तीन दशक में सबसे भीषण गर्मी, दो दिन और यही हाल रहा तो टूटेंगे अबतक के सारे रिकॉर्ड
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भारत का करीब दो तिहाई हिस्सा मंगलवार को भी लू की चपेट में रहा। गर्मी पहले के मुकाबले इस बार अधिक लंबे समय तक चल रही है। जिसके कारण कई लोगों की मौत की खबर भी आई। इसके अलावा पानी की समस्या उत्पन्न हो गई, हजारों पर्यटक गर्मी से राहत के लिए पहाड़ी इलाकों में जा रहे हैं, लेकिन इस बार इन इलाकों में भी तापमान अधिक है। उत्तरी, मध्य और प्रायद्वीपीय भारत के बड़े क्षेत्रों में पारा 45 डिग्री के स्तर को पार कर गया है।
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भारत का करीब दो तिहाई हिस्सा मंगलवार को भी लू की चपेट में रहा। गर्मी पहले के मुकाबले इस बार अधिक लंबे समय तक चल रही है। जिसके कारण कई लोगों की मौत की खबर भी आई। इसके अलावा पानी की समस्या उत्पन्न हो गई, हजारों पर्यटक गर्मी से राहत के लिए पहाड़ी इलाकों में जा रहे हैं, लेकिन इस बार इन इलाकों में भी तापमान अधिक है। उत्तरी, मध्य और प्रायद्वीपीय भारत के बड़े क्षेत्रों में पारा 45 डिग्री के स्तर को पार कर गया है।
उत्तर प्रदेश के झांसी, राजस्थान के चूरू और बीकानेर, हरियाणा के हिसार और भिवानी, पंजाब के पटियाला और मध्यप्रदेश के भोपाल और ग्वालियर में गर्मी ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। वहीं अगर राजधानी दिल्ली की बात करें तो यहां सोमवार इतिहास का सबसे गर्म दिन रहा। इस दिन यहां पारा 48 डिग्री सेल्सियस था। दिल्ली के पालम में सुबह के समय हल्की बारिश होने के बावजूद भी पारा 45.4 डिग्री सेल्सियस रहा।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि चक्रवाती तूफान 'वायु' का असर गुजरात के अलावा अन्य क्षेत्रों पर भी पड़ेगा। जिसके चलते मानसून से मिलने वाली राहत में इस बार अधिक समय लगेगा। अगर अगले दो दिनों में भी पारे में कमी नहीं आई तो 2019 में गर्म दिनों की संख्या इतिहास में सबसे अधिक होगी। इस बार लू की खतरनाक स्थिति 32 दिनों तक रही है। इससे पहले 1988 में ऐसे दिनों की संख्या 33 थी, जबकि 2016 में 32 थी।
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार लू (हीटवेव) की स्थिति तब मानी जाती है जब मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस होता है, और पहाड़ी इलाकों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस होता है। भीषण गर्मी के कारण घरों से बाहर निकलते ही लोगों की हालत काफी खराब हो रही है। केरल एक्सप्रेस में सवार 67 लोगों के समूह में से चार बुजुर्गों की मौत गर्मी में दम घुटने के कारण हो गई। ये लोग बिना एसी वाले कोच में आगरा घूमने के बाद वापस तमिलनाडु के कोयंबटूर जा रहे थे।