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NGT ने मंत्रालय और तेल कंपनियों से पूछा पेट्रोल-डीजल में मिलावट का तरीका

Sat, 11 Feb 2017 07:22 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 11 Feb 2017 07:22 AM IST
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ngt ministry asked how to check petrol diesel adulteration
- फोटो : अमर उजाला

डीजल और पेट्रोल में मिलावट की पुष्टि को लेकर देशभर में कई प्रयोगशालाओं ने अपने हाथ खड़े कर दिए हैं। वहीं नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने अब केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय और सभी तेल कंपनियों से ही पूछा है कि वे बताएं कि तेल की अशुद्धता को जांचने के लिए वे किस विधि का प्रयोग करती हैं। साथ ही वह कौन सी प्रयोगशाला है जो इस तरह का जांच करती है। पीठ ने कहा कि सभी तीन हफ्तों के भीतर इन सवालों के जवाब हलफनामे के साथ दें। 

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जस्टिस जावद रहीम की अध्यक्षता वाली पीठ ने दिल्ली निवासी चेरूब सिंगला के मामले पर सुनवाई की। पीठ ने कहा कि उन्हें इस संबंध में कुछ और जानकारी चाहिए कि प्रयोगशालाएं ईंधन में मिलावट और प्रदूषण संबंधी जांच किस प्रक्रिया के जरिए करती हैं साथ ही नमूनों का विश्लेषण करने के लिए केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय और तेल कंपनियां किस प्रयोगशाला की सेवाएं ले रही हैं।
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वहीं सुनवाई में पेट्रोलियम मंत्रालय और तेल कंपनियों की ओर से पेश एडीशनल सॉलीसीटर जनरल तुषार मेहता पेश हुए। मामले की अगली सुनवाई 9 मार्च को की जाएगी। 

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पेट्रोल और डीजल में मिलावट की जांच के लिए कोई सुविधा नहीं

ngt ministry asked how to check petrol diesel adulteration

एनजीटी ने गौर किया कि केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय के साथ जुड़ी हुई सभी प्रयोगशालाओं के पास पेट्रोल और डीजल में मिलावट की जांच के लिए कोई सुविधा नहीं है। वहीं हाल ही में ट्रिब्यूनल ने आईआईटी मद्रास को इस संबंध में जांच का आदेश दिया था। 

वहीं याची की ओर से पेश एडवोकेट अवनीश अरुपथम का दावा है कि भारत में ऐसी कोई प्रयोगशाला नहीं है जिसमें ईंधन में मिलावट और उसकी मात्रा को मापने की क्षमता है। वहीं पेट्रोलियम मंत्रालय ने हाल ही में एनजीटी को सूचित किया था कि कुल 20 प्रयोगशालाओं से इस संबंध में जानकारी मांगी गई थी। कमोबेश सभी ने इस जांच की सुविधा होने से इनकार कर दिया। 

मालूम हो कि याची ने एनजीटी से ईंधन में होने वाली मिलावट और मिलावटी तेल की वजह से होने वाले प्रदूषण के खिलाफ याचिका दाखिल की थी। याची का आरोप था कि कई पेट्रोल पंप मिलावटी तेल की बिक्री करते हैं। इसकी वजह से वायु प्रदूषण में बढोत्तरी हो रही है। इसलिए देशभर में पेट्रोल पंप को जांचने के लिए निर्देश दिए जाएं। वहीं एनजीटी ने मामले में जांच के लिए एक संयुक्त समिति भी गठित की थी।  

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