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राफेल डील: 2007 की तुलना में 2016 में हुआ सस्ता सौदा?
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 01 Mar 2018 02:35 PM IST
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'36 राफेल' लड़ाकू विमान
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राफेल डील को लेकर मोदी सरकार विपक्ष के निशाने पर है। कांग्रेस इस पर लगातार सवाल उठा रही है। लेकिन सरकार के सूत्र ने दावा किया है कि इस डील में किसी तरह की अनियमितता नहीं हुई है। एनडीए ने साल 2016 में इस डील के लिए जितने दाम चुकाए वह साल 2007 में यूपीए सरकार द्वारा की गई डील के मुकाबले काफी कम है। इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक 2016 में की गई राफेल डील, 2007 में की हुई डील के मुकाबले फायदेमंद है।
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सरकार के अधिकारी ने अखबार से बात करते हुए बताया कि राफेल से अधिक क्षमता वाले 36 यान खरीदे न कि 126। वायुसेना ने जो राफेल फाइनल किए थे वह उन्नत तकनीक और क्षमता वाले हैं। इनमें मीटियर मिसाइल भी जोड़ी गई हैं जिसकी वजह से इसकी कीमत 2011 के मुकाबले बढ़ गई। उस वक्त की डील और 2016 की डील में फर्क है और दोनों पैकेज भी अलग हैं।
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क्या थी डील
पुराने फॉर्मूले के अनुसार साल 2007 में उड़ने को तैयार 18 राफेल विमानों की डील हुई थी। जहां हर राफेल की अनुमानित कीमत 100.85 मिलियन यूरो (2015 में 765 करोड़ रुपये लगभग) थी। साल 2016 में भारत ने फ्रांस से 36 राफेल विमान खरीदे, जिसके बदले में प्रत्येक विमान के लिए 91.7 मिलियन यूरो चुकाये गए। 2015 के यूरो एक्सेंज रेट के मुताबिक यह डील 696 करोड़ रुपये में हो गई। यानी कि 2007 में हुई डील 2016 के मुकाबले महंगी थी।
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