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News Updates: तेलंगाना में मिलावट रोकने के लिए बनेगी नई एजेंसी; ओडिशा में जमाखोरी रोकने के लिए सख्त निर्देश
Tue, 31 Mar 2026 02:22 PM IST
Pavan
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Published by: Pavan
Updated Tue, 31 Mar 2026 02:22 PM IST
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आज की बड़ी खबरें।
- फोटो : अमर उजाला
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए एक नई विशेष एजेंसी बनाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि खाने-पीने की चीजों में मिलावट एक गंभीर अपराध है और यह लोगों की सेहत के लिए बड़ा खतरा है। सरकार इस समस्या से निपटने के लिए सख्त कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि यह नई एजेंसी हाइड्रा और ईगल जैसी संस्थाओं की तरह काम करेगी। पिछले एक महीने में हैदराबाद में 61 मामले दर्ज हुए हैं, 15 टन मिलावटी सामान जब्त किया गया है और 64 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य लोगों को अच्छा खाना और बेहतर शिक्षा देना है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में अब बेहतर गुणवत्ता वाला चावल वितरण किया जा रहा है, जिससे काले बाजारी में कमी आई है।
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टीएमसी विधायक ईडी के सामने पेश
कोलकाता में टीएमसी विधायक देबाशीष कुमार सोमवार को जमीन घोटाले के मामले में पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) के सामने पेश हुए। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब वे दक्षिण कोलकाता की राशबेहारी सीट से चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या कुमार का किसी कारोबारी अमित गांगोपाध्याय के साथ कोई वित्तीय लेन-देन था। हाल ही में गांगोपाध्याय के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान कई दस्तावेज मिले थे, जिसके बाद कुमार से पूछताछ जरूरी समझी गई। इस सीट पर 29 अप्रैल को मतदान होना है और 4 मई को नतीजे आएंगे। भाजपा ने यहां से स्वपन दासगुप्ता को उम्मीदवार बनाया है। ऐसे में चुनावी माहौल के बीच ईडी की कार्रवाई ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। विपक्ष इसे राजनीतिक दबाव बता रहा है, जबकि एजेंसियां इसे नियमित जांच बता रही हैं।
ओडिशा में वन्यजीवों का कहर: तीन साल में 523 लोगों की मौत, 1,391 घायल
ओडिशा में पिछले तीन वर्षों में वन्यजीवों के हमले गंभीर चिंता का विषय बनकर उभरे हैं। राज्य विधानसभा में वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री गणेश राम सिंगखुंटिया ने जानकारी दी कि इस दौरान 523 लोगों की मौत हुई है, जबकि 1,391 लोग घायल हुए हैं।
मंत्री ने बताया कि वित्त वर्ष 2022-23 में 175 लोगों की जान गई और 408 लोग घायल हुए। वहीं 2023-24 में मृतकों की संख्या बढ़कर 186 और घायलों की संख्या 445 हो गई। इसके अलावा 2024-25 में 164 लोगों की मौत और 538 लोग घायल हुए हैं। आंकड़ों के अनुसार, ढेंकनाल वन प्रभाग में सबसे अधिक 92 लोगों की मौत हुई, जबकि अंगुल में 54 लोगों की जान गई। इसके अलावा केओंझर (52), बारिपदा (36), संबलपुर (34) और बोनाई (33) जैसे क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में मौतें दर्ज की गईं।
घायलों की संख्या में केओंझर सबसे आगे रहा, जहां 155 लोग घायल हुए। इसके बाद ढेंकनाल (113), खोरधा (87), रेंढाखोल (77), खारियार (66) और देवगढ़ (65) का स्थान रहा। मंत्री ने यह भी बताया कि इस अवधि में 264 वन्यजीवों की मौत हुई, जिनमें से 132 की मौत अस्वाभाविक कारणों से हुई। इस दौरान 4 रॉयल बंगाल टाइगर, 25 तेंदुए और 1,426 अन्य जानवर मारे गए, जिनमें से 447 शिकारियों के कारण मारे गए।
कोलकाता में टीएमसी विधायक देबाशीष कुमार सोमवार को जमीन घोटाले के मामले में पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) के सामने पेश हुए। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब वे दक्षिण कोलकाता की राशबेहारी सीट से चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या कुमार का किसी कारोबारी अमित गांगोपाध्याय के साथ कोई वित्तीय लेन-देन था। हाल ही में गांगोपाध्याय के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान कई दस्तावेज मिले थे, जिसके बाद कुमार से पूछताछ जरूरी समझी गई। इस सीट पर 29 अप्रैल को मतदान होना है और 4 मई को नतीजे आएंगे। भाजपा ने यहां से स्वपन दासगुप्ता को उम्मीदवार बनाया है। ऐसे में चुनावी माहौल के बीच ईडी की कार्रवाई ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। विपक्ष इसे राजनीतिक दबाव बता रहा है, जबकि एजेंसियां इसे नियमित जांच बता रही हैं।
ओडिशा में वन्यजीवों का कहर: तीन साल में 523 लोगों की मौत, 1,391 घायल
ओडिशा में पिछले तीन वर्षों में वन्यजीवों के हमले गंभीर चिंता का विषय बनकर उभरे हैं। राज्य विधानसभा में वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री गणेश राम सिंगखुंटिया ने जानकारी दी कि इस दौरान 523 लोगों की मौत हुई है, जबकि 1,391 लोग घायल हुए हैं।
मंत्री ने बताया कि वित्त वर्ष 2022-23 में 175 लोगों की जान गई और 408 लोग घायल हुए। वहीं 2023-24 में मृतकों की संख्या बढ़कर 186 और घायलों की संख्या 445 हो गई। इसके अलावा 2024-25 में 164 लोगों की मौत और 538 लोग घायल हुए हैं। आंकड़ों के अनुसार, ढेंकनाल वन प्रभाग में सबसे अधिक 92 लोगों की मौत हुई, जबकि अंगुल में 54 लोगों की जान गई। इसके अलावा केओंझर (52), बारिपदा (36), संबलपुर (34) और बोनाई (33) जैसे क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में मौतें दर्ज की गईं।
