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जानिए क्या है ट्रंप की नई मेरिट इमिग्रेशन पॉलिसी, भारतीयों को क्या मिलेगा लाभ

Thu, 02 Mar 2017 07:14 PM IST
amarujala.com- Written by : हरेन्द्र सिंह मोरल
amarujala.com- Written by : हरेन्द्र सिंह मोरल Updated Thu, 02 Mar 2017 07:14 PM IST
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New immigration policy of America, Donald Trump want to apply

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मेरिट बेस्ड इमिग्रेशन पॉलिसी लाने की बात कर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है। अमेरिकी कांग्रेस में दिए अपने पहले भाषण में ही यह घोषणा की है। नई इमिग्रेशन पॉलिसी की वकालत कर ट्रंप ने अमेरिका में काम करने का सपना संजो रहे लोगों की राहें मुश्किल कर दी हैं। हालांकि, भारतीय नजरिए से देखा जाए तो ट्रंप की यह पॉलिसी कुछ फायदेमंद भी हो सकती है, जिसका जिक्र खुद ट्रंप ने अपने भाषण में किया है।

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ट्रंप का दावा है कि नई पॉलिसी से भारतीय पेशेवरों को ज्यादा फायदा मिलेगा, लेकिन आस्ट्रेलिया और कनाडा की तर्ज पर तैयार की जा रही मेरिट बेस्ड इमिग्रेशन पॉलिसी में एक बात तो साफ है कि अब हर किसी के लिए अमेरिका में जाकर काम करना आसान नहीं होगा।
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ट्रंप की नई पॉलिसी के तहत लोगों को कई मापदंडों पर खरा उतरने के बाद ही अमेरिका में प्रवेश दिया जाएगा। तो चलिए आपको विस्तार से बताते हैं नई और पुरानी दोनों इमिग्रेशन पॉलिसी के बारे में-

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ये है पुरानी इमिग्रेशन पॉलिसी

New immigration policy of America, Donald Trump want to apply
अमेरिका में फिलहाल विदेशी पेशेवरों के लिए अस्‍थायी तौर पर एचबी 1 वीजा जारी किया जाता है। जिसके तहत अमेरिका में काम करने वाली कंपनियां विदेशी कामगारों को यह वीजा देकर अपने यहां बुलाती हैं। शुरूआती दौर में यह तीन साल की अवधि के लिए जारी किया जाता है जिसे बाद में छह साल तक के लिए बढ़ाया जा सकता है।

हालांकि, काफी संख्या में विदेशी पेशेवर छह साल की अधिकतम सीमा तय होने के बाद भी अमेरिका में डटे रहते हैं। अमेरिका के होम डिपार्टमेंट के मुताबिक 11 मिलियन माइग्रेंट्स गैरकानूनी तरीके से इस समय देश में रह रहे हैं। जिनकी पहचान करना अब मुश्किल काम हो गया है।

इसके अलावा अमेरिका में रहने के लिए फैमिली बेस्ड इमिग्रेशन सिस्टम सबसे प्रमुख व्यवस्‍था है, जिसके तहत सबसे ज्यादा विदेशी अमेरिका में निवास कर रहे हैं। न्यूयार्क टाइम्स की खबर के अनुसार अमेरिका की नागरिकता पा चुका व्यक्ति अपने नजदीकी रिश्तेदार मसलन बीवी, पति, छोटें बच्चों या माता पिता को साथ रहने के लिए अमेरिका बुला सकता है बाद में उन्हें भी नागरिकता दिलाई जा सकती है।

इसके अलावा जवान बच्चों और भाई बहन को भी सिटिजन रिलेटिव के तहत जारी होने वाले निश्चित वीजा के द्वारा अमेरिका बुलाया जा सकता है। ग्रीन कार्ड धारक स्‍थायी नागरिक भी अपने पति पत्नी या बच्चों को अमेरिका बुलाने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

साल 2014 में दस लाख से ज्यादा स्‍थायी नागरिकता पाने वाले को अमेरिका में प्रवेश दिया गया। यह आंकड़ा अमेरिका में कुल प्रवेश लेने वाले लोगों का 64 फीसदी रहा। जबकि 15 फीसदी लोगों को रोजगार के लिए अमेरिकी वीजा ‌दिया गया। इसके अलावा 13 फीसदी लोगों ने शरणार्थी के तौर पर अमेरिका में प्रवेश किया।

नई मेरिट बेस्ड इमिग्रेशन पॉलिसी

New immigration policy of America, Donald Trump want to apply

ट्रंप ने अमेरिकी कांग्रेस में आस्ट्रेलिया और कनाडा आधारित जिस नई मेरिट बेस्ड पॉलिसी की बात की है उसको लेकर अभी तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। लेकिन अपने भाषण में ट्रंप ने कनाडा और आस्ट्रेलिया की जिस इमिग्रेशन पॉलिसी का जिक्र किया वो करीब करीब एक जैसी ही है। इसमें प्वाइंट बेस्ड सिस्टम के तहत सबसे ज्यादा प्वाइंट पाने वालों को प्राथमिकता दी जाती है।

मसलन कनाडा में 2007 में यह पॉलिसी लागू हुई थी। जिसमें एजुकेशन और स्किल्स के आधार पर अंक दिए जाएंगे। वहीं आस्ट्रेलिया में तीन स्तर पर वीजा दिया जाता है- स्किल्ड, फैमिली और मानवीय आधार पर। स्किल वीजा सिस्टम में अंकों के आधार पर देश में प्रवेश दिया जाता है।

इसमें आवदेन करने वाले की इंग्लिश बोलने की क्षमता, वर्क एक्सपीरिएंस, उम्र, एजुकेशन और उसकी स्किल्स को आधार बना जाता है। इसके आधार पर ही अंक तय होते हैं। जैसे- किसी पीजी छात्र के मुकाबले शोध छात्र को ज्यादा अंक दिए जाएंगे जिसके आधार पर उसे प्राथमिकता मिलेगी। 

फैमिली वीजा के लिए जरूरी है कि आवेदन करने वाले का नजदीकी रिश्तेदार वहां का स्‍थायी नागरिक हो और वह उसे स्पांसर करे। वहीं, रिफ्यूजी लोगों को मानवीय आधार पर वीजा जारी किए जाते हैं। असल में मेरिट बेस्ड इमिग्रेशन पॉलिसी का मूल मकसद ये है कि अब जरूरत और योग्यता के आधार पर ही अमेरिका में दूसरे लोगों को प्रवेश दिया जाए।

सुनें, ट्रंप की पूरी स्पीच
 


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