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NCRB: लगातार तीसरे साल भारत का सबसे सुरक्षित शहर बना कोलकाता, जानें दूसरे-तीसरे नंबर पर किन शहरों के नाम
Tue, 05 Dec 2023 03:26 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: श्वेता महतो
Updated Tue, 05 Dec 2023 03:26 PM IST
सार
एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार, 2021 में कोलकाता में प्रति लाख आबादी पर 103.4 संज्ञेय अपराध दर्ज किया गया था। वहीं पुणे में 256.8 और हैदराबाद में 259.9 संज्ञेय अपराध दर्ज हुआ था। यह रैंकिग 20 लाख आबादी वाले19 शहरों की तुलना करने के बाद जारी की गई।
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NCRB
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार कोलकाता भारत का सबसे सुरक्षित शहर है। इसी के साथ कोलकाता को लगातार तीसरे वर्ष सबसे सुरक्षित शहर बताया गया है, जहां प्रति लाख जनसंख्या पर सबसे कम संज्ञेय अपराध दर्ज किया गया है।
एनसीआरबी के डेटा के अनुसार 2022 में प्रति लाख आबादी में 86.5 संज्ञेय अपराध के मामले दर्ज किए गए थे। वहीं पुणे में 280.7 तो हैदराबाद में 299.2 मामले दर्ज हुए। संज्ञेय अपराध वह है, जिसपर भारतीय दंड संहिता और विशेष और स्थानीय नियम के तहत मामला दर्ज किया जाता है।
एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार, 2021 में कोलकाता में प्रति लाख आबादी पर 103.4 संज्ञेय अपराध दर्ज किया गया था। वहीं पुणे में 256.8 और हैदराबाद में 259.9 संज्ञेय अपराध दर्ज हुआ था। यह रैंकिग 20 लाख आबादी वाले19 शहरों की तुलना करने के बाद जारी की गई। रिपोर्ट में बताया गया कि कोलकाता में महिलाओं के साथ होने वाले अपराध में वृद्धि हुई है। जहां 2021 में 1,783 मामले थे तो वहीं 2022 में यह बढ़कर 1,890 हो गया।
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कोलकाता में महिलाओं के खिलाफ अपराध दर प्रति लाख आबादी पर 27.1 है। इस साल पूर्वी मेट्रोपोलिस के अनुसार शहर में हिंसक अपराध में भी गिरावट आई है। इस साल केवल 34 हत्या के मामले दर्ज हुए हैं। यह पिछले 45 वर्षों में पहली बार ऐसा हुआ है।
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एनसीआरबी के डेटा के अनुसार 2022 में प्रति लाख आबादी में 86.5 संज्ञेय अपराध के मामले दर्ज किए गए थे। वहीं पुणे में 280.7 तो हैदराबाद में 299.2 मामले दर्ज हुए। संज्ञेय अपराध वह है, जिसपर भारतीय दंड संहिता और विशेष और स्थानीय नियम के तहत मामला दर्ज किया जाता है।
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एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार, 2021 में कोलकाता में प्रति लाख आबादी पर 103.4 संज्ञेय अपराध दर्ज किया गया था। वहीं पुणे में 256.8 और हैदराबाद में 259.9 संज्ञेय अपराध दर्ज हुआ था। यह रैंकिग 20 लाख आबादी वाले19 शहरों की तुलना करने के बाद जारी की गई। रिपोर्ट में बताया गया कि कोलकाता में महिलाओं के साथ होने वाले अपराध में वृद्धि हुई है। जहां 2021 में 1,783 मामले थे तो वहीं 2022 में यह बढ़कर 1,890 हो गया।
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कोलकाता में महिलाओं के खिलाफ अपराध दर प्रति लाख आबादी पर 27.1 है। इस साल पूर्वी मेट्रोपोलिस के अनुसार शहर में हिंसक अपराध में भी गिरावट आई है। इस साल केवल 34 हत्या के मामले दर्ज हुए हैं। यह पिछले 45 वर्षों में पहली बार ऐसा हुआ है।