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रस्किन बॉन्ड की किताब: लोगों के बेहद करीब थे नेहरू, मोदी की इच्छाशक्ति ने पहुंचाया शीर्ष पर, जानिए बाकी प्रधानमंत्रियों के बारे में क्या कहा
Wed, 16 Feb 2022 06:03 PM IST
Amit Mandal
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Wed, 16 Feb 2022 06:03 PM IST
सार
भारत की आजादी के समय स्कूली छात्र रहे बॉन्ड इस किताब में याद करते हैं कि कैसे शिमला में उनके बोर्डिंग स्कूल में तिरंगा फहराया गया था और ब्रिटेन का झंडा उतार दिया गया था।
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Ruskin Bond book on Indian PM
- फोटो : social media
विस्तार
मशहूर लेखक रस्किन बॉन्ड ने अपनी नई किताब में भारत के सभी प्रधानमंत्रियों के बारे में अपने विचार रखे हैं। बॉन्ड ने कहा है कि भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू लोगों के करीब थे और कई उपहारों और उपलब्धियों वाले व्यक्ति थे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विनम्र शुरुआत वाला व्यक्ति बताते हुए कहा कि उनके राजनीतिक कौशल और योगिक इच्छाशक्ति ने उन्हें शीर्ष पर पहुंचा दिया। "ए लिटिल बुक ऑफ इंडिया: सेलिब्रेटिंग 75 इयर्स ऑफ इंडिपेंडेंस" में रस्किन बॉन्ड ने अपनी यादों और छापों को उस देश को श्रद्धांजलि देने का काम किया है जो 84 वर्षों से उनका घर रहा है।
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बॉन्ड लिखते हैं, हमारे पास कई उत्कृष्ट प्रधानमंत्री रहे हैं- नेहरू, शास्त्री, इंदिरा गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी, मनमोहन सिंह और अब नरेंद्र मोदी, एक विनम्र शुरुआत के व्यक्ति, जिनकी राजनीतिक कुशाग्रता, प्राकृतिक दूरदर्शिता और योगिक इच्छाशक्ति ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है। जनता ने दो आम चुनावों के माध्यम से उन्हें वहीं बनाए रखा है।
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नेहरू की समझ और भाषण कला थी अदभुत
भारत की आजादी के समय स्कूली छात्र रहे बॉन्ड याद करते हैं कि कैसे शिमला में उनके बोर्डिंग स्कूल में तिरंगा फहराया गया था और ब्रिटेन का झंडा उतार दिया गया था। नेहरू के प्रतिष्ठित भाषण के बारे में भी बात करते हुए बॉन्ड कहते हैं कि यह विश्व मामलों में उनके ज्ञान और अंग्रेजी भाषा पर उनकी पकड़ का प्रतिबिंब था। बॉन्ड ने कहा कि नेहरू सुरक्षा को लेकर बेफिक्र थे और अक्सर अपने अंगरक्षकों को गच्चा देते थे। उनमें से एक पूर्व अंगरक्षक जो 1960 के आसपास मुझसे मिला था, उसने कहा कि मुझे उनके साथ रहने में कठिनाई हुई। वह अचानक किसी भी ओर तेजी से चले जाते थे। मैंने पंडित नेहरू के पीछे दौड़ते हुए अपना वजन कम किया था।
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इंदिरा गांधी एक मजबूत नेता थीे
बॉन्ड ने इंदिरा गांधी का वर्णन एक मजबूत नेता के रूप में किया जिन्हें पूर्वी पाकिस्तान में भारतीय सेना भेजने और बांग्लादेश के निर्माण में मदद करने में कोई हिचकिचाहट नहीं थी। बॉन्ड लिखते हैं, लेकिन उनके शासनकाल में में कई उथल-पुथल हुए और लगभग दो साल की अवधि का आपातकाल भी रहा जिसके दौरान उनके अधिकांश राजनीतिक विरोधियों को जेल में डाल दिया गया था। राजीव गांधी के बारे में वे कहते हैं, हालांकि उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि नहीं थी, लेकिन उन्होंने अपने शुभचिंतकों और अपनी मददगार पत्नी की मदद से अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया जब तक कि वह आत्मघाती बम की चपेट में नहीं आए।
अटल बिहारी वाजपेयी की सादगी उनकी पहचान
बॉन्ड के अनुसार अटल बिहारी वाजपेयी एक विनम्र और विचारशील व्यक्ति थे और भाजपा में आकर्षण का केंद्र थे। प्रधानमंत्री बनने से कुछ साल पहले, मैंने उन्हें मसूरी के लंधेर बाजार में घूमते हुए देखा था, उनके साथ सिर्फ एक या दो साथी थे और वह दुकानदारों और अन्य लोगों से बिना किसी दिखावे के बातें करते थे। जब भाजपा सत्ता में आई तो उसी विनम्रता, शिष्टाचार और विचार-विमर्श ने उन्हें अपने पूर्ववर्तियों से बहुत अलग प्रधानमंत्री बना दिया। एक ऐसा व्यक्ति जो कई तरह से लोगों की आकांक्षाओं के साथ पहचान बना सकता था।