ISKP Module: आईएसकेपी के संदिग्ध गुर्गों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल, NIA ने कहा- आतंकी हमलों की बनाई थी योजना
ISKP Module: आरोपपत्र में कहा गया है कि एनआईए की जांच से पता चला है कि अपने आका के निर्देश पर आरोपियों ने ईरान के रास्ते युद्धग्रस्त देश पहुंचने के बाद खुद को प्रशिक्षित करने और अफगानिस्तान में आतंकवादी हमलों को अंजाम देने की योजना बनाई थी।
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत (आईएसकेपी) के साथ कथित संबंधों को लेकर एक महिला समेत पांच लोगों के खिलाफ मंगलवार को गुजरात की विशेष अदालत में आरोपपत्र दायर किया। एनआईए के लोक अभियोजक अमित नायर ने विशेष न्यायाधीश कमल सोजित्रा की अदालत में उबैद मीर, हनान शॉल, मोहम्मद हाजिम शाह, जुबैर अहमद मुंशी और सुमेराबानू हनीफ मालेक के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। आईएसकेपी संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित आतंकवादी संगठन है।
एटीएस ने किया था आईएसकेपी मॉड्यूल का भंडाफोड़
आरोपपत्र में कहा गया है कि एनआईए की जांच से पता चला है कि अपने आका के निर्देश पर आरोपियों ने ईरान के रास्ते युद्धग्रस्त देश पहुंचने के बाद खुद को प्रशिक्षित करने और अफगानिस्तान में आतंकवादी हमलों को अंजाम देने की योजना बनाई थी। गुजरात आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) ने 9 जून को इस आईएसकेपी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया। इसके बाद पोरबंदर शहर से मीर, शॉल और शाह को गिरफ्तार किया गया था। एक दिन बाद एटीएस ने सुमेराबानू को सूरत से और मुंशी को श्रीनगर से गिरफ्तार किया था। चारों जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर के रहने वाले हैं।
अबू हमजा ने बनाया था कट्टरपंथी
उनके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) की संबंधित धाराओं और भारतीय दंड संहिता की धारा 120 बी (आपराधिक साजिश की सजा) के तहत मामला दर्ज किया गया था। आरोप पत्र के मुताबिक, एनआईए को एक वीडियो क्लिप मिली थी, जिसमें आरोपियों को संगठन के झंडे के नीचे बैठकर धारदार हथियार दिखाते और आईएसकेपी के प्रति अपनी निष्ठा का वचन देते हुए देखा जा सकता है। अधिकारियों ने बताया कि एटीएस द्वारा आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ था कि वे सभी आईएसकेपी मॉड्यूल का हिस्सा थे। उनके आका अबू हमजा ने उन्हें कट्टरपंथी बनाया था।
मछुआरों के रूप में काम करने पहुंचे थे पोरबंदर
मीर, शॉल और शाह अबू हमजा के निर्देश पर जीपीएस के साथ नौकाओं पर मछुआरों के रूप में काम करने के लिए पोरबंदर पहुंचे थे। एटीएस ने कहा था कि उन्होंने आईएसकेपी में शामिल होने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा पार करने और ईरान के रास्ते अफगानिस्तान पहुंचने की योजना बनाई थी। एटीएस के मुताबिक, पोरबंदर से उन्हें एक नाव पर ईरान ले जाया जाना था और अफगानिस्तान के लिए फर्जी पासपोर्ट प्रदान किए गए थे। उन्हें हेरात के जरिए खुरासान पहुंचने के लिए कहा गया था। एटीएस को आरोपियों के बैग में मोबाइल फोन, टैबलेट और धारदार हथियार मिले थे।