{"_id":"60303a961538ea716a642c71","slug":"new-education-policy-draft-of-indian-and-foreign-university-regulations-2021-sent-to-states-and-universities","type":"story","status":"publish","title_hn":"नई शिक्षा नीति: भारतीय और विदेशी विश्वविद्यालय रेग्युलेशन 2021 का ड्राफ्ट राज्यों और विश्वविद्यालयों को भेजा गया","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
नई शिक्षा नीति: भारतीय और विदेशी विश्वविद्यालय रेग्युलेशन 2021 का ड्राफ्ट राज्यों और विश्वविद्यालयों को भेजा गया
Sat, 20 Feb 2021 03:54 AM IST
Kuldeep Singh
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Sat, 20 Feb 2021 03:54 AM IST
विज्ञापन
नई शिक्षा नीति
- फोटो : iStock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नई शिक्षा नीति 2020 के तहत अब शैक्षणिक सत्र 2021-22 से भारतीय उच्च शिक्षण संस्थानों में ड्यूल डिग्री, ज्वाइंट डिग्री और ट्विनिंग प्रोग्राम भी शुरू होगा। सरकार ने भारतीय और विदेशी विश्वविद्यालयों को मिलकर डिग्री प्रोग्राम की पढ़ाई करवाने की मंजूरी दे दी है।
विज्ञापन
राज्यों और विश्वविद्यालयों को यूजीसी (अकेडमिक कॉलारेशन बिटवीन इंडियन एंड फोरन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन टू ऑफर ज्वाइंट डिग्री, ड्यूल डिग्री एंड ट्विनिंग प्रोग्राम) रेग्युलेशन 2021 का ड्राफ्ट भेज दिया गया है। इस पर 5 मार्च तक सुझाव और आपत्तियां दर्ज करवाई जा सकेंगी।
विज्ञापन
केंद्रीय बजट 2021 में इसका प्रावधान किया गया था। यूजीसी के सचिव प्रो. रजनीश जैन की ओर से सभी राज्यों और कुलपतियों को लिखे पत्र में कहा गया है कि आयोग द्वारा गठित कमेटी ने इस रेग्युलेशन 2021 का ड्रॉफ्ट तैयार किया है।
विज्ञापन
नई शिक्षा नीति 2020 के तहत उच्च शिक्षा में छात्रों को दो डिग्री, संयुक्त डिग्री और टवनिंग प्रोग्राम की सुविधा दी जानी है। इसका मकसद गुणवत्ता युक्त शिक्षा के साथ उनके कौशल विकास को बढ़ावा देना है।
ऑनलाइन डिग्री और ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग मोड में पढ़ाई नहीं
रेग्युलेशन 2021 के तहत दो विश्वविद्यालय मिलकर स्नातक, स्नातकोत्तर, पीएचडी और डिप्लोमा प्रोग्राम की पढ़ाई करवा सकेंगे। इसमें पारंपरिक तरीके से ऑफलाइन मोड से ही पढ़ाई होगी। ऑनलाइन डिग्री और ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग मोड के तहत डिग्री प्रोग्राम की पढ़ाई नहीं हो सकेगी।
डिग्री पर भारत और विदेशी यूनिवर्सिटी का नाम
छात्र अब भारत में रहकर विदेशी यूनिवर्सिटी की डिग्री प्राप्त कर सकेंगे। इसमें डिग्री पर दोनों विश्वविद्यालयों के नाम और कोर्स व विषय के नाम लिखे होंगे। पीएचडी में दोनों संस्थानों के गाइड उपलब्ध करवाएं जाएंगे।
टयूशन फीस कैंपस में रहने के दौरान की ही ली जाएगी। डयूल डिग्री में छात्र को 50 फीसदी क्रेडिट भारतीय यूनिवर्सिटी से प्राप्त करने अनिवार्य रहेंगे। यदि कोई छात्र इस प्रकार की डिग्री मोड से पढ़ाई बीच में छोड़ना चाहता होगा, उसका भी विकल्प दिया जाएगा।
भारत की अखंडता प्रभावित करने वाले कोर्स नहीं
सरकार ने बेशक विदेशी विश्वविद्यालयों को देश में आकर भारतीय यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर डिग्री प्रोग्राम की पढ़ाई की अनुमति दे दी है। लेकिन इसकी आड़ में आतंकवाद को प्रोत्साहित और भारत की अखंडता को प्रभावित करने वाले विषय, कोर्स और रिसर्च आदि नहीं की जा सकेगी। यदि कोई विदेशी यूनिवर्सिटी सरकार द्वारा तय नियमों का पालन नहीं करेगी तो समझौता रद हो जाएगा।