फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   NGO behind demonetisation slams Govt decision on implementation

पीएम मोदी को नोटबंदी का गुरुमंत्र देने वाले अनिल केंद्र सरकार से नाराज

Tue, 22 Nov 2016 02:33 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Tue, 22 Nov 2016 02:33 PM IST
विज्ञापन
NGO behind demonetisation slams Govt decision on implementation
Anil Bokil

हम सब नोटबंदी की घोषणा को पीएम मोदी का कालेधन पर अबतक का सटीक प्रहार मान रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं पीएम मोदी के पास ये आइडिया आया कहां से था? जी हां हम बताते हैं आपको पीएम साहब को ये आइडिया कहां से आया।

विज्ञापन


दरअसल ये आइडिया पुणे निवासी अनिल बोकिल और उनके थिंक टैंक अर्थक्रांति प्रतिष्ठान का है। पीएम मोदी से मिलने के लिए बोकिल को सिर्फ नौ मिनट का समय दिया गया था। मुलाकात के दौरान जब मोदी ने बोकिल को सुना तो वह उन्‍हें सुनते की रह गए और नौ मिनट-दो घंटे में कब बदल गए पता ही नहीं चला।
विज्ञापन


लेकिन नोटबंदी का आइडिया देने वाले बोकिल सरकार से नाराज हैं। उनका आरोप है कि सरकार ने उनका आइडिया पूरा-पूरा मानने के बजाय अपनी पसंद को महत्व दिया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

सरकार ने पांच में से मानें दो ही सुझाव

NGO behind demonetisation slams Govt decision on implementation
Anil Bokil

उन्होंने मुंबई मिरर से कहा कि मंगलवार को वह प्रधानमंत्री से मिलने दिल्ली जा रहे थे। लेकिन मुलाकात को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से कोई सूचना नहीं आयी। अनिल बोकिल का कहना है कि उन्होंने प्रधानमंत्री के सामने एक व्यापक प्रस्ताव रखा था जिसके पांच आयाम थे। हालांकि, सरकार ने इनमें सिर्फ दो को ही चुना।

यह अचानक उठाया गया कदम था, ना कि बहुत सोचा-समझा। इस कदम का ना ही स्वागत किया जा सकता है और ना ही इसे खारिज कर सकते हैं। हम इसे स्वीकार करने के लिए बाध्य हैं। हमने सरकार को जो रोडमैप दिए थे, उससे ऐसी परेशानियां नहीं होतीं। अगर ये सभी सुझाव एकसाथ मान लिए गए होते, तो इससे ना केवल आम आदमी को फायदा होता बल्कि पूरी व्यवस्था ही बदल गई होती।

बोकिल ने कहा कि हम इस प्रस्ताव पर 16 सालों से काम कर रहे हैं जब अर्थक्रांति साल 2000 में स्थापित हुई। बोकिल ने बताया कि 16 सदस्यों की एक तकनीकी समिति ने यह प्रस्ताव दिया जिसने गारंटी दी कि इससे एक भी व्यक्ति प्रभावित नहीं होगा। इस कदम का सिर्फ और सिर्फ कालाधन, आतंकवाद और फिरौती से जुड़े अपराधों पर प्रहार होता। इससे प्रॉपर्टी की कीमतें कम होतीं और जीडीपी का विस्तार होता। सरकार ने 2,000 रुपये के नोट ला दिए जिसे हम वापस लेने का प्रस्ताव रख रहे हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed