NHRC: पश्चिम बंगाल के डीजीपी और हावड़ा पुलिस आयुक्त को भेजा नोटिस, रामनवमी जुलूस पर हमले से जुड़ा है मामला
एनएचआरसी ने एक बयान में कहा कि आरोप यदि सही पाए जाते हैं, तो इसका मतलब है कि अधिकारियों द्वारा घटना को टालने के लिए यथासंभव तत्परता बरतने की कोशिश नहीं की गई। एनएचआरसी पैनल ने कहा कि कथित सशस्त्र हमला शांतिपूर्ण यात्रा को विफल करने और भविष्य में इस तरह के आयोजन से उन्हें डराने के दुर्भावनापूर्ण इरादे से किया गया था।
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राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और हावड़ा पुलिस आयुक्त को नोटिस भेजा है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। एनएचआरसी ने यह नोटिस शांतिपूर्ण रामनवमी के जुलूस पर हमले और पुलिस की कथित निष्क्रियता की शिकायत पर भेजा है।
एनएचआरसी ने एक बयान में कहा कि आरोप यदि सही पाए जाते हैं, तो इसका मतलब है कि अधिकारियों द्वारा घटना को टालने के लिए यथासंभव तत्परता बरतने की कोशिश नहीं की गई। आयोग ने 30 मार्च, 2023 को पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले के शिबपुर पुलिस स्टेशन के तहत क्षेत्र में अधिकारियों से अनुमति मिलने के बावजूद रामनवमी शोभायात्रा पर उपद्रवियों द्वारा कथित हमले की शिकायत पर संज्ञान लिया है।
एनएचआरसी पैनल ने कहा कि कथित सशस्त्र हमला शांतिपूर्ण यात्रा को विफल करने और भविष्य में इस तरह के आयोजन से उन्हें डराने के दुर्भावनापूर्ण इरादे से किया गया था। बयान में कहा गया है कि पुलिस ने कथित रूप से "शरारती तत्वों" के खिलाफ मामले में कार्रवाई करने के लिए एक लिखित शिकायत को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। इसमें कहा गया है कि भारत का संविधान सभी लोगों को अंतःकरण की स्वतंत्रता और स्वतंत्र रूप से धर्म को मानने, आचरण करने और प्रचार करने का अधिकार देता है।
एनएचआरसी ने कहा कि राज्य जवाबदेह है, अगर इन अधिकारों को बिना किसी ठोस कारण के निरस्त किया जाता है। इसलिए हमने पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक और हावड़ा के पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी कर मामले की जांच करने और दो सप्ताह के भीतर एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। उन्हें यह सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया है कि मामले की जांच में उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाए और पुलिस की किसी भी अवैध कार्रवाई के कारण किसी को परेशानी न हो।
बता दें, रामनवमी (30 मार्च) के अवसर पर शोभायात्रा के दौरान पश्चिम बंगाल के हावड़ा में हिंसा भड़क गई थी। जिसमें दो समुदाय आमने-सामने आ गए थे और जमकर पत्थरबाजी और आगजनी हुई थी। इसके एक दिन बाद हावड़ा में हिंसा की खबर सामने आई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शुक्रवार को एक बार फिर हिंसा भड़क गई और हावड़ा के शिवपुर में पथराव हुआ। इससे पहले गुरुवार को भड़की हिंसा में दो समुदाय आमने-सामने आ गए थे। इस दौरान जमकर पथराव हुआ था और कई वाहनों में आग लगा दी गई थी।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर लगाए थे आरोप
हावड़ा बवाल पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का बयान भी सामने आया था। उन्होंने कहा था कि हमने किसी शोभा यात्रा पर रोक नहीं लगाई। राज्य में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने कहा था कि जिन्होंने हिंसा भड़काई वे लोग हिंदू नहीं थे, उन्हें बाहर से लाया गया था। भाजपा, बंगाल को अशांत करना चाहती है। अल्पसंख्यक समुदाय के लोग हिंसा में शामिल नहीं हैं क्योंकि वह रमजान में व्यस्त हैं।