घायलों की संख्या में केओंझर सबसे आगे रहा, जहां 155 लोग घायल हुए। इसके बाद ढेंकनाल (113), खोरधा (87), रेंढाखोल (77), खारियार (66) और देवगढ़ (65) का स्थान रहा। मंत्री ने यह भी बताया कि इस अवधि में 264 वन्यजीवों की मौत हुई, जिनमें से 132 की मौत अस्वाभाविक कारणों से हुई। इस दौरान 4 रॉयल बंगाल टाइगर, 25 तेंदुए और 1,426 अन्य जानवर मारे गए, जिनमें से 447 शिकारियों के कारण मारे गए।
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नाबालिग से दुष्कर्म में आरोपी को 20 साल की सजा
भुवनेश्वर की एक विशेष पॉक्सो अदालत ने 13 साल की बच्ची से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को 20 साल की सख्त सजा सुनाई है। यह घटना अगस्त 2020 की है, जब आरोपी अजय परिडा ने बच्ची के घर में घुसकर अपराध किया था। उस समय बच्ची के माता-पिता घर पर नहीं थे। आरोपी ने घटना के बाद बच्ची को जान से मारने की धमकी भी दी थी। बाद में जब परिवार को जानकारी मिली, तो पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई और आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया। अदालत ने सुनवाई के दौरान 12 गवाहों और 10 दस्तावेजों के आधार पर फैसला सुनाया। आरोपी पर 5 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। साथ ही, पीड़िता को 4 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया गया है। इस फैसले को न्याय की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।
भुवनेश्वर की एक विशेष पॉक्सो अदालत ने 13 साल की बच्ची से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को 20 साल की सख्त सजा सुनाई है। यह घटना अगस्त 2020 की है, जब आरोपी अजय परिडा ने बच्ची के घर में घुसकर अपराध किया था। उस समय बच्ची के माता-पिता घर पर नहीं थे। आरोपी ने घटना के बाद बच्ची को जान से मारने की धमकी भी दी थी। बाद में जब परिवार को जानकारी मिली, तो पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई और आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया। अदालत ने सुनवाई के दौरान 12 गवाहों और 10 दस्तावेजों के आधार पर फैसला सुनाया। आरोपी पर 5 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। साथ ही, पीड़िता को 4 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया गया है। इस फैसले को न्याय की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।
ओडिशा में जमाखोरी रोकने के लिए सख्त निर्देश
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिला अधिकारियों से कहा है कि जरूरी सामानों की सप्लाई बनी रहे और किसी भी तरह की कृत्रिम कमी न होने दी जाए। सरकार ने 24 घंटे निगरानी रखने के लिए विशेष टीमें बनाई हैं। मुख्यमंत्री ने अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ भी सख्ती बरतने को कहा है। अधिकारियों को पेट्रोल, डीजल, गैस और खाद जैसी जरूरी चीजों की उपलब्धता पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि घबराकर ज्यादा खरीदारी न करें। सरकार का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिला अधिकारियों से कहा है कि जरूरी सामानों की सप्लाई बनी रहे और किसी भी तरह की कृत्रिम कमी न होने दी जाए। सरकार ने 24 घंटे निगरानी रखने के लिए विशेष टीमें बनाई हैं। मुख्यमंत्री ने अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ भी सख्ती बरतने को कहा है। अधिकारियों को पेट्रोल, डीजल, गैस और खाद जैसी जरूरी चीजों की उपलब्धता पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि घबराकर ज्यादा खरीदारी न करें। सरकार का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
बीजू पटनायक पर टिप्पणी को लेकर विवाद
ओडिशा में पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक पर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की टिप्पणी को लेकर विवाद बढ़ गया है। निशिकांत दुबे ने दावा किया था कि पटनायक का संबंध 1960 के दशक में सीआईए से था, जिसे लेकर कई नेताओं ने नाराजगी जताई है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के परिवार के सदस्य चंद्र कुमार बोस और भाजपा के कई नेताओं ने इस बयान की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि बीजू पटनायक एक महान देशभक्त थे और उनकी छवि पर सवाल उठाना गलत है। बीजेडी के कार्यकर्ताओं ने भी विरोध प्रदर्शन किया और माफी की मांग की। विवाद बढ़ने पर दुबे ने सफाई दी कि उनका मकसद किसी का अपमान करना नहीं था। फिर भी यह मुद्दा राजनीतिक बहस का बड़ा विषय बन गया है।
ओडिशा में पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक पर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की टिप्पणी को लेकर विवाद बढ़ गया है। निशिकांत दुबे ने दावा किया था कि पटनायक का संबंध 1960 के दशक में सीआईए से था, जिसे लेकर कई नेताओं ने नाराजगी जताई है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के परिवार के सदस्य चंद्र कुमार बोस और भाजपा के कई नेताओं ने इस बयान की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि बीजू पटनायक एक महान देशभक्त थे और उनकी छवि पर सवाल उठाना गलत है। बीजेडी के कार्यकर्ताओं ने भी विरोध प्रदर्शन किया और माफी की मांग की। विवाद बढ़ने पर दुबे ने सफाई दी कि उनका मकसद किसी का अपमान करना नहीं था। फिर भी यह मुद्दा राजनीतिक बहस का बड़ा विषय बन गया है।
वाम दल ने अमित शाह के बयान पर उठाए सवाल
