{"_id":"6449bb23dcae8e64490f31a6","slug":"ncpcr-asks-bournvita-to-remove-misleading-ads-amid-claims-of-high-sugar-content-2023-04-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bournvita Row: बॉर्नविटा को भ्रामक विज्ञापन हटाने के निर्देश, बाल आयोग ने सात दिन में मांगी रिपोर्ट","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Bournvita Row: बॉर्नविटा को भ्रामक विज्ञापन हटाने के निर्देश, बाल आयोग ने सात दिन में मांगी रिपोर्ट
Thu, 27 Apr 2023 05:30 AM IST
गुलाम अहमद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गुलाम अहमद
Updated Thu, 27 Apr 2023 05:30 AM IST
सार
बाल आयोग ने कंपनी की भारतीय इकाई के अध्यक्ष दीपक अय्यर के नाम भेजे नोटिस में लिखा, आयोग के संज्ञान में आया है कि कंपनी के बनाए उत्पाद की पैकेजिंग, लेबलिंग, डिस्प्ले और विज्ञापनों से ग्राहकों को भ्रमित किया जा रहा है।
विज्ञापन
एनसीपीसीआर
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बच्चों की सेहत बढ़ाने का दावा करने वाले बॉर्नविटा में करीब आधी शक्कर होने के आरोप के बाद इसकी मालिकाना कंपनी मोंडेलेज इंडिया को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने नोटिस भेजा है। उसे भ्रामक विज्ञापन, पैकेजिंग और लेबल हटाने को कहा गया है। सात दिन में कंपनी का जवाब व विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी है।
विज्ञापन
आरोप है कि ‘हेल्थ ड्रिंक’ के नाम पर बेचे जा रहे बॉर्नविटा में ज्यादा चीनी होने से डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है। यह दावा विश्लेषक रेवंत हिमतसिंग्का ने एक वीडियो पोस्ट कर किया था। वीडियो वायरल हुआ तो कंपनी ने रेवंत को कानूनी नोटिस भेजा, जिस पर रेवंत ने सभी जगह से यह वीडियो डिलीट कर दिया। हालांकि, तब तक इसे 1.20 करोड़ लोग देख चुके थे, इसे कई और जगह फैलाया जाने लगा। दूसरी ओर, बाल आयोग को शिकायत मिली कि बॉर्नविटा से बच्चों को शारीरिक वृद्धि और विकास में मदद मिलने का दावा किया गया है, जबकि यह बच्चों की सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। आयोग ने अब नोटिस भेजकर भ्रामक विज्ञापन, पैकेजिंग, लेबल वापस लेने की विस्तृत रिपोर्ट भेजने को कहा है।
विज्ञापन
ग्राहकों को भ्रमित किया जा रहा
आयोग ने कंपनी की भारतीय इकाई के अध्यक्ष दीपक अय्यर के नाम भेजे नोटिस में लिखा, आयोग के संज्ञान में आया है कि कंपनी के बनाए उत्पाद की पैकेजिंग, लेबलिंग, डिस्प्ले और विज्ञापनों से ग्राहकों को भ्रमित किया जा रहा है। लेबल व पैकेजिंग पर सही जानकारियां भी नहीं दी जा रहीं।
विज्ञापन
कंपनी की सफाई
रेवंत के वीडियो पर बॉर्नविटा के प्रवक्ता ने दावा किया था कि 70 वर्षों में वैज्ञानिक ढंग से बने उत्पाद से कंपनी ने भारतीय ग्राहकों का विश्वास अर्जित किया है। उत्पाद कानूनों का पालन कर बनाए गए हैं। कंपनी के सभी दावों की पुष्टि की गई है, और वे पारदर्शी हैं।