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Maharashtra: मजदूरों को जंजीर से बांधकर काम करवाता था ठेकेदार, NHRC ने महाराष्ट्र सरकार, पुलिस को दिया नोटिस
Mon, 26 Jun 2023 03:35 PM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 26 Jun 2023 03:35 PM IST
सार
महाराष्ट्र के उस्मानाबाद जिले में ठेकेदार द्वारा बंधुआ मजदूरी कराने को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने महाराष्ट्र सरकार, पुलिस प्रमुख को नोटिस दिया है।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
महाराष्ट्र के उस्मानाबाद जिले में ठेकेदार द्वारा बंधुआ मजदूरी कराने को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने महाराष्ट्र सरकार, पुलिस प्रमुख को नोटिस दिया है। एनएचआरसी ने अपने बयान में कहा है कि इस मामले में ठेकेदार ने बंधुआ श्रम प्रणाली (उन्मूलन) अधिनियम के प्रावधानों का घोर उल्लंघन किया गया। मीडिया में रिपोर्ट आने के बाद एनएचआरसी ने खुद इस मामले पर संज्ञान लिया है।
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बिना दिहाड़ी के रोज 12 घंटे करवाया जाता था काम
17 जून को पुलिस ने 11 मजदूरों को एक ठेकेदार के चंगुल से मुक्त कराया था, जिसके बाद मजदूरों ने अपनी आपबीती सुनाई थी। मजदूरों ने बताया कि वे एक ठेकेदार के पास कुंआ खोदने के काम के लिए गए थे, उनको जंजीर में बांधकर रखा जाता था ताकि वे भाग न जाएं। उनसे बिना दिहाड़ी के रोज 12 घंटे काम करवाया जाता था। दिन में केवल एक बार खाना दिया जाता था और शौच के लिए भी उन्हें कुंए में ही जाना पड़ता था।
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एनएचआरसी ने प्रशासन को माना जिम्मेदार
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने अपने बयान में कहा है कि कानून के डर के बिना ठेकेदारों ने मजदूरों से इस तरह की क्रूरता की जो स्थानीय प्रशासन की विफलता दर्शाता है। आगे कहा कि अधिकारी अपना वैध कर्तव्य निभाने में विफल रहे, उनसे कानून के अनुसार निपटा जाना आवश्यक है, यदि मीडिया रिपोर्ट की सामग्री सच है, तो यह मजदूरों के मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है।
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मजदूरों में से एक भागने में कामयाब रहा तो खुली पोल
बयान में कहा गया है कि मजदूरों को 17 जून को बचाया गया था, जब उनमें से एक भागने में कामयाब रहा, राज्य के हिंगोली जिले में अपने गांव पहुंचा और पुलिस को यातना के बारे में बताया। इस मामले में कुछ आरोपियों को गिरफ्तार करने से कुछ नहीं होगा। एनएचआरसी ने राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।