सीपीआई (एमएल) लिबरेशन ने गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी का कहना है कि संसद में नक्सलवाद पर चर्चा के दौरान सरकार ने वामपंथी विचारधारा को निशाना बनाया। पार्टी के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि सरकार विरोधी आवाजों को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘अर्बन नक्सल’ और ‘एंटी-नेशनल’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर असहमति रखने वालों को बदनाम किया जा रहा है। वहीं अमित शाह ने अपने बयान में कहा था कि नक्सलवाद वामपंथी सोच का परिणाम है और इससे गरीबी बढ़ती है। इस बयान के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।
सीपीआई (एमएल) लिबरेशन ने गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी का कहना है कि संसद में नक्सलवाद पर चर्चा के दौरान सरकार ने वामपंथी विचारधारा को निशाना बनाया। पार्टी के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि सरकार विरोधी आवाजों को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘अर्बन नक्सल’ और ‘एंटी-नेशनल’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर असहमति रखने वालों को बदनाम किया जा रहा है। वहीं अमित शाह ने अपने बयान में कहा था कि नक्सलवाद वामपंथी सोच का परिणाम है और इससे गरीबी बढ़ती है। इस बयान के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।
विधायक की हत्या में शामिल नारायण राव समेत 9 नक्सलियों का आत्मसमर्पण
आंध्र प्रदेश में नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। सोमवार को 9 नक्सलियों ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) हरीश कुमार गुप्ता के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इसमें शीर्ष नक्सली नेता चेल्लुरी नारायण राव भी शामिल है, जिस पर एक विधायक और कई पुलिसकर्मियों की हत्या का आरोप है। डीजीपी ने बताया कि आंध्र प्रदेश में वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यू) लगभग खत्म हो चुका है। डीजीपी के अनुसार, नारायण राव आंध्र-ओडिशा बॉर्डर (एओबी) का सचिव था और 36 वर्षों से नक्सली गतिविधियों में शामिल था। वह 2018 में विधायक किदारी सर्वेश्वर राव की हत्या, 2001 में सर्किल इंस्पेक्टर गांधी और 1997 में हेड कांस्टेबल नरेंद्र दास की हत्या जैसे मामलों में शामिल रहा।
आंध्र प्रदेश में नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। सोमवार को 9 नक्सलियों ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) हरीश कुमार गुप्ता के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इसमें शीर्ष नक्सली नेता चेल्लुरी नारायण राव भी शामिल है, जिस पर एक विधायक और कई पुलिसकर्मियों की हत्या का आरोप है। डीजीपी ने बताया कि आंध्र प्रदेश में वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यू) लगभग खत्म हो चुका है। डीजीपी के अनुसार, नारायण राव आंध्र-ओडिशा बॉर्डर (एओबी) का सचिव था और 36 वर्षों से नक्सली गतिविधियों में शामिल था। वह 2018 में विधायक किदारी सर्वेश्वर राव की हत्या, 2001 में सर्किल इंस्पेक्टर गांधी और 1997 में हेड कांस्टेबल नरेंद्र दास की हत्या जैसे मामलों में शामिल रहा।
ओडिशा: रेल पटरी ब्लास्ट में शामिल रही 19 वर्षीय माओवादी का भी सरेंडर
देश को नक्सल मुक्त बनाने के संकल्प के बीच ओडिशा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सोमवार को 19 वर्षीय महिला माओवादी मोंगदी होनहागा ने राउरकेला में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। मूल रूप से झारखंड की रहने वाली मोंगदी प्रतिबंधित संगठन में बी श्रेणी की कैडर थी। यह बैंकू स्टोन खदान लूट और रेल पटरी ब्लास्ट जैसी गंभीर घटनाओं में शामिल रही है।
देश को नक्सल मुक्त बनाने के संकल्प के बीच ओडिशा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सोमवार को 19 वर्षीय महिला माओवादी मोंगदी होनहागा ने राउरकेला में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। मूल रूप से झारखंड की रहने वाली मोंगदी प्रतिबंधित संगठन में बी श्रेणी की कैडर थी। यह बैंकू स्टोन खदान लूट और रेल पटरी ब्लास्ट जैसी गंभीर घटनाओं में शामिल रही है।
भारत-रूस ने मजबूत रिश्तों पर की चर्चा
भारत और रूस के बीच सोमवार को नई दिल्ली में अहम बैठक हुई, जिसमें दोनों देशों ने अपने संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की। इस बैठक को “फॉरेन ऑफिस कंसल्टेशन” कहा जाता है और इसमें भारत की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिस्री और रूस की ओर से उप विदेश मंत्री आंद्रेई रुडेंको शामिल हुए। बैठक के दौरान दोनों देशों ने अपने विशेष और रणनीतिक साझेदारी के तहत सभी मुद्दों की समीक्षा की। इसमें व्यापार, सुरक्षा, क्षेत्रीय और वैश्विक मामलों पर भी बातचीत हुई। इसके अलावा आने वाले समय में दोनों देशों के बीच होने वाली उच्च स्तरीय बैठकों के कार्यक्रम पर भी चर्चा की गई। बैठक के बाद रुडेंको ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी मुलाकात की। जयशंकर ने कहा कि यह बातचीत सकारात्मक रही और इससे दोनों देशों के संबंध और मजबूत होंगे। रूस ने भी इस बात पर जोर दिया कि भारत के साथ उसका सहयोग लगातार बढ़ रहा है। भारत और रूस लंबे समय से अच्छे दोस्त रहे हैं और दोनों देश रक्षा, ऊर्जा और व्यापार जैसे कई क्षेत्रों में मिलकर काम करते हैं। इस बैठक को दोनों देशों के रिश्तों को और आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भारत और रूस के बीच सोमवार को नई दिल्ली में अहम बैठक हुई, जिसमें दोनों देशों ने अपने संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की। इस बैठक को “फॉरेन ऑफिस कंसल्टेशन” कहा जाता है और इसमें भारत