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बच्चों से जुड़ी अश्लील सामग्री वाली करीब 377 वेबसाइटों को हटाया गयाः स्मृति ईरानी

Fri, 29 Nov 2019 03:16 AM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Priyesh Mishra Updated Fri, 29 Nov 2019 03:16 AM IST
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Nearly 377 websites containing Bad content related to children were removed, says Smriti Irani
स्मृति ईरानी (फाइल फोटो) - फोटो : लोकसभा टीवी

महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने बुधवार को राज्यसभा में कहा कि बच्चों से जुड़ी अश्लील सामग्री वाली करीब 377 वेबसाइटों को हटा दिया गया है और बाल उत्पीड़न के संबंध में 50 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।

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शून्यकाल के दौरान अन्नाद्रमुक सदस्य विजिला सत्यानंद द्वारा इंटरनेट पर बच्चों से जुड़ी अश्लील सामग्री का मुद्दा उठाए जाने पर स्मृति ने यह भी कहा कि इस तरह की किसी भी घटना की उन्हें तत्काल सूचना दी जाए ताकि तत्काल कार्रवाई की जा सके।
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विजिला ने कहा था कि मोबाइल फोन और इंटरनेट पर बच्चों से जुड़ी अश्लील सामग्री तक आसानी से पहुंच होने की वजह से बाल उत्पीड़न के मामले बढ़ रहे हैं। उन्होंने इंटरनेट एवं सोशल मीडिया पर ऐसी सामग्री की बहुतायत होने का जिक्र करते हुए कहा कि लगभग हर दिन बच्चियों के यौन उत्पीड़न की खबरें आती हैं।
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उन्होंने कहा कि बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए उन्हें ऐसी सामग्री से बचाना जरूरी है लेकिन पोर्नोग्राफी तक आसानी से पहुंच के कारण बच्चों के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं। इस पर हस्तक्षेप करते हुए स्मृति ने कहा कि बच्चों से जुड़ी अश्लील सामग्री वाली करीब 377 वेबसाइटों को हटा दिया गया है और बाल उत्पीड़न के संबंध में 50 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।

स्मृति ने कहा कि अगर उन्हें घटनाओं का ब्यौरा तत्काल दिया जाए तो वह फौरन प्रशासनिक कार्रवाई करेंगी। विभिन्न दलों के सदस्यों ने इस मुद्दे से स्वयं को संबद्ध किया।

आंगनबाड़ी केंद्र बढ़ाने की कोई योजना नहीं  

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने गुरुवार को राज्यसभा में कहा, राज्यों में नए आंगनबाड़ी केंद्रों को खोलने की कोई योजना नहीं है और अन्य आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को भी भर्ती नहीं किया जाएगा। ईरानी ने बताया कि सरकार ने तीन चरणों में देश भर में 14 लाख आंगनबाड़ी केंद्र खोलने की मंजूरी दी थी।

उन्होंने बताया कि अब तक 13.99 आंगनबाड़ी केंद्र खोलने के लिए राज्यों व केंद्र शासित राज्यों को निर्देश दिए गए हैं जिनमें से 13.77 लाख आंगनबाड़ी केंद्र चालू हैं। इसके बाद नए आंगनबाड़ी केंद्र खोलने की कोई योजना नहीं है।

नो प्रॉफिट नो लॉस के तहत बढ़ाया गया सीबीएसई परीक्षा शुल्क

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने गुरुवार को उच्च सदन में बताया कि दिल्ली सरकार के स्कूलों को छोड़कर सीबीएसई ने दसवीं और बारहवीं की 2020 में होने वाली बोर्ड परीक्षा के लिए नो प्रॉफिट, नो लॉस के तहत परीक्षा शुल्क बढ़ाया गया है।


उन्होंने बताया कि अब परीक्षा के लिए 1200 रुपये देने होंगे जो पहले 750 रुपये था। उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार के 1299 स्कूलों में सभी वर्गों के लिए दसवीं में 375 से 1200 और बारहवीं में 600 से 1200 परीक्षा शुल्क की गई है।
 

जनहित में 96 भ्रष्ट अफसरों को समय से पहले किया सेवानिवृत्त

केंद्र सरकार ने पिछले पांच सालों में 96 भ्रष्ट अधिकारियों को जनहित में समय से पहले सेवानिवृत्त किया है। कार्मिक राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने एक लिखित उत्तर में उच्च सदन को बताया कि जुलाई 2014 से अक्तूबर 2019 तक कुल 96 ग्रुप ए अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

गौरतलब है कि सरकार को ईमानदारी और अक्षमता की कमी होने पर जनहित में ऐसा फैसला लेने की अनुमति है।

सीआईसी में 13 हजार से अधिक मामले एक साल से लंबित

केंद्र सरकार ने गुरुवार को राज्यसभा में बताया कि केंद्रीय सूचना आयोग के पास करीब एक साल से अधिक समय से 13 हजार से अधिक मामले लंबित पड़े हैं। कार्मिक राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा, सीआईसी ने 2019-20 के दौरान 14523 मामले दर्ज किये थे जिनमें से 11117 का निस्तारण हुआ।

वहीं 2018-19 के दौरान कुल 22736 मामले दर्ज हुए जिनमें 17188 का निस्तारण हुआ। इसके अलावा 2017-18 के बीच सीआईसी ने 25815 मामले दर्ज किये थे। सिंह ने बताया कि सरकार आरटीआई कानून को बेहतर ढंग से लागू करने के लिए कदम उठा रही है। 
 

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