नए पाक सेना प्रमुख से सतर्क रहे भारत: जनरल बिक्रम सिंह
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पूर्व भारतीय सेना प्रमुख बिक्रम सिंह ने नए पाक सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा को लेकर भारत को सतर्क किया है। उन्होंने कहा कि बाजवा के रुख को लेकर भारत को बेहद चौकस रहना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र मिशन के तहत कांगो में जनरल बिक्रम सिंह के अंडर में लेफ्टिनेंट जनरल बाजवा काम कर चुके हैं।
बाजवा के बारे में कहा जाता है कि सीमा पर हालिया सैन्य अभ्यास उनके ही दिमाग की उपज थी। वह लेफ्टिनेंट कर्नल के रूप में 10 कोर की भी कमान संभाल चुके हैं, जो पाक सेना की सबसे बड़ी कोर है।
संयुक्त राष्ट्र मिशन में जरनल बिक्रम सिंह डिविजन कमांडर थे, जबकि बाजवा उनके अंडर में ब्रिगेड कमांडर थे। बिक्रम सिंह ने कहा कि लेफ्टिनेंट जनरल बाजवा पूरी तरह से पेशेवर शख्स हैं, जिन्होंने कांगो में उनके अधीन रहकर शानदार प्रदर्शन किया। जब यूएन मिशन के तहत विश्व शांति का लक्ष्य होता है, तो वहां खुशमिजाजी हो सकती है।
इंतजार करो और देखो की नीति अपनाए भारत
हालांकि जब कोई सैन्य अधिकारी एक बार अपने देश वापस चला जाता है, तो चीजें बदल जाती हैं। इसकी वजह यह है कि देशहित सबसे पहले होता है। उन्होंने कहा कि ऐसे में भारत को इंतजार करो और देखो की नीति के साथ सतर्क रहना चाहिए।
एक सवाल के जवाब में पूर्व भारतीय सेना प्रमुख ने कहा कि उनको नहीं लगता कि बाजवा के पदभार संभालने के बाद पाक सेना की नीति में बदलाव आएगा। हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि बाजवा आगे भी घरेलू कट्टरपंथ को पाक के लिए भारत से बड़ा खतरा मानते रहेंगे।
ट्रेनिंग एंड इवैल्युएशन के इंस्पेक्टर जनरल के रूप में सेवाएं दे रहे बाजवा को प्रमोट करके नया सेना प्रमुख बनाया गया है। मेजर जनरल के रूप में बाजवा ने सेना की उत्तरी कमान का नेतृत्व किया। बाजवा क्वेटा के इन्फैंट्री स्कूल के कमांडेंट भी रह चुके हैं। वह कभी सुर्खियों में नहीं रहते हैं, लेकिन अपने सैन्यकर्मियों के साथ बेहतर तालमेल रखते हैं। वह बलोच रेजिमेंट से आते हैं।
इससे पहले बलोच रेजिमेंट के तीन सैन्य अधिकारी पाक सेना प्रमुख रहे चुके हैं।