की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिस्री और रूस की ओर से उप विदेश मंत्री आंद्रेई रुडेंको शामिल हुए। बैठक के दौरान दोनों देशों ने अपने विशेष और रणनीतिक साझेदारी के तहत सभी मुद्दों की समीक्षा की। इसमें व्यापार, सुरक्षा, क्षेत्रीय और वैश्विक मामलों पर भी बातचीत हुई। इसके अलावा आने वाले समय में दोनों देशों के बीच होने वाली उच्च स्तरीय बैठकों के कार्यक्रम पर भी चर्चा की गई। बैठक के बाद रुडेंको ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी मुलाकात की। जयशंकर ने कहा कि यह बातचीत सकारात्मक रही और इससे दोनों देशों के संबंध और मजबूत होंगे। रूस ने भी इस बात पर जोर दिया कि भारत के साथ उसका सहयोग लगातार बढ़ रहा है। भारत और रूस लंबे समय से अच्छे दोस्त रहे हैं और दोनों देश रक्षा, ऊर्जा और व्यापार जैसे कई क्षेत्रों में मिलकर काम करते हैं। इस बैठक को दोनों देशों के रिश्तों को और आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विश्व व्यवस्था के लोकतंत्रीकरण में अहम भूमिका निभा सकता है नालंदा विवि: द्रौपदी मुर्मू
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को बिहार के राजगीर स्थित नालंदा विश्वविद्यालय के द्वितीय दीक्षांत समारोह में छात्रों को डिग्रियां प्रदान कीं। इस मौके पर उन्होंने कहा कि इस संस्थान से शिक्षा ग्रहण करने वालों को दो चीजें मिलती हैं, एक डिग्री और दूसरी मानवता की साझा विरासत। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा, तेजी से बहुध्रवीय होती दुनिया में नालंदा विवि वैश्विक व्यवस्था के लोकतंत्रीकरण में अहम भूमिका निभा सकता है। राष्ट्रपति मुर्मू और विदेश मंत्री जयशंकर दोनों ने इस मौके पर प्राचीन संस्थान के पुनर्जीवन को आधुनिक स्वरूप में इसके गौरवशाली अतीत को फिर से स्थापित करने की प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया। राष्ट्रपति ने विश्वविद्यालय परिसर में बने विश्व मित्रालय भवन का उद्घाटन किया।
विदेश मंत्री ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया अब अधिक बहुध्रुवीय होती जा रही है, क्योंकि अब कई अलग-अलग संस्कृतियां और समाज अपनी राय और आवाज व्यक्त कर रहे हैं। नालंदा परंपरा वैश्विक बदलाव और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अहम भूमिका निभा सकती है। जयशंकर ने कहा कि नालंदा शब्द ही भारत की बौद्धिक विरासत व सांस्कृतिक वैभव की स्मृतियां जगाता है। इस संस्थान में उस परंपरा का पुनर्जीवन केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरे एशिया के उदय का संकेत है। उन्होंने कहा कि विश्व में विकास और प्रगति की दिशा को लेकर गंभीर बहस जारी है।
इन दिनों अधिकांश विमर्श स्वाभाविक रूप से प्रौद्योगिकी के इर्द-गिर्द केंद्रित हो गया है लेकिन नालंदा की मूल भावना हमें स्मरण कराती है कि हर पहलू का एक मानवीय पक्ष भी होता है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। जयशंकर ने उम्मीद जताई कि अंतरराष्ट्रीय छात्र अपने-अपने देशों में लौटकर भारत की समझ और देश की छवि को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
नेट-जीरो लक्ष्य की प्रतिबद्धता को राष्ट्रपति ने सराहा
राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संबोधन के दौरान इस बात पर प्रसन्नता जाहिर की कि इस वर्ष स्नातक डिग्री हासिल करने वाले विद्यार्थियों में आधे से अधिक अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थी हैं, जो 30 से अधिक देशों से आए हैं। उन्होंने समारोह से पहले पौधारोपण अभियान में भी हिस्सा लिया और विश्वविद्यालय की नेट-जीरो लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की। नेट जीरो उत्सर्जन का मतलब है कि जो जितना कार्बन उत्सर्जन करता है, उतना ही कार्बन खत्म करने की व्यवस्था भी करे। नेट जीरो’ का मतलब यह नहीं है कि कार्बन का उत्सर्जन शून्य हो जाएगा। उन्होंने कहा, यह परिसर नेट-जीरो कैंपस बनने की दिशा में स्थिरता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उच्च शिक्षण संस्थानों को उदाहरण प्रस्तुत करते हुए नेतृत्व करना चाहिए। राजगीर स्थित नालंदा विश्वविद्यालय के नए परिसर का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जून 2024 में किया था।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को बिहार के राजगीर स्थित नालंदा विश्वविद्यालय के द्वितीय दीक्षांत समारोह में छात्रों को डिग्रियां प्रदान कीं। इस मौके पर उन्होंने कहा कि इस संस्थान से शिक्षा ग्रहण करने वालों को दो चीजें मिलती हैं, एक डिग्री और दूसरी मानवता की साझा विरासत। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा, तेजी से बहुध्रवीय होती दुनिया में नालंदा विवि वैश्विक व्यवस्था के लोकतंत्रीकरण में अहम भूमिका निभा सकता है। राष्ट्रपति मुर्मू और विदेश मंत्री जयशंकर दोनों ने इस मौके पर प्राचीन संस्थान के पुनर्जीवन को आधुनिक स्वरूप में इसके गौरवशाली अतीत को फिर से स्थापित करने की प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया। राष्ट्रपति ने विश्वविद्यालय परिसर में बने विश्व मित्रालय भवन का उद्घाटन किया।
विदेश मंत्री ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया अब अधिक बहुध्रुवीय होती जा रही है, क्योंकि अब कई अलग-अलग संस्कृतियां और समाज अपनी राय और आवाज व्यक्त कर रहे हैं। नालंदा परंपरा वैश्विक बदलाव और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अहम भूमिका निभा सकती है। जयशंकर ने कहा कि नालंदा शब्द ही भारत की बौद्धिक विरासत व सांस्कृतिक वैभव की स्मृतियां जगाता है। इस संस्थान में उस परंपरा का पुनर्जीवन केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरे एशिया के उदय का संकेत है। उन्होंने कहा कि विश्व में विकास और प्रगति की दिशा को लेकर गंभीर बहस जारी है।
