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बाबा सिद्दीकी हत्याकांड: अनमोल बिश्नोई की कस्टडी पर कोर्ट सख्त, पुलिस से मांगा जवाब, अदालत में क्या-क्या हुआ?
Wed, 21 Oct 2026 10:35 PM IST
प्रशांत तिवारी
पीटीआई, मुंबई
पीटीआई, मुंबई
Published by: प्रशांत तिवारी
Updated Wed, 21 Oct 2026 10:35 PM IST
सार
बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में अनमोल बिश्नोई की कस्टडी लेने के लिए उठाए गए कदमों का रिकॉर्ड मुंबई पुलिस को 28 अक्टूबर तक अदालत में पेश करना होगा।
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अनमोल बिश्नोई
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
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बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में मुंबई की विशेष अदालत ने पुलिस से पूछा है कि आरोपी अनमोल बिश्नोई को अपनी कस्टडी में लेने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं। अदालत ने पुलिस को 28 अक्टूबर तक इस बारे में पूरी जानकारी देने का निर्देश दिया है।
कोर्ट के आदेश पर पुलिस से मांगा जवाब
बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने अभियोजन पक्ष को साफ निर्देश दिया कि वह बताए कि अनमोल बिश्नोई की कस्टडी लेने के लिए अब तक क्या कोशिशें की गई हैं। यह मामला तब सामने आया, जब बचाव पक्ष ने आरोप लगाया कि अभियोजन पक्ष जानबूझकर सुनवाई में देरी कर रहा है और अदालत के आदेशों का पालन नहीं कर रहा है।
10 जुलाई को भी दिया गया था आदेश
इससे पहले 10 जुलाई को विशेष MCOCA अदालत के जज महेश जाधव ने पुलिस को अनमोल बिश्नोई की पेशी सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कानूनी कदम उठाने को कहा था। अदालत ने यह आदेश बाबा सिद्दीकी के परिवार की याचिका पर दिया था। परिवार ने मांग की थी कि पुलिस को अनमोल की कस्टडी लेने के लिए उचित कदम उठाने का निर्देश दिया जाए।
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पुलिस अधिकारी को जारी हुआ था नोटिस
5 अगस्त को अदालत ने जांच अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसमें पूछा गया था कि 10 जुलाई के आदेश के बावजूद अनमोल बिश्नोई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश क्यों नहीं किया गया और जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए।
सरकारी वकील ने मांगा और समय
बुधवार को सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक महेश मुले ने अदालत को बताया कि जांच अधिकारी मौजूद नहीं हैं और उनकी तबीयत भी ठीक नहीं है। उन्होंने अदालत से कुछ और समय देने की मांग की। मुले ने कहा कि अगली सुनवाई में वह बताएंगे कि अनमोल की कस्टडी हासिल करने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।
परिवार के वकीलों ने जताई नाराजगी
बाबा सिद्दीकी के परिवार की ओर से पेश वकील प्रदीप घरात और त्रिवनकुमार करनानी ने सुनवाई टालने की मांग का विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अभियोजन पक्ष जानबूझकर मामले को आगे बढ़ा रहा है और अदालत के पहले दिए गए आदेशों का पालन नहीं कर रहा है।
28 अक्टूबर तक देना होगा जवाब
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अभियोजन पक्ष को अगली सुनवाई तक का समय दे दिया। साथ ही सख्त निर्देश दिया कि 28 अक्टूबर को अनमोल बिश्नोई की कस्टडी लेने के लिए उठाए गए कदमों का पूरा रिकॉर्ड पेश किया जाए।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को लेकर उठाया था कानूनी सवाल
कारण बताओ नोटिस के जवाब में अभियोजन पक्ष ने पहले कहा था कि किसी मामले में पहली बार गिरफ्तारी के लिए आरोपी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश करना कानूनी रूप से संभव नहीं है। अभियोजन पक्ष ने अनमोल की कस्टडी लेने में अधिकार क्षेत्र से जुड़ी दिक्कतों का भी हवाला दिया था।
तिहाड़ जेल में बंद है अनमोल बिश्नोई
अनमोल बिश्नोई को पहले प्रत्यर्पित किया गया था और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने उसे गिरफ्तार किया था। फिलहाल वह दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। पुलिस के पहले दिए गए जवाब के मुताबिक, केंद्र सरकार ने 5 दिसंबर 2025 को BNSS की धारा 303(1) और गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा 43-D(3) के तहत आदेश जारी किया था। इसके तहत अनमोल को एक साल तक या मुकदमा पूरा होने तक तिहाड़ जेल और दिल्ली के अधिकार क्षेत्र से बाहर ले जाने पर रोक लगाई गई है।
2024 में हुई थी बाबा सिद्दीकी की हत्या
महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता बाबा सिद्दीकी की 12 अक्टूबर 2024 की रात मुंबई के बांद्रा पूर्व इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात उस समय हुई, जब वह अपने बेटे जीशान के दफ्तर के बाहर थे। तीन हमलावरों ने उन पर गोलियां चलाई थीं। सिद्दीकी की उम्र 66 साल थी।
ये भी पढ़ें: टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: गोली लगने से घायल हुआ था व्लॉगर, शरीर से चार दिन बाद निकली बुलेट, अब कैसी है हालत?
