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फर्जी सिम कार्ड खरीद मामले में 12 के खिलाफ आरोपपत्र दायर, आतंकी गतिविधियों में हुआ था इस्तेमाल
Tue, 23 Jun 2020 09:33 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Tue, 23 Jun 2020 09:33 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मंगलवार को सिम कार्ड की फर्जी खरीद और उनके एक्टिवेशन से जुड़े मामले में गिरफ्तार किए गए 12 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया। इन सिम कार्ड का इस्तेमाल आईएसआईएस/दाइश आतंकवादियों ने भारत में अपनी गतिविधियों में किया था।
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National Investigation Agency, today, filed charge-sheet against twelve arrested accused persons involved in the case related to fraudulent procurement and activation of SIM cards, which were used by ISIS/Daish terrorists for their activities in India: NIA pic.twitter.com/xaLU0fZgnR
— ANI (@ANI) June 23, 2020विज्ञापन
इस मामले में तमिलनाडु के कांचीपुरम निवासी पचायप्पन (37), चेन्नई के राजेश (34), सलेम के अनबारासन टी (27), अब्दुल रहमान (44), लियाकत अली (29), बंगलूरू के मोहम्मद हनीफ खान (29), इमरान खान (32), मोहम्मद जायद (24), एजाज पाशा (46), हुसैन शरीफ (33), महबूब पाशा (48) और कडलोर के खाजा मोहिदीन (52) का नाम है। एजेंसी का कहना है कि मामले में जांच चल रही है।
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एजेंसी के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता, शस्त्र अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के कड़े प्रावधानों के तहत आरोप लगाए गए हैं। अधिकारी ने बताया कि मोहिदीन ने अपने सहयोगियों हनीफ, इमरान, जैद, एजाज, शरीफ और महबूब को आईएसआईएस की हिंसक चरमपंथी विचारधारा पर कट्टरपंथी बना दिया। उसने उनके साथ मिलकर भारत में आतंकी समूह की गतिविधियों को आगे बढ़ाने की साजिश रची।
एनआईए के मुताबिक मुख्य साजिशकर्ता और आईएसआईएस के आतंकी मोहिदीन ने लियाकत अली के साथ मिलकर भारत में आईएसआईएस की गतिविधियां बढ़ाने के लिए साजिश की। एजेंसी ने बताया कि मोहिदीन को फरवरी 2019 में एक हिंदू नेता की हत्या के मामले में जमानत मिली थी, इसके बाद उसने यह साजिश की। उन्होंने सितंबर और दिसंबर 2019 के बीच सलेम में अनबरसन और अब्दुल रहमान के अलावा चेन्नई में पचायप्पन और राजेश द्वारा बड़ी संख्या में फर्जी तरीके से सक्रिय सिम कार्ड खरीदे।
यह मामला मूल रूप से चेन्नई पुलिस की क्यू ब्रांच ने 28 दिसंबर 2019 को दर्ज किया था। यह मामला टेलीकॉम कंपनी कांचीपुरम में एयरटेल के क्षेत्रीय सेल्स मैनेजर की ओर से की गई एक शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था। शिकायत में कहा गया था कि एयरटेल के कुछ सिम फर्जी तरीके से दूसरे लोगों के दस्तावेजों से सक्रिय किए गए थे। ये सिम कार्ड चेन्नई में सक्रिय हुए थे और जांच के दौरान पता चला था कि इसी तरह से सलेम में वोडाफोन के कुछ सिमकार्ड भी सक्रिय हुए थे।