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बजट 2019: नई सरकार के लिए आसान नहीं होगा राहतों पर कैंची चलाना
Sat, 02 Feb 2019 03:10 AM IST
संदीप भट्ट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संदीप भट्ट
Updated Sat, 02 Feb 2019 03:10 AM IST
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बजट 2019
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विपक्ष की आलोचना से बेपरवाह मोदी सरकार ने शुक्रवार को अंतरिम बजट के बहाने पूर्ण बजट पेश कर दिया। सरकार ने परंपरा के विपरीत अनुदान मांगों को पारित कराने के बदले चुनाव से पहले मतदाताओं को साधने के लिए तमाम लोकलुभावन घोषणाएं कीं। मई में नई सरकार को हालांकि अंतरिम बजट की घोषणा पर कैंची चलाने का अधिकार होगा, लेकिन सत्ता में आते ही वह गरीब, किसान व मध्य वर्ग की नाराजगी का खतरा नहीं उठाना चाहेगी।
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अंतरिम बजट में लोकलुभावन घोषणाओं के जरिये सरकार ने विपक्ष को बुरी तरह उलझा दिया है। करीब 12 करोड़ किसानों को 6000 रुपये में से 2000 रुपये की पहली किस्त आम चुनाव से पूर्व जारी करने को विपक्ष चुनावी शिगूफा नहीं बता पाएगी। यही स्थिति असंगठित क्षेत्र के कामगारों को पेंशन मामले में भी है। जहां तक मध्य वर्ग को कर में राहत देने की बात है, तो कोई दल इसका विरोध नहीं कर पाएगा। जबकि अंतरिम बजट की घोषणाओं को अमलीजामा पहनाने का जिम्मा नई सरकार पर होता है।
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पहले से ही थे पूर्ण बजट के संकेत
सरकार और भाजपा के सूत्र एक हफ्ते से अंतरिम बजट के बहाने पूर्ण बजट पेश करने का संकेत दे रहे थे। एक वरिष्ठ नेता ने याद दिलाया कि सत्ता में आने के बाद ही मोदी सरकार ने बजट पेश करने की तारीख मार्च से घटा कर फरवरी कर दी थी। पीएम मोदी ने उसी दौरान यह रणनीति बना ली थी। उक्त नेता ने तब भी कहा था कि जब संविधान में अंतरिम बजट का प्रावधान नहीं है, तब विपक्ष की इस पर आपत्ति अतार्किक है।
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