इन दिनों अधिकांश विमर्श स्वाभाविक रूप से प्रौद्योगिकी के इर्द-गिर्द केंद्रित हो गया है लेकिन नालंदा की मूल भावना हमें स्मरण कराती है कि हर पहलू का एक मानवीय पक्ष भी होता है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। जयशंकर ने उम्मीद जताई कि अंतरराष्ट्रीय छात्र अपने-अपने देशों में लौटकर भारत की समझ और देश की छवि को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
नेट-जीरो लक्ष्य की प्रतिबद्धता को राष्ट्रपति ने सराहा
राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संबोधन के दौरान इस बात पर प्रसन्नता जाहिर की कि इस वर्ष स्नातक डिग्री हासिल करने वाले विद्यार्थियों में आधे से अधिक अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थी हैं, जो 30 से अधिक देशों से आए हैं। उन्होंने समारोह से पहले पौधारोपण अभियान में भी हिस्सा लिया और विश्वविद्यालय की नेट-जीरो लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की। नेट जीरो उत्सर्जन का मतलब है कि जो जितना कार्बन उत्सर्जन करता है, उतना ही कार्बन खत्म करने की व्यवस्था भी करे। नेट जीरो’ का मतलब यह नहीं है कि कार्बन का उत्सर्जन शून्य हो जाएगा। उन्होंने कहा, यह परिसर नेट-जीरो कैंपस बनने की दिशा में स्थिरता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उच्च शिक्षण संस्थानों को उदाहरण प्रस्तुत करते हुए नेतृत्व करना चाहिए। राजगीर स्थित नालंदा विश्वविद्यालय के नए परिसर का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जून 2024 में किया था।
डिजिटल हुईं पंचायतें, तीन लाख करोड़ रुपये सीधे लोगों तक पहुंचे
देश की पंचायतों में डिजिटल व्यवस्था तेजी से बढ़ रही है और इसके जरिये ग्रामीण क्षेत्रों में पैसे का सीधा और पारदर्शी उपयोग हो रहा है। ई-ग्रामस्वराज और सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) के जरिये अब तक करीब 3 लाख करोड़ रुपये का भुगतान सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाया जा चुका है। इस प्रक्रिया में देश की करीब 25 लाख पंचायतों ने 2019 से अब तक अहम भूमिका निभाई है। डिजिटल भुगतान व्यवस्था से यह सुनिश्चित हुआ है कि सरकारी धन सही लोगों तक पहुंचे और बीच में गड़बड़ी की संभावना कम हो। हर लेनदेन का रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है।
यह प्लेटफॉर्म पंचायत स्तर पर योजना बनाने, खर्च करने और हिसाब रखने की प्रक्रिया को आसान बनाता है। पहले जहां नकद और कागजी काम ज्यादा होता था, अब उसकी जगह तेज और सुरक्षित डिजिटल सिस्टम ने ले ली है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में पंचायतों ने इसी प्रणाली के जरिये 53,342 करोड़ रुपये का भुगतान किया। इस दौरान 2,55,254 ग्राम पंचायतों ने अपनी विकास योजनाएं इस प्लेटफॉर्म पर डालीं। कुल 2,59,798 पंचायती राज संस्थाएं इस सिस्टम से जुड़ चुकी हैं, जिनमें से 2,50,807 ने इसी साल ऑनलाइन भुगतान किया। साथ ही 1.60 करोड़ से ज्यादा विक्रेताओं का पंजीकरण भी किया गया है।
‘सभासार’ नाम का एआई टूल 23 भाषा में शुरू
इसके अलावा, पंचायतों में बैठकों को आसान बनाने के लिए ‘सभासार’ नाम का एआई आधारित टूल भी शुरू किया गया है। यह अब 23 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है और ग्राम सभा की बैठकों का रिकॉर्ड अपने आप तैयार करता है। इससे लोगों की भागीदारी बढ़ी है और कामकाज अधिक व्यवस्थित हुआ है। 29 जनवरी 2026 तक 1,11,486 ग्राम पंचायतें इस टूल का उपयोग कर चुकी हैं। इस प्लेटफॉर्म को कई पुरस्कार भी मिल चुके हैं। सरकार का लक्ष्य है कि हर पंचायत डिजिटल रूप से मजबूत बने, जिससे गांवों में विकास और पारदर्शिता दोनों को बढ़ावा मिल सके।
देश की पंचायतों में डिजिटल व्यवस्था तेजी से बढ़ रही है और इसके जरिये ग्रामीण क्षेत्रों में पैसे का सीधा और पारदर्शी उपयोग हो रहा है। ई-ग्रामस्वराज और सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) के जरिये अब तक करीब 3 लाख करोड़ रुपये का भुगतान सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाया जा चुका है। इस प्रक्रिया में देश की करीब 25 लाख पंचायतों ने 2019 से अब तक अहम भूमिका निभाई है। डिजिटल भुगतान व्यवस्था से यह सुनिश्चित हुआ है कि सरकारी धन सही लोगों तक पहुंचे और बीच में गड़बड़ी की संभावना कम हो। हर लेनदेन का रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है।
यह प्लेटफॉर्म पंचायत स्तर पर योजना बनाने, खर्च करने और हिसाब रखने की प्रक्रिया को आसान बनाता है। पहले जहां नकद और कागजी काम ज्यादा होता था, अब उसकी जगह तेज और सुरक्षित डिजिटल सिस्टम ने ले ली है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में पंचायतों ने इसी प्रणाली के जरिये 53,342 करोड़ रुपये का भुगतान किया। इस दौरान 2,55,254 ग्राम पंचायतों ने अपनी विकास योजनाएं इस प्लेटफॉर्म पर डालीं। कुल 2,59,798 पंचायती राज संस्थाएं इस सिस्टम से जुड़ चुकी हैं, जिनमें से 2,50,807 ने इसी साल ऑनलाइन भुगतान किया। साथ ही 1.60 करोड़ से ज्यादा विक्रेताओं का पंजीकरण भी किया गया है।
‘सभासार’ नाम का एआई टूल 23 भाषा में शुरू