लॉरेंस बिश्नोई का भाई है अनमोल
अनमोल बिश्नोई जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का छोटा भाई है। बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में वह वांछित आरोपी है। उसकी कस्टडी हासिल करने को लेकर अब अदालत ने पुलिस से पूरी जानकारी मांगी है।
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कोर्ट के आदेश पर पुलिस से मांगा जवाब
बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने अभियोजन पक्ष को साफ निर्देश दिया कि वह बताए कि अनमोल बिश्नोई की कस्टडी लेने के लिए अब तक क्या कोशिशें की गई हैं। यह मामला तब सामने आया, जब बचाव पक्ष ने आरोप लगाया कि अभियोजन पक्ष जानबूझकर सुनवाई में देरी कर रहा है और अदालत के आदेशों का पालन नहीं कर रहा है।
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10 जुलाई को भी दिया गया था आदेश
इससे पहले 10 जुलाई को विशेष MCOCA अदालत के जज महेश जाधव ने पुलिस को अनमोल बिश्नोई की पेशी सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कानूनी कदम उठाने को कहा था। अदालत ने यह आदेश बाबा सिद्दीकी के परिवार की याचिका पर दिया था। परिवार ने मांग की थी कि पुलिस को अनमोल की कस्टडी लेने के लिए उचित कदम उठाने का निर्देश दिया जाए।
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पुलिस अधिकारी को जारी हुआ था नोटिस
5 अगस्त को अदालत ने जांच अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसमें पूछा गया था कि 10 जुलाई के आदेश के बावजूद अनमोल बिश्नोई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश क्यों नहीं किया गया और जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए।
सरकारी वकील ने मांगा और समय
बुधवार को सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक महेश मुले ने अदालत को बताया कि जांच अधिकारी मौजूद नहीं हैं और उनकी तबीयत भी ठीक नहीं है। उन्होंने अदालत से कुछ और समय देने की मांग की। मुले ने कहा कि अगली सुनवाई में वह बताएंगे कि अनमोल की कस्टडी हासिल करने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।
परिवार के वकीलों ने जताई नाराजगी
बाबा सिद्दीकी के परिवार की ओर से पेश वकील प्रदीप घरात और त्रिवनकुमार करनानी ने सुनवाई टालने की मांग का विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अभियोजन पक्ष जानबूझकर मामले को आगे बढ़ा रहा है और अदालत के पहले दिए गए आदेशों का पालन नहीं कर रहा है।
28 अक्टूबर तक देना होगा जवाब
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अभियोजन पक्ष को अगली सुनवाई तक का समय दे दिया। साथ ही सख्त निर्देश दिया कि 28 अक्टूबर को अनमोल बिश्नोई की कस्टडी लेने के लिए उठाए गए कदमों का पूरा रिकॉर्ड पेश किया जाए।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को लेकर उठाया था कानूनी सवाल
कारण बताओ नोटिस के जवाब में अभियोजन पक्ष ने पहले कहा था कि किसी मामले में पहली बार गिरफ्तारी के लिए आरोपी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश करना कानूनी रूप से संभव नहीं है। अभियोजन पक्ष ने अनमोल की कस्टडी लेने में अधिकार क्षेत्र से जुड़ी दिक्कतों का भी हवाला दिया था।
तिहाड़ जेल में बंद है अनमोल बिश्नोई
अनमोल बिश्नोई को पहले प्रत्यर्पित किया गया था और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने उसे गिरफ्तार किया था। फिलहाल वह दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। पुलिस के पहले दिए गए जवाब के मुताबिक, केंद्र सरकार ने 5 दिसंबर 2025 को BNSS की धारा 303(1) और गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा 43-D(3) के तहत आदेश जारी किया था। इसके तहत अनमोल को एक साल तक या मुकदमा पूरा होने तक तिहाड़ जेल और दिल्ली के अधिकार क्षेत्र से बाहर ले जाने पर रोक लगाई गई है।
2024 में हुई थी बाबा सिद्दीकी की हत्या
महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता बाबा सिद्दीकी की 12 अक्टूबर 2024 की रात मुंबई के बांद्रा पूर्व इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात उस समय हुई, जब वह अपने बेटे जीशान के दफ्तर के बाहर थे। तीन हमलावरों ने उन पर गोलियां चलाई थीं। सिद्दीकी की उम्र 66 साल थी।
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लॉरेंस बिश्नोई का भाई है अनमोल
अनमोल बिश्नोई जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का छोटा भाई है। बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में वह वांछित आरोपी है। उसकी कस्टडी हासिल करने को लेकर अब अदालत ने पुलिस से पूरी जानकारी मांगी है।