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संदेशखाली मामला: 'राष्ट्रपति शासन के अलावा कोई रास्ता नहीं', महिला आयोग की अध्यक्ष का बड़ा बयान
Mon, 19 Feb 2024 06:45 PM IST
अभिषेक दीक्षित
अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता
अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Mon, 19 Feb 2024 06:45 PM IST
सार
रेखा शर्मा ने कहा कि संदेशखाली में आए दिन महिलाओं पर अत्याचार के आरोप लगते रहे हैं। यहां की महिलाओं को पुलिस पर भरोसा नहीं है।
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महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
पश्चिम बंगाल के संदेशखाली का दौरा करने के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि उन्हें पीड़ितों का दर्द समझने के लिए बिना किसी पद के प्रभावित क्षेत्र का दौरा करना चाहिए। तभी वह यहां की महिलाओं का दर्द समझ सकेंगी।
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रेखा शर्मा ने कहा कि संदेशखाली में आए दिन महिलाओं पर अत्याचार के आरोप लगते रहे हैं। यहां की महिलाओं को पुलिस पर भरोसा नहीं है। रेखा शर्मा ने कहा कि राष्ट्रपति शासन के अलावा और कोई रास्ता नहीं है। वे सोमवार को संदेशखाली दौरा करने के बाद बोल रही थीं। इस दौरान उन्होंने गांवों में जाकर पीड़ित महिलाओं से बातचीत की।
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राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि मुझे आज करीब 18 शिकायती पत्र मिले हैं। इनमें दो दुष्कर्म के आरोप हैं। बाकी सब यौन उत्पीड़न हैं, लेकिन वह छेड़छाड़ भी भयानक है। महिलाओं ने उन्हें बताया कि हमारे कपड़े उतार दिए, इधर छुआ, उधर छुआ।
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उन्होंने कहा कि यहां के हालात इतने खराब हैं कि यहां की महिलाएं मुझे छोड़ना नहीं चाहतीं। वे मुझे पकड़ कर रो रही हैं। बहुत खराब हालत है। मुझे नहीं लगता कि राष्ट्रपति शासन के अलावा कोई रास्ता बचता है। महिलाएं पुलिस भी डरती हैं। मैं लिखित शिकायत की एक प्रति ले रही हूं। रेखा शर्मा का दावा है कि यहां बच्चों के माथे पर पिस्तौल रखकर डराया जाता है। कहा जाता है कि अगर मां ने शिकायत वापस नहीं ली तो गोली मार दी जाएगी।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले एससी कमिश्नर ने भी राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की सिफारिश की थी। राष्ट्रीय अनुसूची आयोग के अध्यक्ष अरुण हलदर ने शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की थी। राष्ट्रीय अनुसूची आयोग के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को उत्तर 24 परगना के संदेशखाली का दौरा किया था।
एक टीवी पत्रकार गिरफ्तार
संदेशखाली पुलिस ने एक टीवी चैनल के पत्रकार को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने का कहना है कि एक महिला की शिकायत पर गिरफ्तार किया गया है। इस बीच राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने कहा है कि वे इस मामले को देखेंगे। पुलिस का कहना है कि एक महिला की शिकायत पर पत्रकार को गिरफ्तार किया गया है।
#WATCH | Kolkata: On the arrest of a journalist associated with Republic TV by West Bengal Police in Sandeshkhali, Mayukh Ranjan Ghosh, Senior Editor at Republic Bangla, says, "We are utterly shocked that police without any 41A notice, without any 91A notice, have dragged a… https://t.co/xb2ufBU5xN pic.twitter.com/DOICU9rpYz
— ANI (@ANI) February 19, 2024
जानकारी के मुताबिक, एक बांग्ला न्यूज चैनल के पत्रकार को लाइव रिपोर्टिंग के दौरान संदेशखाली पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। बंगाल की विपक्षी पार्टी भाजपा ने इसकी कड़ी निंदा की है। भाजपा ने कहा है कि यह लोकतंत्र के लिए काला दिन है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा, मैं इस घटना की कड़ी निंदा करता हूं। भाजपा पत्रकारों के साथ हैं। दूसरी ओर, बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने कहा, वे इस मामले को देखेंगे। दूसरी ओर, एक पुलिस अधिकारी ने बताया एक महिला की शिकायत पर उसे गिरफ्तार किया गया है।