इसके अलावा, पंचायतों में बैठकों को आसान बनाने के लिए ‘सभासार’ नाम का एआई आधारित टूल भी शुरू किया गया है। यह अब 23 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है और ग्राम सभा की बैठकों का रिकॉर्ड अपने आप तैयार करता है। इससे लोगों की भागीदारी बढ़ी है और कामकाज अधिक व्यवस्थित हुआ है। 29 जनवरी 2026 तक 1,11,486 ग्राम पंचायतें इस टूल का उपयोग कर चुकी हैं। इस प्लेटफॉर्म को कई पुरस्कार भी मिल चुके हैं। सरकार का लक्ष्य है कि हर पंचायत डिजिटल रूप से मजबूत बने, जिससे गांवों में विकास और पारदर्शिता दोनों को बढ़ावा मिल सके।
जल जीवन के लिए पांच राज्यों को मिले 1,561 करोड़ रुपये
केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन (जेजेएम 2.0) के तहत सुधारों की शर्त पूरी करने वाले पांच राज्यों के लिए 1,561.53 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी है। यूपी को सर्वाधिक 792.93 करोड़, छत्तीसगढ़ को 536.53 करोड़ रुपये, मध्य प्रदेश को 154.02 करोड़ रुपये, ओडिशा को 65.31 करोड़ रुपये और महाराष्ट्र को 12.74 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस बार फंड का वितरण 'परफॉर्मेंस-बेस्ड' रखा गया है। मंत्रालय ने बताया कि यह राशि केवल उन्हीं राज्यों को मिली है जिन्होंने रिफॉर्म-लिंक्ड एमओयू (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए और तकनीकी व डेटा अनुपालन की शर्तों को पूरा किया। अब तक 12 राज्य इस समझौते से जुड़ चुके हैं।
केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन (जेजेएम 2.0) के तहत सुधारों की शर्त पूरी करने वाले पांच राज्यों के लिए 1,561.53 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी है। यूपी को सर्वाधिक 792.93 करोड़, छत्तीसगढ़ को 536.53 करोड़ रुपये, मध्य प्रदेश को 154.02 करोड़ रुपये, ओडिशा को 65.31 करोड़ रुपये और महाराष्ट्र को 12.74 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस बार फंड का वितरण 'परफॉर्मेंस-बेस्ड' रखा गया है। मंत्रालय ने बताया कि यह राशि केवल उन्हीं राज्यों को मिली है जिन्होंने रिफॉर्म-लिंक्ड एमओयू (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए और तकनीकी व डेटा अनुपालन की शर्तों को पूरा किया। अब तक 12 राज्य इस समझौते से जुड़ चुके हैं।
एनजीओपीवी का पहला युद्धपोत शचि समुद्र में उतरा, नौसेना की बढ़ी क्षमता
बदलते वैश्विक परिवेश और समुद्री क्षेत्र में बढ़ती रणनीतिक चुनौतियों के बीच भारतीय नौसेना ने अपनी मारक क्षमता और निगरानी तंत्र को और अधिक सशक्त बनाया है। मंगलवार को गोवा शिपयार्ड लि. (जीएसएल) में आयोजित समारोह में अगली पीढ़ी के अपतटीय गश्ती पोत (एनजीओपीवी) श्रेणी के पहले युद्धपोत शिच का जलावतरण किया गया। नौसेना के उप-प्रमुख (डीसीएनएस) वाइस एडमिरल तरुण सोबती ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट और बढ़ती रणनीतिक प्रतिस्पर्धा ने साबित कर दिया है कि एक मजबूत नौसेना देश की सबसे बड़ी जरूरत है।
लंबी दूरी की गश्त में सक्षम
नया पोत अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है। इसे विशेष रूप से लंबी दूरी की गश्त के लिए डिजाइन किया गया है। इसकी लंबाई 113 मीटर और चौड़ाई 14.6 मीटर है। यह 2,600 टन भारी और मारक क्षमता और सहनशक्ति 8,500 समुद्री मील (नॉटिकल माइल्स) है। इसकी कमान एक वरिष्ठ अधिकारी के हाथ में होगी, जिनके नेतृत्व में 19 अधिकारी और 130 नाविक तैनात रहेंगे।
बदलते वैश्विक परिवेश और समुद्री क्षेत्र में बढ़ती रणनीतिक चुनौतियों के बीच भारतीय नौसेना ने अपनी मारक क्षमता और निगरानी तंत्र को और अधिक सशक्त बनाया है। मंगलवार को गोवा शिपयार्ड लि. (जीएसएल) में आयोजित समारोह में अगली पीढ़ी के अपतटीय गश्ती पोत (एनजीओपीवी) श्रेणी के पहले युद्धपोत शिच का जलावतरण किया गया। नौसेना के उप-प्रमुख (डीसीएनएस) वाइस एडमिरल तरुण सोबती ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट और बढ़ती रणनीतिक प्रतिस्पर्धा ने साबित कर दिया है कि एक मजबूत नौसेना देश की सबसे बड़ी जरूरत है।
लंबी दूरी की गश्त में सक्षम
नया पोत अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है। इसे विशेष रूप से लंबी दूरी की गश्त के लिए डिजाइन किया गया है। इसकी लंबाई 113 मीटर और चौड़ाई 14.6 मीटर है। यह 2,600 टन भारी और मारक क्षमता और सहनशक्ति 8,500 समुद्री मील (नॉटिकल माइल्स) है। इसकी कमान एक वरिष्ठ अधिकारी के हाथ में होगी, जिनके नेतृत्व में 19 अधिकारी और 130 नाविक तैनात रहेंगे।
खुफिया जानकारी जुटाने के लिए सुरक्षा एजेंसियां कर रहीं एआई का इस्तेमाल
केंद्र सरकार ने कहा कि देश की सुरक्षा एजेंसियां सोशल मीडिया पर विशाल डाटा का विश्लेषण करने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का इस्तेमाल कर रही हैं। इस दौरान विशाल डाटा सेट का तेज गति से विश्लेषण कर विसंगतियों का पता लगाया जाता है। गृह मंत्रालय ने संसद की एक समिति को यह जानकारी दी। मंत्रालय ने लोकसभा सांसद निशिकांत दुबे की अध्यक्षता वाली संचार और सूचना प्रौद्योगिकी (2024-25) संबंधी स्थायी संसदीय समिति से कहा, सुरक्षा एजेंसियां जानकारी जुटाने के लिए सोशल मीडिया सहित सार्वजनिक स्रोतों से प्राप्त खुली खुफिया जानकारी का उपयोग करती हैं, हालांकि इस प्रक्रिया में निजी डाटा का संग्रह न किए जाने के कारण निजता का कोई उल्लंघन नहीं होता। समिति ने मंत्रालय से जानना चाहा था कि इंटरनेट और सोशल मीडिया से डाटा एकत्र करते समय वह निजता के मुद्दे से कैसे निपटता है। समिति ने सोमवार को अपनी रिपोर्ट संसद में पेश की।
