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ISIS में भारतीयों की भर्ती करने वाली आयशा से NIA ने की पूछताछ, पता लगे कई अहम सुराग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 04 May 2018 04:31 PM IST
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आईएस के लिए भर्ती करने वाली आयशा हामिदन
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की दो सदस्यीय एक टीम ने पिछले हफ्ते मनीला जाकर कुख्यात महिला से पूछताछ की जो आतंकवादी समूह इस्लामिक स्टेट (आईएस) के लिए युवाओं को भर्ती किया करती थी। इस महिला ने सोशल मीडिया के जरिये पिछले तीन सालों के दौरान कई भारतीयों को कट्टरपंथी बनाया है।
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सूत्रों ने बताया कि एनआईए ने 32 साल की कैरेन आयशा हामिदन से 24 अप्रैल से 27 अप्रैल तक पूछताछ की। हामिदन ने उन भारतीयों के बारे में कई अहम सुराग दिए जो आईएसआईएस से जुड़े हुए हैं और इस आतंकी संगठन के विचारों का ऑनलाइन प्रचार कर रहे हैं।
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कैरेन का नाम एनआईए की चार्जशीट में बतौर ‘ऑनलाइन प्रेरक’ दर्ज है और उसे एनआईए की जानकारियों के आधार पर फिलीपींस की नेशनल ब्यूरो ऑफ इंवेस्टिगेशन (एनबीआई) ने गिरफ्तार किया है।
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फिलीपींस स्थित आतंकवादी नेता मोहम्मद जाफर मक्विद की विधवा हामिदन 2016 में अंतरराष्ट्रीय तौर पर तब कुख्यात हुई जब भारतीय एजेंसियों को पता लगा कि वह फेसबुक, टेलीग्राम चैनल और व्हाट्सएप ग्रुप का इस्तेमाल कर भारत से 'विदेशी लड़ाकों' की भर्ती कर रही थी।
भारत के अलावा अमेरिका, ब्रिटेन संयुक्त अरब अमीरात, अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश जैसे अन्य देशों से भी उसने इसी तरह आतंकी संगठन के लिए विदेशी लड़ाकों की भर्तियां की। तभी से करीब दर्जनों देशों की खुफिया एजेंसियों को उसकी तलाश थी।
आईएसआईएस के लिए काम करने वाले तीन भारतीय — इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के मैनेजर मोहम्मद सिराजुद्दीन; तमिलनाडु के 23 वर्षीय कंप्यूटर इंजीनियर मोहम्मद नासीर; और कर्नाटक के भटकल के रहनेवाले अदनान हसन ने दावा किया था कि उन्हें कैरेन ने प्रभावित किया था।
एनआईए के मुताबिक, हामिदन बड़े ऑनलाइन ग्रुप - "इस्लाम Q&A" और "उम्मा मामले" का संचालन करती थी — जहां आईएस के सदस्य खलीफा विचारधारा और जिहादी सामग्री साझा करते और उस क्षेत्र की यात्रा करने की इच्छा व्यक्त करते।
एक सूत्र ने बताया, "उसने कई अन्य भारतीयों के नाम बताए हैं जो इंटरनेट की दुनिया में सक्रिय हैं और आईएसआईएस के लिए भर्ती करते हैं या उसके लिए प्रेरित करते हैं।
सूत्रों ने बताया कि एनबीआई ने मनीला में उसके घर और अन्य ठिकानों से बरामद किए गए दस्तावेजों और लेखों को भी एनआईए के सौंपे हैं।