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Maharashtra: मराठा आरक्षण कार्यकर्ताओं ने शरद पवार की राकांपा के प्रदेशाध्यक्ष को घेरा, कोटे को लेकर पूछा रुख
Mon, 19 Aug 2024 12:08 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: श्वेता महतो
Updated Mon, 19 Aug 2024 12:08 PM IST
सार
कार्यकर्ता चाहते थे कि जयंत पाटिल आरक्षण के मुद्दे को लेकर पार्टी के रुख पर बयान दें। घनस्वांगी में भी राकांपा-एसपी नेता को इसी तरह के घटना को सामना करना पड़ा था। बता दें कि महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण आंदोलन का नेतृत्व मनोज जरांगे कर रहे हैं।
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जयंत पाटिल।
- फोटो : ANI
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विस्तार
मराठा आरक्षण के कार्यकर्ताओं ने राकांपा-एसपी के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल से मुलाकात की। कार्यकर्ताओं ने उनसे आरक्षण को लेकर पार्टी का रुख पूछा। रविवार को बदनापुर में राकांपा-एसपी के शिवराज्य यात्रा के दौरान मराठा आरक्षण कार्यकर्ताओं ने जयंत पाटिल से मुलाकात की। इस दौरान पाटिल के साथ लोकसभा सांसद अमोल कोल्हे और विधायक राजेश टोपे भी मौजूद थे।
कार्यकर्ता चाहते थे कि जयंत पाटिल आरक्षण के मुद्दे को लेकर पार्टी के रुख पर बयान दें। घनस्वांगी में भी राकांपा-एसपी नेता को इसी तरह के घटना को सामना करना पड़ा था। बता दें कि महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण आंदोलन का नेतृत्व मनोज जरांगे कर रहे हैं।
भोकरदन में यात्रा के दौरान कई लोगों ने नारेबाजी भी की थी। उन्होंने पाटिल को बोलने का भी मौका नहीं दिया। पाटिल ने अपना संबोधन यह कहते हुए समाप्त किया कि टोपे उनसे अच्छा बोलते हैं और उन्हें (जयंत) इसमें कुछ भी कहने की आवश्यकता नहीं है। इसी के साथ उन्होंने भीड़ को अनुशासनहीनता के लिए चेतावनी भी दी।
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कार्यकर्ता चाहते थे कि जयंत पाटिल आरक्षण के मुद्दे को लेकर पार्टी के रुख पर बयान दें। घनस्वांगी में भी राकांपा-एसपी नेता को इसी तरह के घटना को सामना करना पड़ा था। बता दें कि महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण आंदोलन का नेतृत्व मनोज जरांगे कर रहे हैं।
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भोकरदन में यात्रा के दौरान कई लोगों ने नारेबाजी भी की थी। उन्होंने पाटिल को बोलने का भी मौका नहीं दिया। पाटिल ने अपना संबोधन यह कहते हुए समाप्त किया कि टोपे उनसे अच्छा बोलते हैं और उन्हें (जयंत) इसमें कुछ भी कहने की आवश्यकता नहीं है। इसी के साथ उन्होंने भीड़ को अनुशासनहीनता के लिए चेतावनी भी दी।
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