केंद्र सरकार ने कहा कि देश की सुरक्षा एजेंसियां सोशल मीडिया पर विशाल डाटा का विश्लेषण करने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का इस्तेमाल कर रही हैं। इस दौरान विशाल डाटा सेट का तेज गति से विश्लेषण कर विसंगतियों का पता लगाया जाता है। गृह मंत्रालय ने संसद की एक समिति को यह जानकारी दी। मंत्रालय ने लोकसभा सांसद निशिकांत दुबे की अध्यक्षता वाली संचार और सूचना प्रौद्योगिकी (2024-25) संबंधी स्थायी संसदीय समिति से कहा, सुरक्षा एजेंसियां जानकारी जुटाने के लिए सोशल मीडिया सहित सार्वजनिक स्रोतों से प्राप्त खुली खुफिया जानकारी का उपयोग करती हैं, हालांकि इस प्रक्रिया में निजी डाटा का संग्रह न किए जाने के कारण निजता का कोई उल्लंघन नहीं होता। समिति ने मंत्रालय से जानना चाहा था कि इंटरनेट और सोशल मीडिया से डाटा एकत्र करते समय वह निजता के मुद्दे से कैसे निपटता है। समिति ने सोमवार को अपनी रिपोर्ट संसद में पेश की।
महिला आरक्षण: विशेष सत्र बुला कर मई में विधेयक पारित कराएगी सरकार
सरकार संसद और विधानसभाओं में महिला आरक्षण लागू करने के लिए संविधान संशोधन विधेयक पर पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजे आने के बाद सर्वदलीय बैठक बुलाएगी। सरकार सर्वदलीय बैठक के एक सप्ताह बाद बजट सत्र की विशेष बैठक बुला कर संविधान संशोधन विधेयक को पारित कराएगी और जून में परिसीमन आयोग गठित करेगी। सरकार ने कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस समेत कुछ दलों द्वारा गृह मंत्री अमित शाह की सर्वसम्मति बनाने संबंधी पहल से दूरी बरतने के कारण यह फैसला लिया है।
सरकार के सूत्र ने कहा कि इसमें कोई छिपा एजेंडा नहीं है। सरकार 2029 के आम चुनाव से महिला शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करना चाहती है। इसके लिए 2011 के जनगणना को आधार बनाया जाएगा। चूंकि लोकसभा और विधानसभा में आनुपातिक आधार पर सभी राज्यों में 50 फीसदी सीटें बढ़ेंगी, ऐसे में किसी राज्य के साथ अन्याय जैसा सवाल नहीं है। सरकार का प्रयास मई के दूसरे सप्ताह में सर्वदलीय बैठक बुलाने और इसके बाद जल्द से जल्द संसद की विशेष बैठक बुला कर संविधान संशोधन विधेयक पारित कराना है। ब्यूरो
भावी कार्ययोजना भी तैयार : महिला आरक्षण को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए सरकार ने भावी कार्ययोजना भी तैयार कर ली है। इसके तहत सरकार संविधान संशोधन विधेयकों को संसद की मंजूरी मिलने के बाद परिसीमन आयोग गठित करने की प्रक्रिया शुरू कर देगी। सरकार जून महीने में ही आयोग का गठन करने का प्रयास करेगी, जिससे जून 2028 तक उसे आयोग की रिपोर्ट मिल जाए।
सरकार संसद और विधानसभाओं में महिला आरक्षण लागू करने के लिए संविधान संशोधन विधेयक पर पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजे आने के बाद सर्वदलीय बैठक बुलाएगी। सरकार सर्वदलीय बैठक के एक सप्ताह बाद बजट सत्र की विशेष बैठक बुला कर संविधान संशोधन विधेयक को पारित कराएगी और जून में परिसीमन आयोग गठित करेगी। सरकार ने कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस समेत कुछ दलों द्वारा गृह मंत्री अमित शाह की सर्वसम्मति बनाने संबंधी पहल से दूरी बरतने के कारण यह फैसला लिया है।
सरकार के सूत्र ने कहा कि इसमें कोई छिपा एजेंडा नहीं है। सरकार 2029 के आम चुनाव से महिला शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करना चाहती है। इसके लिए 2011 के जनगणना को आधार बनाया जाएगा। चूंकि लोकसभा और विधानसभा में आनुपातिक आधार पर सभी राज्यों में 50 फीसदी सीटें बढ़ेंगी, ऐसे में किसी राज्य के साथ अन्याय जैसा सवाल नहीं है। सरकार का प्रयास मई के दूसरे सप्ताह में सर्वदलीय बैठक बुलाने और इसके बाद जल्द से जल्द संसद की विशेष बैठक बुला कर संविधान संशोधन विधेयक पारित कराना है। ब्यूरो
भावी कार्ययोजना भी तैयार : महिला आरक्षण को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए सरकार ने भावी कार्ययोजना भी तैयार कर ली है। इसके तहत सरकार संविधान संशोधन विधेयकों को संसद की मंजूरी मिलने के बाद परिसीमन आयोग गठित करने की प्रक्रिया शुरू कर देगी। सरकार जून महीने में ही आयोग का गठन करने का प्रयास करेगी, जिससे जून 2028 तक उसे आयोग की रिपोर्ट मिल जाए।
315 करोड़ की धोखाधड़ी में उद्योगपति पवन रुइया गिरफ्तार
पश्चिम बंगाल पुलिस ने 315 करोड़ की साइबर धोखाधड़ी मामले में उद्योगपति पवन रुइया को गिरफ्तार किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस की साइबर अपराध शाखा ने मंगलवार को उद्योगपति पवन रुइया को फर्जी कंपनियों और क्रिप्टोकरेंसी आधारित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े करोड़ों के धोखाधड़ी मामले में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया। बिधाननगर साइबर अपराध पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज होने के बाद रुइया को कोलकाता के बाहरी इलाके न्यू टाउन के एक होटल के पास से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने साइबर अपराध मामलों की अपनी जांच के आधार पर स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया है। आरोप है कि रुइया परिवार से जुड़े फर्जी कंपनियों और व्यक्तियों के बैंक खातों में 315 करोड़ रुपये की रकम जमा है। पुलिस ने बताया कि यह गिरफ्तारी कलकत्ता हाईकोर्ट की ओर से आरोपी व उसके परिवार के सदस्यों को दी गई अंतरिम सुरक्षा को रद्द करने के बाद हुई है।
