{"_id":"5ff7819b07a7166d1051a1c6","slug":"ncpcr-released-a-notice-to-online-gaming-companies","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को एनसीपीसीआर ने जारी किया नोटिस","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को एनसीपीसीआर ने जारी किया नोटिस
Fri, 08 Jan 2021 03:18 AM IST
Kuldeep Singh
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Fri, 08 Jan 2021 03:18 AM IST
विज्ञापन
एनसीपीसीआर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बच्चों में जुआ, सट्टेबाजी और शोषण की प्रवृत्ति को बढ़ावा दे रहीं गेमिंग साइट्स को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने नोटिस जारी किया है। इन साइट्स में प्रमुख रूप से प्ले गेम 24 इनटू सेवन, ड्रीम स्पोर्ट्स, माईटीम-11, फैंटेसी स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। एनसीपीसीआर ने अभिभावकों की शिकायत के बाद यह कदम उठाया है।
विज्ञापन
गेमिंग साइट्स बच्चों में जुआ, सट्टेबाजी और शोषण की प्रवृत्ति बढ़ा रहीं: प्रियांक कानूनगो
एनसीपीसीआर ने गेमिंग साइट्स को यह बताने को कहा है कि बच्चों को भ्रमित करने से बचाने के लिए वे किन दिशा निर्देशों का पालन कर रहे हैं। साथ ही पूछा कि उनकी साइट्स पर हो रहे बाल अधिकारों के हनन को तत्काल प्रभाव से रोकने के लिए क्या कदम उठाए हैं। आयोग ने कहा, जुआ और सट्टेबाजी की प्रवृत्ति से बच्चों के शोषण की संभावनाओं के साथ-साथ साइबर गुंडागर्दी भी बढ़ रही है।
विज्ञापन
आयोग को एक शिकायतकर्ता ने बताया कि उनके 14 साल के बेटे को ड्रीम-11 व माई टीम सर्किल खेल की ऐसी लत लगी है कि उसने एक साल में इन गेमिंग साइट्स पर 50-50 हजार रुपये लगा दिए।
विज्ञापन
आयोग के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने कहा, ये साइट्स बच्चों को लुभाती हैं, जिसके चलते बच्चे कल्पना लोक की फैंटेसी के चलते अभिभावकों के पैसे इन गेमिंग साइट्स पर खर्च कर रहे हैं। इनमें जुआ और सट्टेबाजी की लत लग रही है। बच्चों को इस तरह से अनैतिक गतिविधियों में शामिल करने पर इन साइट्स के खिलाफ आपराधिक मामला बनता है। आयोग इस मामले में आंतरिक जांच कर रही है।