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ऑटोमेशन खा जाएगी लाखों आईटी नौकरियां, रिपोर्ट में आया सामने
एजेंसी/ नई दिल्ली
Updated Fri, 08 Sep 2017 04:25 AM IST
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ऑटोमेशन और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के कारण 2022 तक भारत के आईटी और बीपीओ उद्योग में कम दक्षता वाले करीब सात लाख कामगार अपनी नौकरियां गंवा सकते हैं। यह बात एक अमेरिकी रिसर्च कंपनी एचएफएस रिसर्च ने अपनी एक रिपोर्ट में कही है। यह हालांकि हर किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस अवधि में मध्यम और उच्च दक्षता वाली नौकरियों में वृद्धि होगी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि ऑटोमेशन और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस को व्यापक रूप से अपनाए जाने के कारण देश के आईटी और बीपीओ सेवा क्षेत्र में कम दक्षता वाले कामगारों की संख्या 2016 के 24 लाख से घटकर 2022 में 17 लाख पर आ सकती है।
हालांकि इसी दौरान देश के आईटी व बीपीओ क्षेत्र में मध्यम दक्षता वाली नौकरियों की संख्या लाख से बढ़कर 10 लाख तक पहुंच सकती है, जबकि उच्च दक्षता वाली नौकरियों की संख्या 3,20,000 से बढ़कर 5,10,000 हो सकती है।
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यही हाल वैश्विक स्तर पर भी है, जहां कम दक्षता वाली आईटी व बीपी नौकरियों में 31 फीसदी गिरावट होने की आशंका है और मध्यम दक्षता वाली नौकरियों में 13 फीसदी वृद्घि होने तथा उच्च दक्षता वाली नौकरियां 57 फीसदी बढ़ने की उम्मीद है।
सभी क्षेत्रों को मिलाकर देखा जाए तो ऑटोमेशन के कारण देश के आईटी व बीपीओ क्षेत्र में करीब साढ़े चार लाख नौकरियां घटेंगी और यह संख्या आलोच्य अवधि में 36.5 लाख से घटकर 32 लाख तक आ सकती है। वहीं, वैश्विक स्तर पर आईटी व बीपीओ क्षेत्र में यह संख्या 7.5 फीसदी तक घट सकती है। और इसकी सर्वाधिक मार भारत, अमेरिका व ब्रिटेन पर पड़ेगी।
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रिपोर्ट में कहा गया है कि ऑटोमेशन और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस को व्यापक रूप से अपनाए जाने के कारण देश के आईटी और बीपीओ सेवा क्षेत्र में कम दक्षता वाले कामगारों की संख्या 2016 के 24 लाख से घटकर 2022 में 17 लाख पर आ सकती है।
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हालांकि इसी दौरान देश के आईटी व बीपीओ क्षेत्र में मध्यम दक्षता वाली नौकरियों की संख्या लाख से बढ़कर 10 लाख तक पहुंच सकती है, जबकि उच्च दक्षता वाली नौकरियों की संख्या 3,20,000 से बढ़कर 5,10,000 हो सकती है।
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यही हाल वैश्विक स्तर पर भी है, जहां कम दक्षता वाली आईटी व बीपी नौकरियों में 31 फीसदी गिरावट होने की आशंका है और मध्यम दक्षता वाली नौकरियों में 13 फीसदी वृद्घि होने तथा उच्च दक्षता वाली नौकरियां 57 फीसदी बढ़ने की उम्मीद है।
सभी क्षेत्रों को मिलाकर देखा जाए तो ऑटोमेशन के कारण देश के आईटी व बीपीओ क्षेत्र में करीब साढ़े चार लाख नौकरियां घटेंगी और यह संख्या आलोच्य अवधि में 36.5 लाख से घटकर 32 लाख तक आ सकती है। वहीं, वैश्विक स्तर पर आईटी व बीपीओ क्षेत्र में यह संख्या 7.5 फीसदी तक घट सकती है। और इसकी सर्वाधिक मार भारत, अमेरिका व ब्रिटेन पर पड़ेगी।