पश्चिम बंगाल पुलिस ने 315 करोड़ की साइबर धोखाधड़ी मामले में उद्योगपति पवन रुइया को गिरफ्तार किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस की साइबर अपराध शाखा ने मंगलवार को उद्योगपति पवन रुइया को फर्जी कंपनियों और क्रिप्टोकरेंसी आधारित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े करोड़ों के धोखाधड़ी मामले में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया। बिधाननगर साइबर अपराध पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज होने के बाद रुइया को कोलकाता के बाहरी इलाके न्यू टाउन के एक होटल के पास से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने साइबर अपराध मामलों की अपनी जांच के आधार पर स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया है। आरोप है कि रुइया परिवार से जुड़े फर्जी कंपनियों और व्यक्तियों के बैंक खातों में 315 करोड़ रुपये की रकम जमा है। पुलिस ने बताया कि यह गिरफ्तारी कलकत्ता हाईकोर्ट की ओर से आरोपी व उसके परिवार के सदस्यों को दी गई अंतरिम सुरक्षा को रद्द करने के बाद हुई है।
बंगलूरू : इंजीनियर दंपती ने दी जान पत्नी एमएनसी मेें, पति था बेरोजगार
उत्तर बंगलूरू की भारतीय सिटी (निको होम्स) में इंजीनियर दंपती ने आत्महत्या कर ली। मृतकों की पहचान तेलंगाना निवासी भानु चंदर रेड्डी कुंटा (32) और बीबी शाजिया सिराज (31) के रूप में हुई है। भानु चंदर ने पहले फंदे से लटक कर जान दी और उसके सदमे में शाजिया ने 17वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। दरअसल, पिछले सप्ताह शाजिया अपनी मां से मिलने हैदराबाद गई थीं। सोमवार को घर लौटने पर फ्लैट में पति को मृत पाया। फिर उसने भी आत्महत्या कर ली। कोठनूर पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि दंपती नौ साल पहले अंतरजातीय विवाह के बंधन में बंधा था। दोनों पिछले साल अगस्त से बंगलूरू में रह रहे थे। भानु चंदर पिछले साल जून तक अमेरिका में कार्यरत थे। फिर छंटनी के बाद से बेरोजगार और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। वहीं, शाजिया बहुराष्ट्रीय कंपनी में कार्यरत थीं। पुलिस को घटनास्थल से भानु का सुसाइड नोट मिला है। कोठनूर पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने मामले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा-194 के तहत अप्राकृतिक मौत के दो मामले दर्ज किए हैं। जांचकर्ताओं ने बताया कि इस कदम के पीछे वैवाहिक कलह, स्वास्थ्य संबंधी मुद्दे और बेरोजगारी के कारण उपजा तनाव संभावित कारण हो सकते हैं।
उत्तर बंगलूरू की भारतीय सिटी (निको होम्स) में इंजीनियर दंपती ने आत्महत्या कर ली। मृतकों की पहचान तेलंगाना निवासी भानु चंदर रेड्डी कुंटा (32) और बीबी शाजिया सिराज (31) के रूप में हुई है। भानु चंदर ने पहले फंदे से लटक कर जान दी और उसके सदमे में शाजिया ने 17वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। दरअसल, पिछले सप्ताह शाजिया अपनी मां से मिलने हैदराबाद गई थीं। सोमवार को घर लौटने पर फ्लैट में पति को मृत पाया। फिर उसने भी आत्महत्या कर ली। कोठनूर पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि दंपती नौ साल पहले अंतरजातीय विवाह के बंधन में बंधा था। दोनों पिछले साल अगस्त से बंगलूरू में रह रहे थे। भानु चंदर पिछले साल जून तक अमेरिका में कार्यरत थे। फिर छंटनी के बाद से बेरोजगार और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। वहीं, शाजिया बहुराष्ट्रीय कंपनी में कार्यरत थीं। पुलिस को घटनास्थल से भानु का सुसाइड नोट मिला है। कोठनूर पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने मामले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा-194 के तहत अप्राकृतिक मौत के दो मामले दर्ज किए हैं। जांचकर्ताओं ने बताया कि इस कदम के पीछे वैवाहिक कलह, स्वास्थ्य संबंधी मुद्दे और बेरोजगारी के कारण उपजा तनाव संभावित कारण हो सकते हैं।
पांच साल बाद भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल चीन के दौरे पर
भारतीय वाणिज्य मंडलों का एक प्रतिनिधिमंडल पांच साल के गतिरोध के बाद चीन दौरे पर है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली वाणिज्य व उद्योग मंडलों का एक प्रतिनिधिमंडल 29 मार्च से 4 अप्रैल तक शंघाई और चीन के सबसे अधिक औद्योगिक क्षेत्रों में से एक, जियांग्सू प्रांत के दौरे पर है। पूर्वी लद्दाख में 2020 में हुए सैन्य गतिरोध के बाद गत वर्ष द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य करने के बाद, चीन का दौरा करने वाला यह पहला भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल है। ब्रिक्स और एससीओ शिखर सम्मेलनों के दौरान 2024-2025 में पीएम नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग में हुई बैठकों के बाद संबंध सामान्य हुए। शंघाई में महावाणिज्यदूत प्रतीक माथुर ने उद्योग मंडलों के प्रतिनिधिमंडल और पूर्वी चीन की कंपनियों एवं वित्तीय संस्थानों के बीच भारतीय व्यवसायों के साथ सहयोग के अवसरों का पता लगाने के लिए एक व्यापारिक गोलमेज सम्मेलन का आयोजन किया।
भारतीय वाणिज्य मंडलों का एक प्रतिनिधिमंडल पांच साल के गतिरोध के बाद चीन दौरे पर है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली वाणिज्य व उद्योग मंडलों का एक प्रतिनिधिमंडल 29 मार्च से 4 अप्रैल तक शंघाई और चीन के सबसे अधिक औद्योगिक क्षेत्रों में से एक, जियांग्सू प्रांत के दौरे पर है। पूर्वी लद्दाख में 2020 में हुए सैन्य गतिरोध के बाद गत वर्ष द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य करने के बाद, चीन का दौरा करने वाला यह पहला भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल है। ब्रिक्स और एससीओ शिखर सम्मेलनों के दौरान 2024-2025 में पीएम नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग में हुई बैठकों के बाद संबंध सामान्य हुए। शंघाई में महावाणिज्यदूत प्रतीक माथुर ने उद्योग मंडलों के प्रतिनिधिमंडल और पूर्वी चीन की कंपनियों एवं वित्तीय संस्थानों के बीच भारतीय व्यवसायों के साथ सहयोग के अवसरों का पता लगाने के लिए एक व्यापारिक गोलमेज सम्मेलन का आयोजन किया।