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BJP Vs TMC: 'भारत की संस्कृति और भावनाओं से कटी हुई पार्टी है टीएमसी', समिक भट्टाचार्य का सरकार पर करारा हमला

Sat, 19 Jul 2025 07:27 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: पवन पांडेय Updated Sat, 19 Jul 2025 07:27 PM IST
सार

BJP Vs TMC: बंगाल भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष ने साफ कहा कि टीएसी की नीति तुष्टिकरण और सांस्कृतिक कटाव पर आधारित है, जबकि भाजपा भारत की मूल संस्कृति" से जुड़ी हुई है। उन्होंने वादा किया कि आने वाले समय में बंगाल में धर्म, भाषा और संस्कृति को जोड़ने वाली राजनीति होगी, न कि तोड़ने वाली।

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New Bengal BJP chief Samik Bhattacharya says TMC not in sync with culture, ethos of Bharat
समिक भट्टाचार्य, पश्चिम बंगाल भाजपा के नए अध्यक्ष - फोटो : ANI

विस्तार

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नए पश्चिम बंगाल अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने शनिवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर जोरदार हमला करते हुए कहा कि टीएमसी 'भारत की सांस्कृतिक आत्मा और भावनाओं से कट चुकी पार्टी है और वह धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रही है। समिक भट्टाचार्य ने कहा, 'भारत राम है, और राम ही भारत हैं। देश की भावनाएं रामायण से जुड़ी हैं। लेकिन टीएमसी भारत की इस सांस्कृतिक विरासत को नहीं समझती। वह केवल तुष्टिकरण की राजनीति में डूबी है।'
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टीएमसी के आरोप पर किया पलटवार
यह बयान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुक्रवार को दुर्गापुर रैली में 'जय माँ दुर्गा' और 'जय माँ काली' के उद्घोष को लेकर टीएमसी की तरफ से की गई आलोचना के जवाब में दिया। टीएमसी ने भाजपा पर आरोप लगाया था कि वह पहले 'जय श्रीराम' के नारे पर जोर देती थी, अब अचानक दुर्गा और काली के नाम का सहारा लेकर हिंदू भावनाओं को भुनाने की कोशिश कर रही है।
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इंडोनेशिया का उदाहरण देकर भारतीय संस्कृति का किया बखान
समिक भट्टाचार्य ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विविधता और रामायण की छाप सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि इंडोनेशिया जैसे देशों में भी दिखती है, जहां रामायण के पात्रों के नाम पर महलों के नाम रखे गए हैं। 'भारत एक बहुलतावादी देश है, लेकिन टीएमसी त्योहारों को भी राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल करती है।'

'2026 के बाद टीएमसी की राजनीति का अंत होगा'
उन्होंने दावा किया कि 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद 'टीएमसी की विभाजनकारी राजनीति' खत्म हो जाएगी और बंगाल में ऐसा माहौल बनेगा जहां मुहर्रम और दुर्गा पूजा की झांकियां एक साथ, एक ही रास्ते पर शांतिपूर्वक निकलेंगी।


मुस्लिम समुदाय की शिक्षा और प्रगति पर उठाए सवाल
बंगाल भाजपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि टीएमसी मुस्लिम समुदाय के गरीब तबके की शिक्षा और विकास की चिंता नहीं करती, बल्कि कुछ कट्टरपंथी तत्वों को बढ़ावा देती है। उन्होंने कहा, 'जो नेता खुद के बच्चों को बड़े स्कूलों में भेजते हैं, वो गरीब मुसलमानों को सिर्फ मदरसे तक सीमित क्यों रखते हैं?' समिक भट्टाचार्य ने प्रणब मुखर्जी, अधीर चौधरी, अब्दुल मनन और सरदार अमजद अली जैसे कांग्रेस नेताओं का उदाहरण देते हुए कहा कि ये नेता मुस्लिम बहुल इलाकों से जीतते रहे हैं लेकिन उन्होंने कभी धर्म के नाम पर राजनीति नहीं की।

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'वंदे मातरम्', 'जन गण मन' और रवींद्रनाथ टैगोर का उल्लेख
उन्होंने राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्', राष्ट्रगान 'जन गण मन', और रवींद्रनाथ टैगोर व बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय जैसे बंगाल के महापुरुषों का उदाहरण देकर कहा कि ये सब भारत की बहुधर्मी और बहुसांस्कृतिक आत्मा का प्रतीक हैं, जिसे टीएमसी समझ नहीं पा रही।

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