर्ट में आरोपी थे।
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की ओर से रविवार को पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। एनआईए की टीम ने तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के 40 ठिकानों पर छापा मारा है। इस दौरान चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। इनमें तेलंगाना-आंध्र के दो-दो लोग शामिल हैं। बताया जा रहा है कि दोनों राज्यों में 23 से ज्यादा टीमें तलाशी अभियान चला रही हैं।
यह छापेमारी आंध्र प्रदेश के कुर्नूल, नेल्लोर, कडपा, गुंटूर और तेलंगाना के निजामाबाद में संदिग्धों के आवास और व्यावसायिक परिसरों पर की गई है। सूत्रों से मिली जानकारी के तहत दो दर्जन से ज्यादा पीएफआई नेताओं के ठिकानों की तलाशी ली जा रही है। अभी तक सामने आई जानकारी के मुताबिक, निजामाबाद की एपीएचबी कॉलोनी में एनआईए की टीम ने शाहिद नाम के व्यक्ति के आवास पर छापेमारी की है। उसे 41(ए) के तहत नोटिस भी दिया गया है। इसके अलावा शादुल्ला नामक व्यक्ति के घर पर भी जांच टीम पहुंची है।
26 अगस्त को एनआईए ने दर्ज किया था मामला
एनआईए की हैदराबाद शाखा ने 26 अगस्त को पीएफआई से जुड़े एक मामले में एफआईआर दर्ज की थी। निजामाबाद के ऑटोनगर निवासी 52 वर्षीय अब्दुल खादर समेत 26 लोग एनआईए की ओर से दर्ज की गई रिपोर्ट में आरोपी थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन लोगों ने भारत सरकार के खिलाफ आपराधिक साजिश रची। दावा किया गया है कि इसके तहत पीएफआई द्वारा आतंकवादी गतिविधियों के अंजाम देने के लिए सदस्यों की भर्ती की गई व प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन किया गया। इसके अलावा उन्होंने एक गैरकानूनी सभा का गठन भी किया। इससे पहले निजामाबाद पुलिस ने अब्दुल खादर और 26 व्यक्तियों के खिलाफ कुछ राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी।
पीएफआई नेताओं से लिए थे छह लाख रुपये
आधिकारिक सूत्रों ने दावा किया है कि अब्दुल खादर ने पूछताछ के दौरान कबूल किया है कि उसने कुछ पीएफआई नेताओं से छह लाख रुपये लिए और अपने घर की छत पर एक अलग हिस्से का निर्माण कराया। यहां पर कुछ युवाओं को कोचिंग क्लासेस और शारीरिक ट्रेनिंग दी जाती थी। इसके अलावा उन्हें राष्ट्र विरोधी कृत्यों के लिए प्रोत्साहित करने के लिए भाषण दिए जाते थे।