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NIA: भ्रष्टाचार के आरोप में एनआईए अधिकारी विशाल गर्ग निलंबित, कई अहम मामलों की जांच का कर चुके हैं नेतृत्व
Tue, 25 Apr 2023 11:20 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Tue, 25 Apr 2023 11:20 AM IST
सार
मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद से जुड़े आतंकी फंडिंग के एक मामले में बिजनेसमैन पर आरोप लगे थे। एनआईए अधिकारियों ने बिजनेसमैन का नाम जांच से हटाने के नाम पर दो करोड़ रुपए रिश्वत की मांग की थी।
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एनआईए।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भ्रष्टाचार के आरोप में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के पुलिस अधीक्षक स्तर के एक अधिकारी को निलंबित कर दिया है। सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारी विशाल गर्ग एनआईए के दिल्ली मुख्यालय में तैनात थे। 2019 के बाद यह दूसरी बार है, जब गर्ग को भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित किया गया है। बता दें कि एनआईए के अधिकारी विशाल गर्ग पर पहले भी भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं।
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साल 2019 में गर्ग और दो अन्य अधिकारियों, निशांत और मिथिलेश पर कथित तौर पर एक व्यवसायी से दो करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगा था। दरअसल मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद से जुड़े आतंकी फंडिंग के एक मामले में व्यवसायी पर आरोप लगे थे। एनआईए अधिकारियों ने कारोबारी का नाम जांच से हटाने के नाम पर दो करोड़ रुपये रिश्वत की मांग की थी। निशांत और मिथिलेश उस समय एनआईए की इंटेलीजेंस एंड ऑपरेशन विंग में तैनात थे।
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हालांकि, वर्ष 2020 में विशाल को फिर से बहाल कर दिया गया और दो अन्य अधिकारियों को भी क्लीन चिट दे दी गई। इसके बाद गर्ग को लखनऊ से तबादला कर दिल्ली मुख्यालय भेज दिया गया और प्रशिक्षण प्रभारी बनाया गया। सूत्रों के अनुसार, गर्ग का ताजा निलंबन भ्रष्टाचार के एक और मामले से जुड़ा है।
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अहम मामलों की जांच का कर चुके हैं नेतृत्व
निलंबित अधिकारी विशाल गर्ग कई अहम मामलों की जांच का नेतृत्व कर चुके हैं। गर्ग साल 2007 में हुए समझौता एक्सप्रेस और अजमेर ब्लास्ट मामले में मुख्य जांच अधिकारी थे। इन मामलों में स्वामी असीमानंद और अन्य को रिहा किया जा चुका है। गर्ग एनआईए में आने से पूर्व बीएसएफ में सेवाएं दे चुके हैं। वह एनआईए में स्थायी रूप से शामिल किए गए शुरुआती अफसरों में से हैं।