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NIA: एनआईए ने संतोष कंस्ट्रक्शन के 152 बैंक खाते किए फ्रीज, माओवादियों के साथ संबंधों से जुड़ा है मामला
Fri, 03 Mar 2023 07:38 PM IST
Jeet Kumar
एएनआई, नई दिल्ली।
एएनआई, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 03 Mar 2023 07:38 PM IST
सार
एनआईए ने बताया कि जांच से पता चला कि संतोष कंस्ट्रक्शन के साझेदारों में से एक मृत्युंजय कुमार सिंह का सीपीआई (माओवादी) के शीर्ष कार्यकर्ताओं के साथ घनिष्ठ संबंध था।
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NIA
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
विस्तार
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने झारखंड में माओवादियों के वित्त पोषण स्रोत के रूप में काम कर रही एक फर्म और उसके विभिन्न भागीदारों के 152 बैंक खाते, 124 विशेष सावधि जमा रसीदें और 20.65 करोड़ रुपये वाले एक एसबीआई म्यूचुअल फंड खाते को अटैच कर दिया है। एजेंसी के एक अधिकारी ने कहा, यह एजेंसी की ओर से वामपंथी उग्रवाद से संबंधित मामलों में अब तक की सबसे बड़ी जब्ती है।
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गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत अटैच किया गया म्यूचुअल फंड खाता संतोष कंस्ट्रक्शन और उसके विभिन्न भागीदारों से संबंधित है। इन खातों को पहले सीआरपीसी के प्रावधानों के तहत फ्रीज किया गया था, लेकिन जांच के दौरान उग्रवादी गतिविधियों से होने वाली आय के साधन के रूप में संलिप्तता सामने आने के बाद इन्हें यूएपीए के तहत अटैच किया गया। जांच में पता चला है कि आरोपी मृत्युंजय कुमार सिंह उर्फ सोनू सिंह, संतोष कंस्ट्रक्शन के भागीदारों में से एक था। उसके शीर्ष भाकपा (माओवादी) कैडर के साथ घनिष्ठ संबंध थे। उसने माओवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए भाकपा की क्षेत्रीय समिति के सदस्य रवींद्र गंझू को धन दिया था।
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पीसीआर पर हमला मामले की जांच में सामने आए तथ्य
एनआईए ने कहा, ये सभी तथ्य चंदवा पुलिस थाने के पुलिस कंट्रोल रूम (पीसीआर) वाहन पर हमले से जुड़े मामले की जांच के दौरान सामने आए हैं। 22 नवंबर, 2019 को झारखंड के लातेहार जिले के लुकैया मोड़ में सशस्त्र माओवादी कैडरों की ओर से गंझू के नेतृत्व में चार पुलिस कर्मियों की हत्या कर दी गई थी और उनके हथियार, गोला-बारूद लूट लिए गए थे।