दिल्ली में महंगे डीजल से पड़ोसी राज्यों का बढ़ेगा मुनाफा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली में डीजल की कीमत में इजाफा होने से आसपास के राज्यों को राजस्व का मुनाफा होगा, जबकि खुद दिल्ली को नुकसान होने की संभावना है। कोविड-19 संक्रमण से सुरक्षा के लिए लागू लॉकडाउन के दौरान जरूरी उत्पादों को मुहैया करवाने में जुटे ट्रांसपोर्टर पहले ही श्रमिकों और ड्राइवरों की कमी के कारण परेशानियों से जूझ रहे हैं, अब डीजल पर प्रति लीटर 7.10 रुपये की बढ़ोतरी से बचने के लिए ट्रांसपोर्टर निकटवर्ती राज्यों का रुख करने लगे हैं। दरअसल, पड़ोसी राज्यों से डीजल भरवाने से रोज करीब 1800 से दो हजार रुपये की बचत होगी।
दिल्ली गुड्स ट्रांसपोर्ट आर्गेनाइजेशन के प्रेजीडेंट राजेन्द्र कपूर का कहना है कि लॉकडाउन के दौरान देशभर में आवागमन करने वाले ट्रकों की संख्या घटकर करीब 15 हजार रह गई है। एक ट्रक में रोज औसतन 300 लीटर डीजल दिल्ली में अब तक भरवाया जाता रहा है, लेकिन पहले ही परेशानियों से गुजर रहे ट्रांसपोर्टरों को मजबूरी में दूसरे राज्यों से ईंधन भरवाना होगा, क्योंकि प्रत्येक ट्रक मालिक की जेब पर एक ट्रक पर औसतन दो हजार रुपये का अतिरिक्त खर्च का बोझ बढ़ गया है, यानी दूसरे राज्यों से डीजल भरवाने से ट्रांसपोर्टरों को रोज करीब तीन करोड़ रुपये की बचत होगी।
टैक्स में कटौती की मांग
दिल्ली गुड्स ट्रांसपोर्ट आर्गेनाइजेशन ने दिल्ली के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पेट्रोल-डीजल की कीमत में भारी बढ़ोतरी की निंदा करते हुए ट्रांसपोर्टरों के हितों को ध्यान में रखते हुए टैक्स की दरें घटाने की मांग की है। प्रेजीडेंट राजेन्द्र कपूर के मुताबिक, अगर टैक्स में कमी नहीं की गई तो अधिकतर ट्रकों में दूसरे राज्यों से ही डीजल भरवाने पर रोज हजारों की बचत होगी, इससे दिल्ली सरकार को ही रोज राजस्व का नुकसान होगा। अगर, तत्काल इसमें संशोधन नहीं किया गया तो माल ढुलाई के रेट में भी बढ़ोतरी ट्रांसपोर्टरों की मजबूरी होगी।