{"_id":"6166b29e8ebc3e62985f712b","slug":"ncp-leader-sharad-pawar-attacks-centre-and-up-bjp-on-lakhimpur-kheri-violence-asks-for-mos-ajay-mishra-resignation","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"महाराष्ट्र: 'एनसीबी से बेहतर काम करता है मुंबई पुलिस का एंटी-नारकोटिक्स सेल', हाई-प्रोफाइल छापों पर पवार का निशाना","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
महाराष्ट्र: 'एनसीबी से बेहतर काम करता है मुंबई पुलिस का एंटी-नारकोटिक्स सेल', हाई-प्रोफाइल छापों पर पवार का निशाना
Wed, 13 Oct 2021 03:49 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Wed, 13 Oct 2021 03:49 PM IST
सार
पवार ने इससे पहले आरोप लगाया था कि भाजपा किसान विरोधी है और सत्ता के दुरुपयोग में लिप्त है। उन्होंने 11 अक्तूबर को लखीमपुर हिंसा के विरोध में महाराष्ट्र बंद का भी आह्वान किया था।
विज्ञापन
एनसीपी प्रमुख शरद पवार
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता शरद पवार ने लखीमपुर हिंसा से लेकर महाराष्ट्र में ड्रग्स पकड़ने के लिए एनसीबी के छापों पर निशाना साधा है। पवार ने आरोप लगाया कि सीबीआई, ईडी और एनसीबी जैसी केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एनसीबी से बेहतर काम तो मुंबई पुलिस का एंटी-नारकोटिक्स सेल करता है। बता दें कि महाराष्ट्र में एनसीबी के कुछ हाई-प्रोफाइल छापों के बाद महाविकास अघाड़ी और खासकर राकांपा ने एनसीबी पर जबरदस्त निशाना साधा है।
'फडणवीस को लगता है कि वह अब भी सीएम है'
पवार ने महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, "ये अच्छा है कि देवेंद्र फडणवीस अभी अपने आप को मुख्यमंत्री समझता है। मैं उन्हें बधाई देता हूं। पांच साल तक सीएम रहने के बाद फडणवीस को लगता है कि यह पद अभी भी उनके पास है। लेकिन मेरे अंदर यह लक्षण नहीं थे। मैं चार बार महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री रहा और मुझे याद तक नहीं है।"
यूपी सरकार पर भी साधा निशाना
इसके अलावा पवार ने एक बार फिर केंद्र और उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। पवार ने कहा है कि लखीमपुर में किसानों को कुचल कर मौत के घाट उतार दिया गया। किसानों का कहना था कि केंद्रीय राज्य मंत्री का बेटा घटनास्थल पर मौजूद था। सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद उनका बेटा गिरफ्तार कर लिया जाता है। सत्तासीन पार्टी को एक पक्ष रखना चाहिए। न ही यूपी सीएम (योगी आदित्यनाथ) और न ही राज्यमंत्री इस मामले में जिम्मेदारी से भाग सकते हैं। राज्य मंत्री को तो इस्तीफा देना चाहिए।
विज्ञापन
यूपी सरकार पर पहले भी हमलावर रहे हैं पवार
बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब शरद पवार ने लखीमपुर हिंसा पर कुछ बयान दिया है। इससे पहले उन्होंने लखीमपुर खीरी हिंसा की तुलना ब्रिटिश राज में हुए जलियांवाला बाग नरसंहार से की थी। पवार ने यह भी कहा था कि जनता को भाजपा को उसकी जगह दिखा देना चाहिए।
पवार ने आरोप लगाया था कि भाजपा किसान विरोधी है और सत्ता के दुरुपयोग में लिप्त है। महाराष्ट्र में सत्ताधारी महाविकास अघाड़ी गठबंधन का हिस्सा रहने वाले शरद पवार ने लखीमपुर हिंसा के विरोध में 11 अक्तूबर को पूर्ण महाराष्ट्र बंद का आह्वान भी किया था।
विज्ञापन
'फडणवीस को लगता है कि वह अब भी सीएम है'
पवार ने महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, "ये अच्छा है कि देवेंद्र फडणवीस अभी अपने आप को मुख्यमंत्री समझता है। मैं उन्हें बधाई देता हूं। पांच साल तक सीएम रहने के बाद फडणवीस को लगता है कि यह पद अभी भी उनके पास है। लेकिन मेरे अंदर यह लक्षण नहीं थे। मैं चार बार महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री रहा और मुझे याद तक नहीं है।"
विज्ञापन
यूपी सरकार पर भी साधा निशाना
इसके अलावा पवार ने एक बार फिर केंद्र और उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। पवार ने कहा है कि लखीमपुर में किसानों को कुचल कर मौत के घाट उतार दिया गया। किसानों का कहना था कि केंद्रीय राज्य मंत्री का बेटा घटनास्थल पर मौजूद था। सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद उनका बेटा गिरफ्तार कर लिया जाता है। सत्तासीन पार्टी को एक पक्ष रखना चाहिए। न ही यूपी सीएम (योगी आदित्यनाथ) और न ही राज्यमंत्री इस मामले में जिम्मेदारी से भाग सकते हैं। राज्य मंत्री को तो इस्तीफा देना चाहिए।
विज्ञापन
यूपी सरकार पर पहले भी हमलावर रहे हैं पवार
बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब शरद पवार ने लखीमपुर हिंसा पर कुछ बयान दिया है। इससे पहले उन्होंने लखीमपुर खीरी हिंसा की तुलना ब्रिटिश राज में हुए जलियांवाला बाग नरसंहार से की थी। पवार ने यह भी कहा था कि जनता को भाजपा को उसकी जगह दिखा देना चाहिए।
पवार ने आरोप लगाया था कि भाजपा किसान विरोधी है और सत्ता के दुरुपयोग में लिप्त है। महाराष्ट्र में सत्ताधारी महाविकास अघाड़ी गठबंधन का हिस्सा रहने वाले शरद पवार ने लखीमपुर हिंसा के विरोध में 11 अक्तूबर को पूर्ण महाराष्ट्र बंद का आह्वान भी किया था।